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“दिल्ली की BJP सरकार पर AAP ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप, शुरू किया ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान”

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“दिल्ली की BJP सरकार पर AAP ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप, शुरू किया ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान”

दिल्ली की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी और जनता के हकों की चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान की शुरुआत की. पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज और महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने दिल्ली मुख्यालय से इस अभियान की आगाज किया.

इस दौरान अलग-अलग इलाकों से आई महिलाओं ने 2500 रुपए, मुफ्त सिलेंडर, मुफ्त दवा और अन्य सुविधाएं न मिलने की शिकायत दर्ज कराई. महिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उनके हक मार लिए और चुनावी वादे पूरे नहीं किए.

2500 रुपए और मुफ्त सिलेंडर की हुई चोरी: सौरभ भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने पहले दिल्ली का चुनाव ‘वोट चोरी’ करके जीता और अब जनता के अधिकारों की चोरी कर रही है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने और त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन छह महीने बाद भी किसी महिला को यह सुविधा नहीं मिली.

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री तो झूठ बोल ही नहीं सकते. जरूर उन्होंने पैसे और सिलेंडर भेजे होंगे, लेकिन बीच रास्ते में भाजपा सरकार ने चोरी कर लिया.”

आप नेता ने आगे कहा कि मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी डिस्पेंसरी से मुफ्त दवाएं भी धीरे-धीरे बंद हो रही हैं. यही वजह है कि महिलाएं अब ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं.

भाजपा ने महिलाओं के हक हजम कर लिए: सारिका चौधरी महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चार इंजन की सरकार ने महिलाओं को ठगा है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को 2500 रुपए देने की घोषणा होगी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी किसी महिला के खाते में पैसे नहीं आए.

सारिका चौधरी ने कहा, “भाजपा ने महिलाओं का 2500 रुपए भी खा लिया, मुफ्त सिलेंडर भी हजम कर गए और अब मोहल्ला क्लीनिक की मुफ्त दवाएं भी चोरी कर लीं. सबसे ज्यादा महिलाएं सरकारी अस्पतालों और क्लीनिक में जाती थीं, लेकिन अब उन्हें दवा भी नहीं मिल रही है.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट की चोरी की. कई मतदाताओं के नाम काटे गए, फर्जी वोट बढ़ाए गए और कई महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया.

सीएम पर हमले के चलते सांकेतिक रहा कार्यक्रम सौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह अभियान पूरे दिल्ली में शुरू किया जाना था, लेकिन सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की खबर के चलते इसे केवल सांकेतिक रूप से पार्टी मुख्यालय पर आयोजित किया गया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान पूरे दिल्ली में चलाया जाएगा और महिलाएं अपने हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर भी उतरेंगी.

“MP में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज… 10 साल से खुले में पड़ा सड़ रहा, दुर्गंध से 5 KM एरिया के लोग हलाकान”

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“MP में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज… 10 साल से खुले में पड़ा सड़ रहा, दुर्गंध से 5 KM एरिया के लोग हलाकान”

एक तरफ जहां गरीब परिवार अनाज के दाने-दाने के लिए मोहताज हैं. वहीं रीवा में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज खुले में पड़े-पड़े खराब हो गया. आवारा मवेशी भी इस अनाज को नहीं खा रहे हैं.

हालात ऐसे हैं कि सड़े अनाज की दुर्गंध से 5 KM एरिया के रहवासी काफी परेशान हैं. उन्हें महामारी का डर सताने लगा है. हैरत कि बात यह है कि भ्रष्टाचार की जांच में लाखों क्विंटल अनाज देखते देखते सड़ गया. अब जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.

