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मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित “आजादी की गढ़-गाथा” फोटो प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में फीता काटकर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी अत्यंत ज्ञानवर्धक है। हमारे आज़ादी के जननायकों की कहानी और उनके योगदान की जानकारी आम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी का विषय “आजादी की गढ़-गाथा” है, जो स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ियों के संघर्ष की प्रेरक और गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है। इसमें विशेष रूप से परलकोट विद्रोह (1825) के नायक शहीद गैंद सिंह, 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की गिरफ्तारी और फांसी से संबंधित दस्तावेज, शहीद सुरेन्द्र साय, 1910 के आंदोलन के महानायक शहीद गुंडाधुर, कंडेल नहर सत्याग्रह (1920), छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी का आगमन सहित प्रदेश के अमर वीर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी घटनाओं का जीवंत चित्रण किया गया है। यह प्रदर्शनी 19 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे तो मंज़िल ज़रूर मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।

25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन

महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।

विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण

शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।

संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित यह प्रर्दशनी हमारे युवाओं और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, हमारे जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। प्रदर्शनी में इन सभी तथ्यों को अत्यंत सुंदर, सुसंगठित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन हॉल के ऐतिहासिक भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लिया क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा, छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक सवालों के दिए जवाब

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ की जानकारी पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया और पूछे गए सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों से जुड़े अत्यंत रोचक प्रश्न शामिल हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इतनी व्यापक, सुंदर और व्यवस्थित जानकारी एक ही स्थान पर संकलित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्हें भी कई नई और दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुईं। यह निश्चित रूप से बच्चों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन करें, बल्कि यहां आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उत्साहपूर्वक भाग लें।

दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण और आधुनिक तकनीक का संगम

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, उनके संघर्ष, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, जैसे भारत छोड़ो आंदोलन सहित कई महत्वपूर्ण संघर्षों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी इसमें विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों तथा प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।

इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। प्रसिद्ध क्विज शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित “कोन बनही गुनिया” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है, जिसमें सभी लोग भाग लेकर पुरस्कार जीत सकते हैं।

जनसंपर्क विभाग द्वारा 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में किया ध्वजारोहण

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के योजना, नीति, कृषि एवं ग्रामीण विकास सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

रायगढ़ जिले में महिला स्व सहायता समूहों ने शुरू किया ‘रेडी-टू-ईट’ का उत्पादन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार “रेडी-टू-ईट” निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से “रेडी-टू-ईट” उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में “रेडी-टू-ईट” निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।

मरीजों से भरे पाकिस्तान के अस्पताल, मूसलाधार बारिश से 300 की मौत

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. पिछले दो दिनों में आई बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 307 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं. यह इस साल के मानसून का सबसे भीषण हादसा बताया जा रहा है. प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) ने बताया कि सबसे ज़्यादा तबाही इस्लामाबाद के उत्तर में बने बुनर जिले में हुई, जहां 184 से ज्यादा लोगों की जान गई. स्थानीय निवासी रिज़वान उल हक़ ने इसे क़यामत जैसा मंजर बताया. उनके मुताबिक, सैकड़ों लोग मारे गए, हजारों घायल हैं, अनगिनत घर और मवेशी बह गए.

देश का अगला उपराष्‍ट्रपति मुस्लिम होगा…..रेस में कितने दिग्‍गज, BJP से कौन मारेगा बाजी

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उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्‍तीफे के बाद रिक्‍त हुए पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. अगले महीने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्‍ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी अपने उम्‍मीदवार को तय करने की प्रक्रिया में जुट गई है. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने कई नामों पर विचार करना शुरू किया है, जिनमें दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल वीके सक्‍सेना और बिहार के राज्‍यपाल अरिफ मोहम्‍मद खान प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार, गुजरात के राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत, कर्नाटक के राज्‍यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्‍यपाल ओम माथुर और जम्‍मू-कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा भी भाजपा की संभावित सूची में शामिल हैं. यही नहीं राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक शेषाद्रि चारी का नाम भी चर्चा में है. इसके अलावा राज्‍यसभा उपसभापति हरिवंश को भी उम्‍मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए हरिवंश का नाम राजनीतिक रूप से अहम हो सकता है. हालांकि, भाजपा के कई नेता पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगला उपराष्‍ट्रपति उनकी पार्टी का होगा और वह आरएसएस की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हुआ चेहरा होगा.
पीएम और शीर्ष नेतृत्‍व से मुलाकातें
पिछले एक महीने में कई राज्‍यपाल और उपराज्‍यपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर चुके हैं. इन बैठकों को उम्‍मीदवारी की दिशा में अहम माना जा रहा है. भाजपा का संगठन अब इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है. सूत्रों का कहना है कि जल्‍द ही पार्टी शीर्ष नेताओं और सहयोगी दलों के साथ एक महाबैठक कर सकती है. इसे भाजपा-एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है.

