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“अडानी ग्रुप के इस दावे से निकल गई चीन के साथ डील की हवा, बीजिंग तक मचा हड़कंप”

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अडानी ग्रुप ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें यह दावा किया गया था कि वह बैटरी विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन की कंपनियों BYD और बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ गठजोड़ की संभावना तलाश रहा है.अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में स्पष्ट किया कि चीन की कंपनियों के साथ गठजोड़ की खबरें बेबुनियाद और गलत हैं. एक बयान में अडानी ग्रुप ने स्पष्ट रूप से कहा, “अडानी ग्रुप भारत में बैटरी विनिर्माण के लिए BYD के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग की संभावना नहीं तलाश रहा है. इसी तरह, हम बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ भी किसी प्रकार की साझेदारी के लिए कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं. रिपोर्टों को अडानी ग्रुप ने किया खारिज बयान में आगे कहा गया कि कुछ खबरों में यह दावा किया गया था कि समूह के चेयरमैन गौतम अडानी भारत में बैटरी निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए BYD के अधिकारियों के साथ ‘व्यक्तिगत रूप से चर्चा का नेतृत्व’ कर रहे हैं. हालांकि, अडानी ग्रुप के पास पहले से ही सौर मॉड्यूल निर्माण से लेकर पवन ऊर्जा उपकरण और हरित हाइड्रोजन तक, स्वच्छ ऊर्जा का एक विशाल पोर्टफोलियो है. समूह अपने सौर मॉड्यूल निर्माण को 10 गीगावाट प्रति वर्ष तक बढ़ा रहा है और अपनी पवन टरबाइन निर्माण क्षमता को लगभग दोगुना करके 5 गीगावाट प्रति वर्ष करना चाहता है. समूह, हरित हाइड्रोजन के उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रोलाइज़र के विनिर्माण के लिए भी एक सुविधा स्थापित करने पर विचार कर रहा है. अगले 5 वर्षों में 1000 बिलियन निवेश का लक्ष्य गौरतलब है कि अडानी ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में 1000 बिलियन (1 लाख करोड़) के पूंजीगत निवेश का लक्ष्य रखा है. माना जा रहा है कि इससे देश के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन आएगा. अडानी ग्रुप का कारोबार थर्मल और रिन्यूएबल पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, एलएनजी, पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी, बैटरी स्टोरेज, हाइड्रोजन ट्रक्स, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पंप्स, हाइड्रो और माइनिंग में फैला हुआ है. इसके अतिरिक्त, यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता है, और एयरोस्पेस, डिफेंस, डेटा सेंटर और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी सक्रिय है.

CG शराब घोटाला : ” शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट जाने का आदेश “

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CG शराब घोटाला : ” शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट जाने का आदेश “

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई से साफ इनकार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश भी दिया है कि वह दोनों की अर्जियों पर जल्द सुनवाई करे। भूपेश बघेल और उनके बेटे की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कई सख्त टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि दोनों ने एक ही याचिका में पीएमएलए (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने के साथ-साथ जमानत जैसी व्यक्तिगत राहत की मांग भी की है, जो उचित नहीं है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पिता-पुत्र के सीधे सुप्रीम कोर्ट आने पर भी सवाल उठाया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि जब किसी मामले में कोई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल होता है, तो वो सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाता है। अगर हम ही हर मामले की सुनवाई करेंगे, तो अन्य अदालतों का क्या उपयोग रह जाएगा? अगर ऐसा होता रहा तो फिर गरीब लोग कहां जाएंगे? एक आम आदमी और साधारण वकील के पास सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने की कोई जगह ही नहीं बचेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने के नाम पर याचिकाकर्ता सीधे अंतिम राहत नहीं मांग सकते। कोर्ट ने कहा कि एक ही याचिका में आप सब कुछ नहीं मांग सकते। इसके लिए तय प्रक्रिया और मंच हैं। कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत याचिका के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा और यह भी निर्देश दिया कि हाईकोर्ट इस पर जल्द सुनवाई करे। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए की धारा 50 और 63 को चुनौती देने के लिए अलग से याचिका दाखिल करने की सलाह दी।