यह पूरा मामला रीवा जिले के सिरमौर उमरी गांव का है. जहां किसान समृद्धि केंद्र और मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के बगल में 2014 से अनाज खुले में पड़े-पड़े सड़ रहा है. बताया जाता है कि हजारों क्विंटल अनाज का यहां खुले में ही भंडारण किया गया था. भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद अनाज उसी हालत में पड़ा रह गया. आज हालत यह है कि पूरा अनाज सड़ का बिखर गया है. जानवरों के खाने योग्य भी नहीं बचा.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस सड़े हुए अनाज से 4 से 5 किलोमीटर तक का इलाका प्रभावित है. लोगों का आरोप है कि इस गंदगी से हैजा जैसी बीमारियां फैल रही हैं. जिससे इंसान और जानवर दोनों बीमार हो रहे हैं.

एक तरफ सरकार किसानों को उपज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है, तो दूसरी तरफ भंडारण के इंतजाम न होने से लाखों क्विंटल अनाज खराब हो जाता है.

इस मामले पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि यह स्टॉक 2019 में ही हटा दिया जाना था. यह एक गबन का मामला है. जिसकी मार्कफेड में जांच चल रही है. यह किसकी लापरवाही से हुआ है. इसकी जांच की जाएगी और आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी.

कलेक्टर ने तुरंत मार्कफेड को इस सड़े हुए अनाज का डिस्पोज करने का आदेश दिया है. ताकि लोगों को इस परेशानी से जल्द से जल्द निजात मिल सके.

जब भण्डारण करने की क्षमता नहीं है तो इसको बाजार में सबके लिए सुलभ मूल्य पर कर दो ताकि सड़ने के बजाय इसका उपयोग हो सके.

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक लोकसभा से बिना चर्चा पास, अश्विनी वैष्णव बोले- ई गेमिंग को प्रमोट करेंगे, लेकिन…

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“Aaj Ki Taza Khabar: पढ़ें 20 अगस्त 2025 की शाम की टॉप खबरें और अन्य समाचार”

आज की ताजा खबर 20 अगस्त, 2025 की खबरें और समाचार :

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक लोकसभा से पास हो गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के जलालाबाद का नाम बदल दिया गया है.

इन खबरों के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर जाएंगे.

पढ़िए बुधवार शाम की 10 बड़ी खबरें.

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक लोकसभा से बिना चर्चा पास, अश्विनी वैष्णव बोले- ई गेमिंग को प्रमोट करेंगे, लेकिन…

संसद के चालू मॉनसून सत्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर को लेकर गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा. लोकसभा में जोरदार हंगामे के बीच ऑनलाइन गेमिंग बिल बिना चर्चा के पारित हो गया.

UP: शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर किया गया परशुरामपुरी, MHA ने जारी किया आदेश उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के जलालाबाद का नाम बदल दिया गया है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अब से जलालाबाद को परशुरामपुरी नाम से जाना जाएगा. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने की पहल की थी. जिसके बाद गृह मंत्रालय ने पहल करते हुए जलालाबाद का नाम बदल दिया.

पीएम मोदी 22 अगस्त को करेंगे बिहार और बंगाल का दौरा, 18200 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर जाएंगे. इस दौरान वे करीब ₹18200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. बिहार के गया में PM करीब ₹13,000 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे. ये परियोजनाएं बिजली, सड़क, स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी हैं.

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के हमलावर पर हत्या के प्रयास की FIR, हमले की वजह अब भी साफ नहीं दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है. आरोपी की पहचान राजेश के रूप में हुई है, जिससे दिल्ली पुलिस, IB और स्पेशल सेल की टीमें पूछताछ कर रही हैं. राजेश बुधवार सुबह ही ट्रेन से राजकोट से दिल्ली आया था और सिविल लाइंस के गुजराती भवन में रुका था.

लोकसभा में गिरफ्तार मंत्रियों को हटाने के बिल का जोरदार विरोध, विपक्षी सांसदों ने कॉपी फाड़ी, अमित शाह की ओर फेंके कागज लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन अहम विधेयक पेश किए हैं, जिनके तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिन तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान है. इस बिल के पेश होने के दौरान सदन में ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला.

