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आईटीआई खरसिया में प्रवेश हेतु पंजीयन प्रारंभ

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शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) खरसिया, जिला रायगढ़ में प्रवेश सत्र 2025-26 एवं 2025-27 हेतु एक वर्षीय एवं द्विवर्षीय व्यवसायों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। संचालनालय से प्राप्त पंचम एवं षष्ठम चरण के प्रवेश शेड्यूल के अनुसार 12 से 16 अगस्त 2025 तक अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
प्रवेश सत्र 2025-26 के अंतर्गत निम्न एक वर्षीय व्यवसायों में प्रवेश हेतु वेल्डर, कोपा एवं सुइंग टेक्नालाजी एवं प्रवेश सत्र 2025-27 के अंतर्गत द्विवर्षीय व्यवसाय में फिटर तथा विद्युतकार के रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रारंभ है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि के भीतर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पात्रता संबंधी विवरण, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।

छात्रा के रूह कंपा देने वाले खुलासे के बाद धरे गए तीनों हैवान, नाबालिग से बारी-बारी से किया था दुष्कर्म

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सूरजपुर जिले के एक स्कूल में ‘गुड टच-बैड टच’ जागरूकता को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में 8वीं क्लास की एक नाबालिग छात्रा द्वारा किए गए रूह कंपा देने वाले खुलासे के बाद सूरजपुर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उन तीन हैवानों को दबोच लिया, जिन्होंने छात्रा से बारी-बारी से दुष्कर्म किया था.

गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में नाबालिग ने स्कूल की महिला शिक्षिका को बताया था कि एक साल पहले उसके साथ उसके गांव के ही 3 युवकों ने अलग-अलग समय पर दुष्कर्म किया था. पुलिस ने सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया है.

क्लास 8 नाबालिग छात्रा ने स्कूल की शिक्षिका को सुनाई थी आपबीती
रिपोर्ट के मुताबिक मामला चांदनी थाना क्षेत्र निवासी क्लास 8 में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से जुड़ा है. छात्रा के बयान के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की शिक्षिका ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया और अब पुलिस ने तीनों हैवानों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोर है कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग जगह पर पीड़िता से दुष्कर्म किया था.

नाबालिग पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं दुष्कर्म आरोपी तीनों युवक
गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में नाबालिग के कबूलनामे के बाद चांदनी थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. दुष्कर्म आरोपी तीनों युवक पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं. तीनों लड़के नाबालिग के साथ पिछले एक साल से अलग-अलग जगह पर लगातार दुष्कर्म करते आ रहे थे.

पीड़िता के खुलासे के बाद एक विशेष टीम गठित कर तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार करने में सफलता पाई. गिरफ्तार तीनों दुष्कर्म आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉस्को एक्ट सहित कई अन्य धारों में मामल दर्ज कर उन्हें जेल भिजवा दिया है.

पहली घटना, नाबालिग के साथ पहला दुष्कर्म अपने घर के पारिवारिक कार्यक्रम में तब हुआ जब पीड़िता के परिवार के सारे लोग नाचने-गाने में व्यस्त थे. वारदात की रात पीड़िता में अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी वहां पहुंचे गांव के रवि सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया.

दूसरी घटना, पीड़िता के साथ दूसरी बार दुष्कर्म तब किया गया जब पीड़िता अपने घर पर ही मौजूद थी. रात में उसके घर पहुंचे आरोपी नवल सिंह ने जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग को अपने साथ जबरन जंगल ले गया और फिर उसके साथ जंगल में दुष्कर्म किया.

तीसरी घटना, पीड़िता से तीसरी बार दुष्कर्म तब हुआ जब नाबालिग अपने घर के पास किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में गई हुई थी. आरोपी रघुवीर सिंह ने उससे झूठ बोला कि कोई उसे बाहर बुला रहा है. पीड़िता जैसे ही बाहर आई, आरोपी ने उसे दबोच लिया और दूर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.