CG : ”राज्योत्सव के अवसर पर नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया जायेगा : माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय”

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छतीसगढ़ प्रदेश को एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर नया विधानसभा भवन मिलेगा। नया रायपुर में भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। प्रदेश की 90 सीट वाली विधानसभा में अब 200 विधायकों के लिए बैठने की जगह होगी। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विधानसभा भवन में बैठने की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाले अत्याधुनिक आडिटोरियम का भी निर्माण हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समयसीमा सितंबर तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव के अवसर पर लोगों को समर्पित किया जा सके।

52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन विधानसभा में आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर बनाया जा रहा है। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। डेढ़-डे़ढ एकड़ में दो सरोवर विकसित किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी आदि उपस्थित थे। भवन में तीन प्रमुख विंग का निर्माण नवीन विधानसभा भवन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं। विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हाल और विंग-सी में उपमुख्यमंत्रियों व अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।

पीएम मोदी को आमंत्रित किया है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। उनके करकमलों से नये भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके अलवा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, ‘ नये विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विधानसभा सदन, अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के कक्ष समेत पूरे परिसर के निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नेय भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।’ नया विधानसभा भवन लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक भव्यता व वैभव का प्रतीक बनेगा। देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।

‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’…भले ट्रंप हों जाएं नाराज मगर पुतिन से यारी खत्म नहीं करेंगे PM मोदीuyjhmn

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‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’ यह बॉलीवुड का क्लासिक गाना पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रिश्ते का परफेक्ट डिस्क्रिप्शन है. डोनाल्ड ट्रंप भले ही इस दोस्ती से नाखुश हों, मगर पीएम मोदी अपने रुख पर अडिग हैं. वह यह कि भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली शख्स के साथ दोस्ती बढ़ाने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी से संबंध यानी रिश्ते नहीं तोड़ेगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया चाहती है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं रोके, वे (भारत) चीन के साथ-साथ रूस के सबसे बड़े ऊर्जा खरीदार हैं. उन्होंने रूस के साथ लेन-देन के लिए भारत को जुर्माने की धमकी दी है.
हाल ही में खबर आई कि भारतीय कंपनियों ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत इसे सकारात्मक कदम बताया और सराहा. मगर भारत ने जल्द ही स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है. भारतीय तेल रिफाइनरियां अभी भी रूसी आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीद रही हैं.
हालांकि जुलाई में तेल की आपूर्ति में थोड़ी कमी आई है, लेकिन ये फैसले कीमत, कच्चे तेल की गुणवत्ता, स्टॉक, रसद और अन्य आर्थिक कारकों से प्रभावित हैं. स्पष्ट रूप से भारत-रूस संबंध अभी भी कायम रहेंगे.
क्यों और नाराज होंगे ट्रंप
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर इसी महीने रूस की यात्रा कर सकते हैं. इससे डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी और बढ़ सकती है.
भारत रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम और संभवतः Su-57 लड़ाकू विमान भी चाहता है. ट्रंप ने भारत को अमेरिकी F-35 बेचने की कोशिश की है, लेकिन पीएम मोदी ने अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद को बताया कि F-35 खरीदने के बारे में अमेरिका के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है.
भारत-रूस की दोस्ती पुरानी
केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि भारत और रूस के बीच एक स्थिर और टाइम टेस्टेड साझेदारी है. विदेश मंत्रालय ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा, ‘विभिन्न देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध अपने आप में महत्वपूर्ण हैं और इन्हें किसी तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.’
ये कड़े शब्द भारत-रूस मित्रता को रेखांकित करते हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी आने वाले महीनों में भारत आने वाले हैं, जो 2021 के बाद उनका पहला दौरा होगा. स्पष्ट रूप से भारत रूस के साथ अपनी मित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे ट्रंप काफी निराश हैं.
नाराजगी की एक और वजह
ट्रंप एक और वजह से भी नाराज हैं. वह है- ट्रेड डील में रुकावट. पीएम मोदी ने उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा होकर व्यापार रियायतें देने से इनकार कर दिया है और दबाव में नहीं आए हैं. यह सब 7 अगस्त से भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बावजूद है.
ट्रंप को भारत का संदेश स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका संबंधों ने कई चुनौतियों और बदलावों का सामना किया है. भारत पीछे हटने वाला नहीं है.
अमेरिका को रियायत नहीं
टॉप सरकारी सूत्रों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कोई रियायत नहीं दी जाएगी, अमेरिकी कंपनियों के लिए डेयरी उद्योग नहीं खोला जाएगा, और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों या बीफ आधारित डेयरी उत्पादों को भी अस्वीकार कर दिया जाएगा. भारत के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है. यह एक महत्वपूर्ण मतदाता आधार भी है.
भारत 25 प्रतिशत टैरिफ से होने वाले 0.2 प्रतिशत जीडीपी नुकसान को झेलने के लिए तैयार है. और इसे प्रबंधनीय और न्यूनतम मानता है. भारत सितंबर या अक्टूबर तक एक छोटे समझौते पर हस्ताक्षर होने का धैर्यपूर्वक इंतजार करेगा. तब तक ध्यान मजबूती से खड़े रहने और कुछ अरब डॉलर के लिए मुख्य हितों से समझौता न करने पर है.मझौता न करने पर है.