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव कैबिनेट का विस्तार… 3 नए विधायकों ने ली शपथ, मंत्रियों की संख्या हुई 14 छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. इसमें पहली बार के 3 विधायकों को शामिल किया गया. अब मंत्रिमंडल की संख्या बढ़कर 14 हो गई, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज़्यादा है. परंपरागत रूप से छत्तीसगढ़ में अब तक 13 सदस्यीय मंत्रिमंडल रहा है. इस विस्तार से पहले छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री साय सहित 11 सदस्य थे.

‘जितना दबाव बढ़ेगा, उतना साझेदारी मजबूत होगी’, भारत पर अमेरिकी प्रतिबंध के बीच रूस का बयान भारत में रूसी दूतावास के प्रभारी रोमन बाबुश्किन ने कहा है कि पश्चिमी दबाव या प्रतिबंध भारत-रूस रिश्तों को कमज़ोर नहीं मज़बूत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस साल दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को 25 साल पूरे हुए हैं और उच्च स्तर की बातचीत लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा महत्वपूर्ण साबित होगा.

Asia Cup 2025: ‘भेदभाव हो रहा है…’, श्रेयस अय्यर के टीम में ना होने पर भड़के द‍िग्गज, बोले- उनके साथ गलत हुआ एशिया कप 2025 के लिए श्रेयस अय्यर को टीम इंडिया में न चुने जाने पर भारत के पूर्व ओपनर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “श्रेयस के साथ पक्षपात हो रहा है.” श्रीकांत ने कहा, “UAE में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी में उसने बेहतरीन प्रदर्शन किया था, उसके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ क्यों किया गया?”

काबुल में क्या खिचड़ी पक रही है? पाक-चीन और अफगान विदेश मंत्रियों की बैठक, भारत के लिए क्यों है अहम चीन के विदेश मंत्री वांग यी अपने भारत दौरे के बाद बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान पहुंचे हैं. इस दौरान वांग यी काबुल में होने वाले एक त्रिपक्षीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. अफ़ग़ानिस्तान, चीनी विदेश मंत्री के अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री की भी मेज़बानी करेगा. इस त्रिपक्षीय सम्मलेल में CPEC के काबुल तक विस्तार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी.

राजस्थान के सीएम भजनलाल केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल से मिले, ग्रीन एनर्जी और जयपुर मेट्रो समेत इन मुद्दों पर हुई बात राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की. इस दौरान नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और जयपुर मेट्रो फेज-2 पर विस्तार से चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि CM ने अनुरोध किया कि राजस्थान की प्रस्तावित नवीकरणीय ऊर्जा निकासी परियोजनाओं को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III में शामिल किया जाए.

“‘मध्यकाल की ओर वापसी…’, PM और CM को हटाने वाले विधेयक पर बोले राहुल गांधी”

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“‘मध्यकाल की ओर वापसी…’, PM और CM को हटाने वाले विधेयक पर बोले राहुल गांधी”

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में पेश किए गए तीन विधेयकों का कड़ा विरोध किया. इन विधेयकों में प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री या किसी राज्य के मुख्यमंत्री गंभीर आरोपों में लगातार 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है.

राहुल गांधी ने इस कदम को देश को मध्यकालीन के दौर की ओर ले जाने वाला बताया. राहुल गांधी ने कहा कि हम मध्यकाल की ओर लौट रहे हैं, जब राजा अपनी मर्जी से किसी को भी हटा सकता था. अगर राजा को किसी का चेहरा पसंद नहीं आया तो ईडी से गिरफ्तार कराकर लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता को 30 दिन में बाहर कर दिया जाएगा.

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश शासन (संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक पेश किए. सरकार के इस कदम का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया. विपक्षी दलों के सांसदों ने विधेयकों की प्रतियां फाड़ दीं और सदन के भीतर जमकर हंगामा किया.