एएसपी सूरजपुर संतोष कुमार महतो ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों ही आरोपी जंगल में छुपे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीम के साथ छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपियों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है.
रेप की शिकायत करने पर दुष्कर्मियों ने दी थी जान से मारने की धमकी
गौरतलब है तीनों आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद मामले की शिकायत करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी. एक के बाद एक दुष्कर्म की घटना से आहत नाबालिग की जुबान आरोपियों के खिलाफ गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में एक साल बाद जाकर खुली और स्कूल टीचर आपबीती सुनाई, तब जाकर आरोपी सलाखों के भीतर पहुंचे.

जांच में बाल संरक्षण इकाई के पाया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ
पीड़िता की आपबीती पर घटना की जानकारी बाल संरक्षण इकाई को दी गई, बाल संरक्षण इकाई के जांच में पाया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ है, जिसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उनक तलाश के लिए जगह-जगह दबिश दी और तीनों आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है.

”CG: शराब घोटाला मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट ने ED को दिया नोटिस ..”

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शराब घोटाला मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है। हाई कोर्ट ने मामले में ईडी से 26 अगस्त तक अपना जवाब पेश करने के लिए कहा है। चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में कहा है कि ईडी ने गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिससे उनकी हिरासत अवैध है।

चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई, हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी को लेकर ईडी को दिया नोटिस, 25 अगस्त तक मांगा जवाब, जेल अधीक्षक को भी फटकार.

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घाटाला मामले में ईडी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट याचिका दायर की थी साथ ही बेल की भी अपील की थी। इस याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की है। जिसमें कोर्ट ने ईडी से सवाल किया है।

बता दें कि याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह याचिका 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए दायर की गई है।

चैतन्य बघेल के वकील ने अदालत में तर्क प्रस्तुत किया कि ईडी ने उनकी गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिससे उनकी हिरासत अवैध है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि जेल में चैतन्य बघेल को पीने के लिए साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए जेल अधीक्षक को तुरंत साफ पानी उपलब्ध कराने और चिकित्सा जांच कराने का आदेश दिया है।

उल्लेखनीय है कि ईडी ने चैतन्य को पिछले महीने भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि 3200 करोड़ के शराब घोटाले में 1000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग में चैतन्य बघेल का हाथ है। बता दें कि शराब घोटाला मामलें में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा जेल में हैं, होटल कारोबारी अनवर ढेबर और आईएएस अनिल टुटेजा पहले से जेल में बंद हैं।

जमीन घोटाला मामले में बड़ा एक्शन, दो पटवारी सस्पेंड, 7 से अधिक पटवारियों का तबादला

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छत्तीसगढ़ में एनडीटीवी की खबर का बड़ा असर हुआ है. छत्तीसगढ़ जमीन घोटाला मामले में दुर्ग जिले में पदस्थ दो पटवारी को निलंबित कर दिया गया है. सात से अधिक पटवारी का तबादला आदेश जारी हुआ है. एनडीटीवी पर 25 जुलाई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद यह बड़ा एक्शन हुआ है.

शासकीय जमीन की हेराफेरी
एनडीटीवी की पड़ताल में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर शासकीय जमीनों को निजी लोगों के नाम दर्ज कर घोटाले किए जा रहे हैं. एनडीटीवी की टीम ने दुर्ग जिले के मुरमुंदा पटवारी हल्के के चार गांव में ही करीब 500 एकड़ जमीनों के घोटाले का पर्दाफाश किया था. प्रशासन की जांच में पता चला कि मुरमुंदा के अलावा पाटन पटवारी हल्के के भी दो गांव मोतीपुर और सकरा में इसी तरह की गड़बड़ी की गई है.

निजी लोगों के नाम जारी कर दिया खसरा नंबर
दोनों ही पटवारी हल्का में करीब 765 एकड़ शासकीय व निजी भू स्वामी जमीनों का बोगस खसरा नंबर जारी कर निजी लोगों के नाम पर चढ़ा दिया गया है. मुरमुंडा पटवारी हल्के के आछोटी गांव की शासकीय जमीनों पर दो व्यक्तियों के नाम लाखों रुपए लोन भी जारी कर दिए गए हैं.