चीन के ‘आंगन’ का सबसे बड़ा खिलाड़ी, ब्रह्मोस मिसाइल का पहला खरीदार, साउथ चाइना सी में भारत का स्‍पेशल पार्टनर

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भारत और फिलीपींस के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. बायलेटरल ट्रेड के साथ ही रक्षा संबंध भी लगातार स्‍ट्रॉन्‍ग हो रहे हैं. दोनों देशों के बायलेटरल रिलेशन की मजबूती को इसी से समझा जा स‍कता है, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सबसे पहले फिलीपींस को ही बेचा गया. मनीला ने अन्‍य इंडियन डिफेंस प्रोडक्‍ट को खरीदने में अपना इंट्रेस्‍ट दिखाया है. द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने के लिए फिलीपींस के राष्‍ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस चार दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे हैं. इंडो-पैसिफिक रीजन में फिलीपींस भारत का बड़ा रणनीतिक साझेदार है. फिलीपींस का चीन के साथ साउथ चाइना सी में अधिकार क्षेत्र को लेकर लगातार टकराव चलता रहता है. चीन दक्षिण चीन सागर को अपना कोर्टयार्ड यानी आंगन मानता है और पूरे क्षेत्र पर अपना दावा ठोकता है. फिलीपींस के प्रतिरोध में भारत मनीला का साथ देता रहा है. भारत और फिलीपींस की नेवी साउथ चाइना सी में मिलिट्री एक्‍सरसाइज भी कर रही है, जिससे दोनों देशों के आपसी संबंधों की मजबूती को समझा जा सकता है.
भारत और फिलीपींस के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं. दोनों देशों ने हाल के वर्षों में न सिर्फ अपने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को विस्तार दिया है, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को नया आयाम देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग हाल के दिनों में विशेष रूप से चर्चा में रहा है. वर्ष 2022 में भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की पहली बड़ी निर्यात डील फिलीपींस के साथ की थी. इस सौदे की कीमत करीब 375 मिलियन डॉलर आंकी गई थी, जिसके तहत भारतीय डिफेंस कंपनियां फिलीपींस को तीन बैटरियों के साथ मिसाइल प्रणाली आपूर्ति कर रही हैं. यह भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति और रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