“लोकसभा में गिरफ्तार मंत्रियों को हटाने के बिल का जोरदार विरोध, विपक्षी सांसदों ने कॉपी फाड़ी, अमित शाह की ओर फेंके कागज”

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“लोकसभा में गिरफ्तार मंत्रियों को हटाने के बिल का जोरदार विरोध, विपक्षी सांसदों ने कॉपी फाड़ी, अमित शाह की ओर फेंके कागज”

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन अहम विधेयक पेश किए हैं, जिनके तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिन तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान है.

इस बिल के पेश होने के दौरान सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला और विपक्षी सांसदों ने बिल के पेश होने का पुरजोर विरोध किया. अमित शाह की तरफ उछाले कागज विपक्ष के कुछ सांसद लोकसभा की वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने बिल की कॉपी भी फाड़ दी और कागज के टुकड़े अमित शाह की तरफ उछाले. हालांकि अमित शाह ने बिल पेश करने के दौरान कहा कि सरकार इस बिल को जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव रखती है. बावजूद इसके बिल को विरोध का सामना करना पड़ा.

संविधान के 130वें संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान सदन में लगातार नारेबाजी होती रही. विपक्षी सांसदों ने सत्ता पक्ष को घेर लिया और गृह मंत्री का माइक मोड़ने की कोशिश की. इस पर काफी हंगामा हुआ और सदन के अंदर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस दौरान सत्ता पक्ष के कई सांसद, गृह मंत्री का बचाव करने के लिए आगे आकर विपक्षी सांसदों को रोकने की कोशिश करने लगे.

बिल पेश करने के दौरान अमित शाह पर फेंके गए कागज वेल में आकर विपक्ष की नारेबाजी सत्ता पक्ष की ओर से रवनीत बिट्टू, कमलेश पासवान, किरेन रिजिजू, सतीश गौतम ने गृह मंत्री के पास नारेबाजी कर रहे आक्रामक सांसदों को रोकने की कोशिश की. लोकसभा की वेल में नारेबाजी की शुरुआत टीएमसी सांसदों ने की और कल्याण बनर्जी ने विधेयक पेश होते ही नारेबाजी शुरू कर दी. बाद में, कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी. इसके बाद सभी कांग्रेस सांसद वेल में आ गए.

केसी वेणुगोपाल के बाद सपा के धर्मेंद्र यादव ने भी अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी और समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य संसद वेल में आ गए. इसके बाद जब गृह मंत्री अमित शाह विधेयक पेश कर रहे थे, तो सभी विपक्षी दल के सदस्य लोकसभा की वेल में आ गए और हंगामा करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

‘जेल जाने पर मैंने दिया था इस्तीफा’ अमित शाह बिल पेश करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आलोचना की और कहा कि मैं जब झूठे मामले में जेल गया था, तब नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देकर गया था. उन्होंने कहा कि जब तक अदालत ने मुझे निर्दोष साबित नहीं किया, तब तक किसी भी संवैधानिक पद को ग्रहण नहीं किया. हम इतने बेशर्म नहीं हैं, कि हम पर आरोप लगें और पद पर बने रहें. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता हमें नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा सकते. अमित शाह ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये नैतिकता के मूल्य बढ़ें.

अमित शाह ने बिल पेश करते हुए इसे 21 सदस्यों वाली जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया. इस पर ध्वनिमत से मतदान के दौरान विपक्ष ने वेल से ही विरोध दर्ज किया. लेकिन प्रस्ताव के ध्वनिमत से पारित होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि कुछ विधेयक राजनीति में शुचिता और नैतिकता के लिए आते हैं, क्योंकि राजनीति में शुचिता और नैतिकता जरूरी है. अब ये बिल जेपीसी के पास चर्चा के लिए भेजे गए हैं.