एनडीटीवी ने अपनी पड़ताल में बताया था कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नंदनी टाउनशिप ब्रांच से दीनू राम यादव (पिता सूरज यादव) को 45 लाख रुपये शाशकीय जमीन को बंधक रख लोन जारी किया गया है. एसबीआई की कुम्हारी ब्रांच ने शाशकीय जमीन को बंधक रख 36 लाख रुपये एसराम पिता बुधराम को लोन जारी कर दिया गया है. इस मामले में बैंक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.

दो पटवारी निलंबित
दुर्ग संभाग के आयुक्त एस एन राठौर ने बताया कि NIC की जांच में पता चला है कि मुरमुंदा पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा और पाटन पटवारी मनोज नायक की आईडी से गड़बड़ी हुई. इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है. जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में FIR भी दर्ज करवाई जाएगी. इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों की भूमिका संदिग्ध है.

30 फीट हवा में महिला की जान, झूले से डेढ़ घंटे तक लटकी रही और फिर

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बलौदा बाजार जिले के भाटापारा शहर स्थित रामलीला मैदान में इन दिनों मीना बाजार (मेला) लगा हुआ है. मीना बाजार में लगे हवाई झूले में रविवार की रात एक महिला की जान उस समय जोखिम में पड़ गई, जब वह हवाई झूला का आनंद लेने के लिए उस पर बैठी थी. महिला के परिजनों का आरोप है कि झूले के दौरान सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ाम न होने और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण महिला झूले से लटक गई, जिसे कड़ी मेहनत के बाद नीचे उतरा गया.

पीड़ित महिला के परिजन त्रिलोक कुर्रे ने भाटापारा शहर थाना में लिखित शिकायत दी है. उनका कहना है कि झूले के कर्मचारी अत्यधिक शराब के नशे में थे और इस दौरान झूले में ब्रेक ही नहीं लगाया. नतीजतन महिला करीब एक से डेढ़ घंटे तक झूले में फंसी रही और बाहर नहीं निकल पाई.

मीना बाजार प्रबंधक पर लापरवाही के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया है कि यह घटना मीना बाजार प्रबंधन और झूला संचालकों की गंभीर लापरवाही है. इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें घटना के बाद महिला के पिता ने मीना बाजार प्रबंधक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों ने मांग की है कि झूला संचालकों और मीना बाजार प्रबंधन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

सेफ्टी बेल्ट हो गई ढीली
बताया जा रहा है कि झले पर सवार महिला की सेफ्टी बेल्ट ढीली हो गई और वह झूले के बॉक्स से गिर गई. इस दौरान उसने झूले की रॉड कसकर पकड़ ली. महिला करीब 30 फीट की ऊंचाई पर लटकी रही.
इसके बाद झूला रोक दिया. किसी तरह एक युवक झूले पर चढ़ा और महिला को बचाया. वहीं, अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए मेला संचालकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की सख्त हिदायत दी गई है. साथ ही महिला के परिजनों की शिकायत पर जांच की जा रही है.

पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर नहीं लगेगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

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दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर बैन नहीं लगाया है. इससे वाहन मालिकों को दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी. CJI बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने मंगलवार को यह अंतरिम आदेश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. तब तक के लिए 10 से 15 साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के मालिकों पर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोर्ट ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है.

दिल्ली सरकार ने दायर की थी याचिका
26 जुलाई को दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चल रहे 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा करने की मांग की थी. दिल्ली सरकार का तर्क है कि मौजूदा पॉलिसी से मध्यम वर्ग पर अनुचित दबाव पड़ रहा है.

दिल्ली सरकार ने 2018 के उस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, जिसमें पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन करने का निर्देश दे. यह अध्ययन वाहनों की उम्र के आधार पर लगाए गए प्रतिबंध के वास्तविक पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करेगा और मूल्यांकन करेगा कि क्या यह कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देता है.

याचिका में कहा गया कि सभी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर पड़ने वाले असर और निष्पक्षता की दोबारा जांच की जाए. सरकार एक अधिक सटीक, उत्सर्जन-आधारित नियामक ढांचे की वकालत करती है, जो वाहन की उम्र के बजाय उससे होने वाले वायु प्रदूषण और गाड़ी की फिटनेस को ध्यान में रखे.

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बीएस-6 वाहन, बीएस-4 वाहनों की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं.