संख्‍याबल के लिहाज से भाजपा-एनडीए को इस चुनाव में कोई खास चुनौती नजर नहीं आ रही है. उपराष्‍ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्‍यसभा दोनों सदनों के सांसदों द्वारा किया जाता है. इसमें राज्‍यसभा के नामित सदस्‍य भी मतदान करते हैं. एनडीए के पास इन दोनों सदनों में आरामदायक बहुमत है. यही कारण है कि पार्टी उम्‍मीदवार चयन की प्रक्रिया को रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ा रही है और किसी भी तरह का संदेश देने में चूक नहीं करना चाहती.
एनडीए की बड़ी बैठक
सूत्रों के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत पर मंगलवार को भाजपा की संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी एनडीए सांसद शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में सांसदों को संबोधित कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में उम्‍मीदवार को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है.

संवैधानिक प्रावधान और प्रक्रिया
भारतीय संविधान के मुताबिक, उपराष्‍ट्रपति का चुनाव पांच साल के लिए होता है. यदि मध्‍यावधि चुनाव होते हैं तो भी नया उपराष्‍ट्रपति पूरा कार्यकाल (पांच वर्ष) पूरा करता है. उम्‍मीदवार के लिए जरूरी है कि वह भारत का नागरिक हो, कम से कम 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और राज्‍यसभा का सदस्‍य चुने जाने की योग्‍यता रखता हो. कोई भी व्‍यक्ति सरकारी सेवा या लाभ के पद पर रहते हुए इस पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकता.

ट्रेड डील पर बातचीत के लिए अमेरिकी टीम 25 अगस्त की भारत यात्रा टाल सकती है: अधिकारी

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. ट्रेड डील वार्ता के लिए 25 अगस्त से अमेरिकी टीम की भारत यात्रा टल सकती है. एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित ट्रेड डील पर अगले दौर की वार्ता के लिए अभी भारत नहीं आएगी. 25 अगस्त से भारत आने वाली अमेरिकी टीम बैठक को बाद की तारीख तक टाल सकती है. प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है. छठे दौर की वार्ता के लिए एक अमेरिकी टीम भारत आने वाली थी.
दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर वार्ता 25-29 अगस्त के बीच निर्धारित की गई थी. नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी टीम की यह भारत यात्रा फिर से निर्धारित की जाएगी. बैठक टलने की बात ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है.
अमेरिका, भारत के कृषि और डेयरी सेक्टर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक बाजार पहुंच की मांग कर रहा है. अमेरिका की इसी मांग को भारत मानने से इनकार कर रहा है. भारत का मानना है कि अगर कृषि और डेयरी सेक्टर में अमेरिका की पहुंच होती है तो यह छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है.
यही वजह है कि ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के बावजूद भारत ने कहा है कि वह किसानों और पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं करेगा. अमेरिका और भारत ने 2025 के सितंबर-अक्टूबर तक बीटीए यानी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करने की योजना की घोषणा की है. दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रख रहे हैं.
इस बीच भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ 7 अगस्त से प्रभावी हो गया है. भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगी. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई के दौरान देश का अमेरिका को निर्यात 21.64 प्रतिशत बढ़कर 33.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 12.33 प्रतिशत बढ़कर 17.41 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया,

जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर! कठुआ में बादल फटने से मची ऐसी तबाही…अब तक 7 की मौत