मार्शलों को आदेश दो कि उद्दंडता करने वाले सांसदों को सदन से निकालकर बाहर सड़क पर कूड़े की तरह फेंक दें । जिन सांसदों ने बतमीजी की है उनको पूरे सत्र के लिए निलम्बित कर देना चाहिए।

यह बिल पास होना चाहिए ताकि संसद में अपराधियों के सम्मिलित होने पर प्रतिबंध लग सके। निसन्देह यह बिल पास होने के बाद संसद के बाहर घटित अपराधों में भी कमी आयेगी।

“बुल्स की वापसी! सेंसेक्स 213 अंक मजबूत होकर बंद, निफ्टी फिर 25000 के पार, ये प्रमुख स्टॉक्स चढ़े”

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“बुल्स की वापसी! सेंसेक्स 213 अंक मजबूत होकर बंद, निफ्टी फिर 25000 के पार, ये प्रमुख स्टॉक्स चढ़े”

ग्लोबल संकेतों के बीच बुधवार को भी घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के आखिर में 213.45 अंक की तेजी के साथ 81,857.84 अंक के लेवल पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी भी 69.9 अंक की तेजी के साथ 25,050.55 के लेवल पर टिका। निफ्टी पर इंफोसिस, एचयूएल, टीसीएस, नेस्ले इंडिया और एनटीपीसी प्रमुख रूप से बढ़त वाले स्टॉक्स रहे, जबकि श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स और इंडसइंड बैंक में गिरावट दर्ज की गई।

“US डॉलर पर बड़ा प्रहार, ब्रिक्स देशों के बीच रुपये में ट्रेड की अनुमति; टैरिफ के खिलाफ भारत का जवाब”

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“US डॉलर पर बड़ा प्रहार, ब्रिक्स देशों के बीच रुपये में ट्रेड की अनुमति; टैरिफ के खिलाफ भारत का जवाब”

इंडियन इकोनॉमी ने वर्ल्ड करेंसी सिस्टम में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्रिक्स देशों के साथ सभी लेन-देन सीधे रुपये में करने की अनुमति देकर, भारत ने अमेरिकी डॉलर के दशकों से चले आ रहे वर्चस्व को एक बड़ी चुनौती दी है।

इस फैसले से भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ने और डॉलर पर उसकी निर्भरता कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में वैश्विक मुद्रा लेनदेन का 90 प्रतिशत डॉलर में होता है। पेट्रोलियम व्यापार लगभग 100 प्रतिशत डॉलर में होता था।

हालांकि, साल 2023 से यह तस्वीर बदलने लगी है। आज, दुनिया के 20 प्रतिशत तेल लेनदेन गैर-अमेरिकी मुद्राओं में होते हैं। अगर यह आंकड़ा बढ़ता है, तो डॉलर का प्रभुत्व खत्म होते देर नहीं लगेगी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में जारी एक परिपत्र के अनुसार, बैंकों को अब वोस्ट्रो खाते खोलने के लिए पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इस निर्णय से विदेशी बैंक सीधे रुपये में लेनदेन कर सकेंगे, जिससे डॉलर की बजाय रुपये का उपयोग करना आसान हो जाएगा।

वोस्ट्रो अकाउंट क्या है? वोस्ट्रो अकाउंट मूलतः किसी विदेशी बैंक द्वारा किसी देश के किसी भी बैंक में खोला गया एक अकाउंट होता है। इस अकाउंट का इस्तेमाल स्थानीय करेंसी के लेनदेन के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी अमेरिकी बैंक का भारत के किसी बैंक में वोस्ट्रो अकाउंट है, तो वह अमेरिकी बैंक उस अकाउंट से रुपये में लेनदेन कर सकता है। इससे इंपोर्ट और एक्सपोर्ट लेनदेन आसान हो जाता है।

टैरिफ के खिलाफ ट्रंप को जवाब ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) देशों की संयुक्त जनसंख्या लगभग 3 अरब है। उनका संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद लगभग 24 ट्रिलियन डॉलर है। इस महासंघ में रुपये को मान्यता मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी स्थिति काफी मजबूत होगी।