”राजनांदगांव: गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में झांकी समितियो व साउंड सिस्टम संचालको का पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव की उपस्थिति में ली गई बैठक ..”

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बैठक में झांकी निकलाने का रूट चार्ट व पांडाल व्यवस्था पर चर्चा कर बनाई गई सहमति, झांकी, व साउंड सिस्टम संचालन के लिये अनुविभागीय दण्डाधिकारी से परमिशन लेने दिये गये निर्देश।

सभी झांकी समितियो को विघुत लाईन को ध्यान में रखते हुये झांकी तैयार करने दिये गये निर्देश।

मानक तरीके से निर्धारित साउंड सिस्टम का संचालन एंव छोटी वाहनो का इस्तेमाल किये जाने हेतु दिये गये निर्देश।

समितियो को साउंड सिस्टम पर असभ्य गाने न बजाये जाने दिये गये निर्देश।

प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी नगरवासियो द्वारा चौक चौराहो में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित किया गया है। समितियो द्वारा विभिन्न प्रकार के आकर्षक झांकिया निकाल कर शहर में घुमया जावेगा है। जिसमें काफी संख्या में क्षेत्रावासी एकत्रित होकर विसर्जन में सम्मिलित होकर झाकियो का आनंद लेते है। झांकी के दौरान शहर में काफी भीडभाड रहती है। गणेश उत्सव पर्व (झांकी) को शांतिपूर्वक सम्पन्न किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, अपर कलेक्टर सी एल मारकंडे, व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा, एस डी एम खेम लाल वर्मा नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन तथा थाना प्रभारीयों की उपस्थिति में जिला पंचायत कार्यालय के सभागृह में झांकी समितियो के सदस्यों की बैठक लिया गया। जिसमें झांकी समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पदाधिकारियो तथाशहर के गणमान्य नागरिक गण के समक्ष, रोड के बीचो-बीच पंडाल ना लगने व झांकी निकालने के दिन रूट निर्धारण तथा साउंड सिस्टम को लेकर चर्चा हुई, जिस पर सभी समितियां के सदस्यों द्वारा गुरुद्वारा से मानव मंदिर,आजाद चौक,भारत माता चौक, कामठी लाइन,सुरजन गली, रामाधीन मार्ग, तिरंगा चौक होते हुए गंज चौक में झांकी समाप्त करने की बात को लेकर सहमति प्रदान किया गया तथा साउंड सिस्टम के लिए शासन प्रशासन के दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए झांकी निकालने के बात पर सहमति दिए,सुरक्षा संबंधित तथ्यो पर विचार किया गया तथा समिति के सदस्यो को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये और उनके सुझाव भी सुने गये।

छत्तीसगढ़ में आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हेतु पंजीयन अनिवार्य

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पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जिला पुलिस बल में आरक्षक संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के तहत दस्तावेज़ सत्यापन, शारीरिक माप-तौल एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा पूर्ण हो चुकी है। अब पात्र अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित की जाएगी।

व्यापम के निर्देशानुसार, लिखित परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पात्र अभ्यर्थियों को व्यापम की वेबसाइट में प्रोफाइल पंजीयन कर, परीक्षा केंद्र हेतु जिले का चयन कर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। बिना आवेदन के पंजीयन नंबर व रोल नंबर जारी नहीं होंगे और प्रवेश पत्र भी प्राप्त नहीं होगा। पंजीयन न करने पर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी।

ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन 5 अगस्त से प्रारंभ हो चुके हैं, जिसकी अंतिम तिथि 27 अगस्त 2025 शाम 5 बजे तक है। परीक्षा 14 सितंबर 2025 को प्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों में आयोजित होगी। प्रवेश पत्र 8 सितंबर से वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

भर्ती नियम, पाठ्यक्रम एवं परीक्षा निर्देश की विस्तृत जानकारी व्यापम की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष है। परीक्षा चयन के नाम पर किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं और किसी भी प्रकार की जालसाजी या आर्थिक लेन-देन से दूर रहें। यदि कोई व्यक्ति भर्ती कराने के नाम पर प्रलोभन देता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना/चौकी या पुलिस अधीक्षक, जिला सरगुजा को दें। पुलिस मुख्यालय द्वारा आवेदन संबंधी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 जारी किया गया है।

राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर मवेशियों की आवाजाही रोकने समिति गठित करने के निर्देश

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कलेक्टर श्री विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विकास योजनाओं, जनहितकारी कार्यक्रमों, निर्माण कार्यों और प्रशासनिक लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

कलेक्टर ने बैठक में कहा रजत महोत्सव जिले के उपलब्धियां, गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इसकी तैयारियां समय पर पूर्ण करें। कार्यक्रम की योजना, मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सुरक्षा व्यवस्था और प्रचार-प्रसार हेतु सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। सोलर पैनल की स्थापना में गुणवत्ता मानकों का पालन हो और लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता रखने। वहीं तकनीकी या आपूर्ति संबंधी बाधाओं को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत चल रहे भवन, सड़क और सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा हुई। उन्होंने ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने हर घर तिरंगा हर घर स्वच्छता अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों और शहरी निकायों द्वारा तिरंगा फहराने के साथ-साथ व्यापक सफाई अभियान चलाए जाएं। लोगों को स्वच्छता शपथ दिलाई जाए और वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों के लिए भविष्य में लाभकारी सिद्ध होगा। इसके माध्यम से कृषि योजनाओं का लाभ डिजिटल रूप से मिलेगा। उन्होंने शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आधार पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन नागरिकों का आधार पंजीयन बाकी है, उनके लिए विशेष शिविर लगाए जाएं। मशीन, नेटवर्क या तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान हो, ताकि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे।

अटल मॉनिटरिंग प्रणाली में सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति समय पर अपडेट करने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और नियमित रिपोर्टिंग अनिवार्य है। विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएमएफ के तहत चल रही निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद जिस कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है उसी कार्य में अनुमति लेकर खर्च करें निर्माणकार्य तय समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे किए जाएं।

बैठक में सभी विभागों के लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने समय-अवधी में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने को निर्देशित किया। कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों को जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा के मामले पर कलेक्टर ने एनएच मार्गों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने हेतु विकासखंड स्तर पर चिन्हांकित राज्यमार्ग के नजदिकी ग्राम पंचायतो़ के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग में हो रहे हादसों में कमी लाई जा सके।

बैठक में डीएफओ श्री अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री राम सिंह ठाकुर, श्री अमृत लाल ध्रुव, सर्व एसडीएम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

शालाओं में मध्यान्ह भोजन संचालन हेतु आवश्यक दिशा -निर्देश जारी

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पोषण निर्माण योजना अंतर्गत जिले के समस्त मध्यान्ह भोजन संचालित शालाओं में व्यवस्थित संचालन हेतु कलेक्टर दीपक सोनी के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है। निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं।

जारी निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन हेतु उपयोग में लाए जाने वाले बर्तनों, खाद्य सामग्रियों एवं किचन सह भण्डार कक्ष, किचन शेड की नियमित साफ-सफाई एवं किचन शेड के आस-पास ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सप्ताह में दो बार करवाना होग़ा। किचन शेड के चारों तरफ जालीदार तारों से घेराव करना ताकि आवारा कुत्ते, मवेशियों, मकड़ी एवं छिपकली किचन शेड के आस- पास न जा सकें।बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन में भोजन बनाने के पूर्व अनाज, दाल एवं मौसमी सब्जियों की अच्छे से साफ-सफाई एवं गुणवत्ता को विशेष ध्यान देना होग़ा। मध्यान्ह भोजन वितरण के पूर्व प्रधानपाठक, शिक्षक बच्चों को अनिवार्यतः साबुन से हाथ धुलवाना सुनिश्चित करेंगे।प्रधानपाठक या मध्यान्ह भोजन प्रभारी शिक्षक प्रतिदिन शाला में बन रहे मध्यान्ह भोजन का सतत अवलोकन करेंगे। गुणवत्तायुक्त भोजन प्रदान नहीं करने वाले स्वसहायता समूह के विरुध्द कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जानकारी दें। मध्यान्ह भोजन की निगरानी में पालको की भी सहभागिता के निर्देश दिये गये हैं।