मनीला स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, मार्कोस से पहले फिलीपींस के चार राष्‍ट्रपति भारत की यात्राएं कर चुके हैं. राष्ट्रपति फर्डिनेंड ई. मार्कोस द्वारा 1976 में, राष्ट्रपति फिदेल रामोस द्वारा 1997 में, राष्ट्रपति ग्लोरिया मैकापगल अरोयो द्वारा 2007 में, और राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते द्वारा जनवरी 2018 में. अब मार्कोस (जूनियर) नई दिल्‍ली पहुंचे हैं. भारत की ओर से प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1981 में उसके बाद राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने 1991 में, राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2006 में और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2007 में फिलीपींस का दौरा किया. हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 2019 में फिलीपींस का दौरा किया.
भारत और फिलीपींस के बीच व्यापारिक रिश्ते भी सुदृढ़ हो रहे हैं. फिलीपींस, भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक अहम स्तंभ है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024 में लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. आईटी, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं. भारत की कई कंपनियां फिलीपींस में निवेश कर रही हैं, जबकि मनीला भी भारतीय निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है. डिजिटल क्षेत्र, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है. इसके अलावा भारत और फिलीपींस के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध भी गहरे होते जा रहे हैं. दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ा है. फिलीपींस में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र खासकर मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते हैं. साथ ही भारतीय दूतावास विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योग दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से आपसी सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती दे रहा है.

स्‍ट्रैटज‍िक पार्टनरशिप
भारत और फिलीपींस ने 2023 में अपने संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने पर चर्चा की थी, जिसे अगले कुछ वर्षों में औपचारिक रूप से अपनाए जाने की संभावना है. दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को देखते हुए बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत कर रहे हैं. भारत और फिलीपींस के संबंध अब पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़ते हुए रणनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में गहराई पा रहे हैं. बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह साझेदारी न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बल्कि भारत की पूर्वी नीति और फिलीपींस की विदेश नीति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुकी है.

आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड जल्द, rrbapply.gov.in पर देखें अपडेट

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आरआरबी एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट परीक्षा 2025 के एडमिट कार्ड जारी होने वाले हैं. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in, rrbcdg.gov.in और rrb. digialm.com पर डायरेक्ट लिंक से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. रेलवे भर्ती बोर्ड आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा 07 अगस्त 2025 से आयोजित करेगा. आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड संबंधित ऑफिशियल क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे.
चंडीगढ़ क्षेत्र के उम्मीदवार ऑफिशियल क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट rrbcdg.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे (RRB NTPC Admit Card 2025). आरआरबी एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट मॉक टेस्ट 2025 से परीक्षा की तैयारी का आकलन कर सकते हैं. आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड 2025 के बिना उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री नहीं दी जाएगी. उसके साथ ही उन्हें सरकारी वैध पहचान पत्र समेत कुछ डॉक्यूमेंट्स भी लेकर जाने होंगे.
आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा पैटर्न 2025
आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा 7 अगस्त, 2025 से 9 सितंबर, 2025 के बीच आयोजित की जाएगी. आरआरबी की हर परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को 90 मिनट दिए जाएंगे. आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा में सामान्य जागरूकता के लिए (40 अंक), गणित के लिए (30 अंक), सामान्य बुद्धि और तर्क के लिए (30 अंक) निर्धारित किए गए हैं. आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी. इस सरकारी भर्ती परीक्षा में हर गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे.