दिलचस्प बात यह है कि यह सर्कुलर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद ही जारी किया गया था। इसलिए, इस फैसले को अमेरिकी नीतियों के खिलाफ एक जवाबी कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत का यह कदम न केवल आर्थिक, बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इस फैसले का क्या होगा असर? इस फैसले से भारतीय रुपये का प्रभुत्व बढ़ेगा, डॉलर का प्रभुत्व कम होगा और वैश्विक बाजार में एक नया शक्ति संतुलन बनेगा। इससे भारत को अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, रुपये में लेनदेन बढ़ने से एक्सचेंज रेट स्थिर रहेगी और स्थानीय मुद्रा मजबूत होगी।

“पीएम मोदी 22 अगस्त को करेंगे बिहार और बंगाल का दौरा, 18200 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात”

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“पीएम मोदी 22 अगस्त को करेंगे बिहार और बंगाल का दौरा, 18200 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर जाएंगे. इस दौरान वे करीब 18200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. बिहार के गया में प्रधानमंत्री मोदी करीब 13,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे.

“सीमा विवाद से व्यापार तक.SCO समिट बनेगा भारत-चीन रिश्तों का टर्निंग प्वाइंट? मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर टिकी निगाहें”

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“सीमा विवाद से व्यापार तक.SCO समिट बनेगा भारत-चीन रिश्तों का टर्निंग प्वाइंट? मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर टिकी निगाहें”

भारत और चीन के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने लगी है. बीजिंग से दिल्ली तक बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर सबकी नजर है.

दिल्ली में हुई बातचीत के बाद अब अगला पड़ाव तियानजिन है. सितंबर में SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे. इस मीटिंग के एजेंडे में सीमा पर तनाव, व्यापार, वीजा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना शामिल है.

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले साल कजान में हुई मोदी-जिनपिंग बैठक को याद किया. उन्होंने कहा कि उस मुलाकात ने रिश्तों को नई दिशा दी और सीमा मसले के समाधान की राह खोली.

मोदी औ जिनपिंग मीटिंग एजेंडा पीएम मोदी और जिनपिंग इस बैठक के दौरान कई एजेंडे तय हुए है. जिसमें LAC पर शांति और स्थिरता, कैलाश मानसरोवर यात्रा का विस्तार, बॉर्डर ट्रेड : Lipulekh, Shipki La, Nathu La से दोबारा शुरुआत, सीधी फ्लाइट्स बहाल, वीजा आसान, SCO और BRICS में सपोर्ट और नदियों के जल-साझाकरण पर समझौते आदि मुद्दे शामिल हैं. लेकिन इस मुलाकात से पहले ही चीन ने बड़ा संकेत दिया है. चीन ने फर्टिलाइज़र, रेयर अर्थ मटेरियल और टनल बोरिंग मशीनों पर लगी पाबंदियां हटाने का ऐलान किया गया है.

चीन से मिली ढील का असर फर्टिलाइज़र → किसानों को सस्ता और समय पर खाद रेयर अर्थ मटेरियल → मोबाइल, EV और रक्षा उद्योग को बढ़ावा टनल बोरिंग मशीनें  → मेट्रो, हाइवे, डिफेंस प्रोजेक्ट्स में तेजी फर्टिलाइजर-  भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद आयातक है.

यूरिया और पोटाश का बड़ा हिस्सा चीन से आता है. पाबंदी हटने का मतलब है किसानों को सस्ता और समय पर खाद मिलना. रेयर अर्थ मटेरियल- मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक कार और डिफेंस टेक्नॉलजी, सबमें रेयर अर्थ मेटल जरूरी हैं. चीन पर दुनिया की 90% सप्लाई निर्भर है. भारत के लिए इन पर ढील मिलना यानी टेक्नॉलजी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बूस्ट.

टनल बोरिंग मशीनें- ये मशीनें मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रीढ़ हैं, जैसे हाइवे, मेट्रो और डिफेंस बंकर. चीन पर रोक हटना मतलब भारत के लिए निर्माण कार्य तेजी से और कम लागत पर पूरा होना.