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जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर कुदरत ने कहर बरपाया है. जम्मू- कश्मीर में तबाही का सिलसिला जारी है. पहले किश्तवाड़ में तबाही और अब कठुआ (Cloudburst in Kathua) में सैलाब ने सबको डरा दिया है. किश्तवाड़ में हाल ही में आई आपदा के बाद अब कठुआ जिले में रविवार तड़के बादल फटा. कठुआ में बादल फटने की घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. कई घर मलबों में तब्दील हो चुके हैं और कई अब भी लापता हैं.
दरअसल, कठुआ इलाके में मौसम दगा देगा, इसकी भविष्यवाणी हो चुकी थी. मगर किसी को यकीन नहीं था कि कुदर इस कदर कहर बरपाएगा. कठुआ जिले में रविवार तड़के अचानक बादल फटा. देखते ही देखते पानी का सैलाब आसपास के इलाकों को अपने साथ बहा ले गया. इस आपदा में 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे और कठुआ थाना परिसर को भी नुकसान पहुंचा है. कठुआ में तीन लोकेशन पर बादल फटे हैं. यही वजह है कि भारी तबाही की आशंका है. फिलहाल, रेस्क्यू का काम जारी है.
बादल फटे और लैंडस्लाइड भी
कठुआ के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को बादल फटने की यह घटना राजबाग के जोड घाटी गांव में हुई. कठुआ थाना क्षेत्र के बगड़ और चंगड़ा गांवों और लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवां-हुटली में भी भूस्खलन की घटनाएं हुई. इसकी वजह से भी नुकसान की आशंका है. भारी बारिश के कारण अधिकांश जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और उझ नदी खतरे के निशान के पास बह रही है. कई घर जलमग्न हो चुके हैं. कई लोग लैंडस्लाइड और बादल फटने के कारण मलबों में दब गए हैं. फिलहाल, पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक संयुक्त टीम गांव पहुंच गई और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ राहत कार्य में जुट गई है.

किश्तवाड़ में आई थी तबाही
बीते दिनों किश्तवाड़ जिले में भी बादल फटने से भारी तबाही मची थी. किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आई थी. उस जगह पर यह घटना हुई, जहां श्री मचैल यात्रा के लिए चार पहिया वाहन खड़े होते हैं और कई अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं. एडीसी किश्तवाड़ के अनुसार, श्री मचैल यात्रा अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई है. स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. अब तक करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है.

अमेरिका की गजब लापरवाही, ट्रंप-पुतिन मीटिंग के सीक्रेट दस्तावेज होटल के प्रिंटर में छोड़ आए, खुल गया हर रहस्य

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अलास्का में जब पुतिन और ट्रंप मीटिंग कर रहे थे, उससे ठीक पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बड़ी लापरवाही की है. अलास्का के एक होटल में शुक्रवार की सुबह अमेरिकी विदेश विभाग के निशान वाले कागज मिले. इनमें पुतिन और ट्रंप के बीच मीटिंग को लेकर बहुत सारी गोपनीय जानकारी हैं. ये बातें सार्वजनिक नहीं की गईं लेकिन दस्तावेज बताते हैं कि ये काफी संवेदनशील हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से लापरवाही ये हुई कि कुल आठ पन्ने वह गलती से होटल के प्रिंटर में छोड़ आए. होटल कैप्टन कुक में सुबह 9 बजे के करीब तीन गेस्ट्स ने इन्हें देखा. ये होटल जॉइंट बेस एलमेंडॉर्फ-रिचर्डसन से सिर्फ 20 मिनट दूर है, जहां ट्रंप और पुतिन मिले थे.
NPR की रिपोर्ट के मुताबिक उसने एक अनाम गेस्ट से ये तस्वीरें हासिल की. पहले पेज पर 15 अगस्त की मीटिंग का पूरी ब्योरा दिया गया है. मीटिंग कहां होगी, किस टाइम होगी और बेस के अंदर कौन-कौन से कमरे थे. इसमें यह भी लिखा था कि ट्रंप पुतिन को एक गिफ्ट भी देंगे. यह गिफ्ट होगा- अमेरिकन बाल्ड ईगल डेस्क स्टैच्यू. यह अमेरिका का राष्ट्रीय पक्षी भी है. शनिवार को व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने इन कागजों को ‘मल्टी-पेज लंच मेन्यू’ बता कर खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि पब्लिक प्रिंटर में छोड़ना कोई सिक्योरिटी ब्रेक नहीं है. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं किया.
क्या-क्या जानकारियां दस्तावेज में थीं?
पेज 2 से 5 तक तीन अमेरिकी स्टाफ मेंबर्स के नाम और फोन नंबर्स थे, साथ ही 13 अमेरिकी और रूसी लीडर्स के नाम. रूसी नामों के लिए फोनेटिक गाइड भी था, जैसे ‘मिस्टर प्रेसिडेंट पू-तिन’ पुतिन के लिए. पेज 6 और 7 में लंच कैसे सर्व होगा और किसके लिए, वो डिटेल्स थीं. मेन्यू में लिखा था कि लंच ‘हिज एक्सेलेंसी व्लादिमीर पुतिन’ के सम्मान में होगा./*-