आरआरबी एनटीपीसी भर्ती परीक्षा 2025 कुल 19 दिनों तक चलेगी. सरकारी नौकरी के लिए होने वाली आरआरबी एनटीपीसी 2025 परीक्षा में सफल स्नातक स्तर के उम्मीदवारों को कई बड़े और महत्वपूर्ण पदों पर अलॉट किया जाएगा. आरआरबी एनटीपीसी भर्ती 2025 की लिस्ट में मालगाड़ी प्रबंधक, मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक, वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट, जूनियर अकाउंट असिस्टेंट सह टाइपिस्ट और स्टेशन मास्टर जैसे पद शामिल हैं.
RRB NTPC UG 2025 Exam Shift: आरआरबी एनटीपीसी शिफ्ट टाइमिंग और रिपोर्टिंग
आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा 2025 एक दिन में 3 शिफ्ट में आयोजित की जाएगी-
शिफ्ट 1: सुबह 9:00 -10:30 AM (रिपोर्टिंग टाइम: 7:30 AM)
शिफ्ट 2: 12:45 -2:15 PM (रिपोर्टिंग टाइम: 11:15 AM)
शिफ्ट 3: 4:30 -6:00 PM (रिपोर्टिंग टाइम: 3:00 PM)
उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर शिफ्ट और रिपोर्टिंग टाइम चेक कर सकते हैं.
RRB NTPC Admit Card 2025: आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?
आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने के लिए नीचे लिखे स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं-
1- आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने के लिए अपने क्षेत्र की ऑफिशियल RRB वेबसाइट पर जाएं.
2- होम पेज पर दिए गए ‘Download Admit Card’ लिंक पर क्लिक करें.
3- रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी डिटेल्स डालकर लॉगिन करें.
4- इतना करते ही आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड 2025 आपकी स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा.
5- इसे डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकालकर रख लें.

दिल्ली विधानसभा में आज से फिर घमासान, स्कूल बिल और CAG रिपोर्ट पर AAP-बीजेपी में दो-दो हाथ

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दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा. इस बार का सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो गई है. विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से आग्रह किया है कि वे इस ई-विधान सभा में सक्रियता से भाग लें और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करें.
इस मानसून सत्र के दौरान दिल्ली की राजनीति में गरमाहट तय मानी जा रही है. सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में दो अहम कैग (CAG) रिपोर्टें पेश करेंगी. पहली रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य वित्त से जुड़ी है, जबकि दूसरी रिपोर्ट ‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण’ विषय पर केंद्रित होगी.
शिक्षा मंत्री पेश करेंगे फीस कंट्रोल बिल
विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद सदन में ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस तय करने और उसे कंट्रोल करने में पारदर्शिता) विधेयक, 2025’ पेश करेंगे. इस विधेयक को लेकर पहले से ही राजनीति गरमा चुकी है.

आशीष सूद ने पत्रकारों से कहा, ‘इस सत्र में हम कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे, जिनमें फीस अधिनियम (Fee Bill) प्रमुख है. दिल्ली की जनता को आश्वस्त करता हूं कि उनकी चिंताओं पर सदन में गंभीरता से चर्चा होगी और उनके हित में कानून बनाया जाएगा.’
AAP ने फीस बिल को बताया साजिश

आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार के इस फीस बिल को सीधे अभिभावकों पर हमला और प्राइवेट स्कूलों के लिए तोहफा बताया है. आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस विधेयक को ‘शिक्षा माफिया को बचाने के लिए बनाया गया कानून’ करार देते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तीखे सवाल पूछे हैं.
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जब 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई, तो लगभग हर प्राइवेट स्कूल ने फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी. कुछ स्कूलों ने तो 80 से 82 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई. अभिभावकों ने डीपीएस द्वारका जैसे स्कूलों के बाहर कई दिनों तक प्रदर्शन किया. बच्चों को कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया, उन्हें लाइब्रेरी में बैठाया गया, और स्कूलों के बाहर बाउंसर तैनात किए गए.’
उन्होंने आरोप लगाया कि नए विधेयक में ऑडिट और निरीक्षण की व्यवस्था जानबूझकर हटाई गई है, जिससे स्कूलों को मनमानी करने की खुली छूट मिल जाएगी.
सदन में हो सकता है हंगामा
माना जा रहा है कि विधानसभा में कैग रिपोर्ट और फीस विधेयक को लेकर बीजेपी और आप के बीच तीखी बहस और हंगामा हो सकता है. बीजेपी सरकार जहां आप के पुराने कार्यकाल की कैग रिपोर्टों के जरिए हमलावर हो सकती है, वहीं आम आदमी पार्टी स्कूल फीस को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति में जुट गई है.
गौरतलब है कि बीजेपी सरकार ने इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मामलों में कैग की रिपोर्टें विधानसभा में पेश की थीं, जिन पर खूब बहस और आरोप-प्रत्यारोप हुए थे.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पेपरलेस और डिजिटल विधानसभा के इस पहले सत्र में कितना सार्थक विमर्श होता है, और किसे राजनीतिक बढ़त मिलती है.

21 में से 12 पाकिस्तानी… जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने हाथ से फेंकी AK-47

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पाक‍िस्‍तान की हमेशा कोश‍िश रही क‍ि जम्‍मू कश्मीर के युवाओं के हाथ में AK-47 थमा दी जाए. उन्‍हें बरगलाया जाए, खून की होली खेलने के ल‍िए उकसाया जाए. वर्षों तक पाक‍िस्‍तानी खुफ‍िया एजेंसी आईएसआई इस काम में लगी रही. उसे कुछ कामयाबी भी मिली जब बड़ी संख्‍या में स्‍थानीय युवाओं ने इनके बहकावे में आकर हथ‍ियार उठा ल‍िए. लेकिन बीते 5 साल में तस्‍वीर एकदम बदल चुकी है. अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने AK-47 उतारकर फेंक दी है. इसे एक आंकड़े से आप समझ सकते हैं क‍ि 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 6 अलग-अलग एनकाउंटर हुए, जिसमें 21 आतंकी मारे गए. लेकिन आप जानकर हैरान होंगे क‍ि इनमें 12 पाक‍िस्‍तानी नागर‍िक थे. इनके मुकाबले स्‍थानीय आतंक‍ियों की संख्‍या कम थी. अगर आप बीते 5 साल का आंकड़ा देखेंगे तो वाकई चौंक जाएंगे.
7 मई 2025 को पहलगाम में हुए अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का जवाब अब निर्णायक मोड में दिख रहा है. ताबड़तोड़ एनकाउंटर हो रहे हैं. गल‍ियों से लेकर जंगलों तक और पहाड़‍ियों से लेकर नद‍ियों तक, आतंक‍ियों को तलाश जा रहा है. ड्रोन लगाए गए हैं.‍ सिक्‍योरिटी फोर्स एक एक मूवमेंट पर नजर रख ही है. और हां, स्‍थानीय लोग खुलकर सेना के साथ आ गए हैं. इसी वजह से आतंकी ढेर क‍िए जा रहे हैं. लेकिन अब घुसपैठ कर आने वाले पाकिस्तानी आतंकियों की तादाद ज्यादा है, जबकि कश्मीरी युवाओं की भागीदारी में भारी गिरावट आई है. इसे आप इन आंकड़ों से समझ सकते हैं.

साल मारे गए कुल आतंकी पाकिस्तानी आतंकी स्थानीय आतंकी
2018 257 57 200
2019 152 38 114
2020 221 58 163
2021 180 54 126
2022 187 56 131
2023 147 52 95
2024 112 60 52
2025 59 *(जुलाई तक)* 31* 28*
स्रोत-गृहमंत्रालय
ट्रेंड देखकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी बेचैन
ट्रेंड साफ है, अब आतंकवाद का चेहरा ‘लोकल’ से बदलकर ‘क्रॉस बॉर्डर’ होता जा रहा है. पहले जहां मारे गए आतंकियों में 70% तक स्थानीय युवा होते थे, अब ये आंकड़ा 45% से भी कम रह गया है. ये दिखाता है क‍ि पाक‍िस्‍तानी सेना और खुफ‍िया एजेंसियों को अब कश्मीर में लोग नहीं मिल रहे हैं, जिन्‍हें वे बरगला सकें. यही वजह है क‍ि उन्‍हें पाक‍िस्‍तान से आतंकी भेजने पड़ रहे हैं. कश्मीरी नौजवान खुद को इस खेल से दूर करते जा रहे हैं. यह देखकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी और खुफ‍िया एजेंसी बेचैन हैं.
नई भर्ती नहीं, ट्रेंड आतंकी ही बचे
लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे गुट नई भर्ती की बजाय ट्रेंड आतंकियों को भेजने में लगे हैं. ये आतंकी पूंछ, राजौरी और कुपवाड़ा जैसे इलाकों से फॉरेस्ट रूट्स के जरिए घुसपैठ कर रहे हैं. ड्रोन से हथियार गिराना, LOC के पास लॉन्च पैड और हाई-कॉलिबर रडार जैमर अब उनकी रणनीति का हिस्सा बन गया है. सेना के पूर्व अधिकारी ब्रिगेडियर एसके. चहल कहते हैं क‍ि पहले लोकल रिक्रूटमेंट आईएसआई के ल‍िए आसान था. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आज का कश्मीरी युवा बंदूक नहीं लैपटॉप उठा रहा है. पाकिस्तानी आतंकी अकेले पड़ते जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के युवाओं में बदलाव क्यों?
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हुनर से रोजगार तक जोड़ने के कई कार्यक्रम चलाए हैं. 2020 से अब तक 50,000 से ज्‍यादा युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी गई.
पहले जहां इंटरनेट पर रोक की वजह से तमाम कामकाज रुक जाता था, वहीं अब कनेक्टिविटी और ऑनलाइन लर्निंग बढ़ी है.
युवाओं का झुकाव पढ़ाई, जॉब और बिजनेस की ओर हुआ है.
आर्मी और पुलिस के ऑपरेशन अब टारगेटेड और इंटेलिजेंस-बेस्ड हो गए हैं. मिलिटेंसी में शामिल युवाओं को परिवार के कहने पर आत्मसमर्पण के मौके मिलते हैं.
शाह ने संसद में क‍िया था ऐलान
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था, जम्मू-कश्मीर के नौजवान अब विकास की राह पर हैं. आतंकवाद अब पार से भेजे गए आतंक‍ियों तक सीमित है. एनएसए अज‍ित डोभाल ने कहा था क‍ि अभी जो लड़ाई लड़ी जा रही है, वो लोकल नहीं, एक्सटर्नल डिजाइन के खिलाफ है.

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की खास पहल से 3 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है. इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है. उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है. इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ की लागत से डेवलप किया जा रहा है. बस्तर में भी नई रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है.
यात्रियों का सफर होगा आसान
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के यात्री अब आसानीसे गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे. इससे क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के जरिए प्रदेश के 32 स्टेशन का री डेवेलपमेंट हो रहा है. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं.
चेक करें ट्रेन का शेड्यूल
रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे रवाना होगी. फिर रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी. वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी. इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें 1 एसी चेयर कार, 4 चेयर कार, 8 सामान्य कोच, 1 पावर कार और 1 एसएलआरडी कोच शामिल हैं.

CG Weather Today: मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने अलर्ट जारी किया है “

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CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में दो दिनों से मानसून पर ब्रेक लगा हुआ है। शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में सूखा पड़ा रहा और लोगों को दिन भर गर्मी भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ी। रविवार सुबह से ही राजधानी समेत कई जिलों धुप निकली हुई है। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया था। वहीं अब मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और जमकर बारिश भी हो सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।

मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, बिलासपुर, धमतरी, बलौदाबजार, मुंगेली, दंतेवाड़ा समेत अन्य कई जिलों में जमकर बारिश होगी।

मौसम विभाग ने लोगों से की अपील वहीं, मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि, आने वाले दिनों में मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश में कमी आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों में जोरदार बारिश होगी।