यानी इन तीन क्षेत्रों में चीन की रियायत का सीधा असर किसान, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ेगा और यही कारण है कि मोदी-जिनपिंग मीटिंग का यह सबसे बड़ा पॉजिटिव सिग्नल माना जा रहा है. फर्टिलाइज़र से लेकर टेक्नॉलजी और इंफ्रास्ट्रक्चर तक चीन की यह रियायत भारत के तीन बड़े सेक्टरों को सीधा फायदा पहुंचाएगी. ये तीनों सेक्टर भारत की रीढ़ हैं. खेती से लेकर टेक्नॉलजी और इंफ्रास्ट्रक्चर तक भारत को सीधा फायदा मिलेगा. मोदी-जिनपिंग मीटिंग में इसका रोडमैप तय हो सकता है. यही वजह है कि मोदी-जिनपिंग मुलाकात से रिश्तों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है.

भारत और चीन के बीच तनाव भले ही खत्म न हुआ हो, लेकिन सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं. अब निगाहें इस बात पर हैं कि तियानजिन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से रिश्तों की नई इबारत लिखी जा सकेगी या नहीं ? इससे पहले दिल्ली में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भरोसा दिलाया कि चीन, भारत के लिए कई अहम पाबंदियां हटा देगा.

डोकलाम और गलवान ने डाली थी गहरी दरार असल में डोकलाम और गलवान ने रिश्तों में गहरी दरार डाल दी थी. कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के बाद आज हालात कुछ बेहतर हैं, लेकिन अविश्वास अब भी बाकी है. यही वजह है कि मोदी-जिनपिंग मुलाकात को टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है. मोदी और जिनपिंग की यह मुलाकात सिर्फ फोटो-ऑप नहीं होगी, बल्कि दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों का टेस्ट केस होगी. क्या सीमा पर शांति और व्यापार में भरोसा लौटेगा, इस पर सबकी नजर है.

भारत और चीन दोनों एशियाई ताकतें हैं, लेकिन आपसी अविश्वास ने रिश्तों को रोके रखा है. अब अगर बीजिंग में मोदी-जिनपिंग नई इबारत लिखते हैं, तो इसका असर सीधे भारत के किसानों से लेकर इंडस्ट्री और आम लोगों तक महसूस किया जाएगा.

वांग यी का यह दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में ट्रेड से जुड़े अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं. वहीं, रूसभारतचीन के बीच लगातार बढ़ती बातचीत इस संतुलन को साधती नजर आ रही है. यही RIC एंगल मॉस्को में भी दिख सकता है, जहाँ विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहुंचे हैं.

“5 साल में दोगुना होगा मुकेश अंबानी का एम्पायर, बनाया ये सुपर डुपर प्लान!”

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“5 साल में दोगुना होगा मुकेश अंबानी का एम्पायर, बनाया ये सुपर डुपर प्लान!”

देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी ने एक बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा है कि वे अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को अगले पांच सालों में यानी 2030 तक दोगुना बड़ा बनाएंगे.

अब आप सोच रहे होंगे, इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा? तो जान लीजिए, रिलायंस के 44 लाख से ज्यादा शेयरधारक हैं, यानी वे लोग जिनके पास कंपनी के शेयर हैं. जब कंपनी बड़ी होगी, तो इन शेयरधारकों को उनके निवेश पर सीधे लाभ मिल सकता है.

हालांकि 2024 में रिलायंस के शेयर ज्यादा दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन इस साल अब तक इसमें करीब 16% की बढ़त दर्ज की गई है. 29 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) में मुकेश अंबानी और भी बड़े ऐलान कर सकते हैं, जो निवेशकों के लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

जियो और रिटेल से होगा बड़ा मुनाफा रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्लान है कि कंपनी का मुनाफा (EBITDA) 2029-30 तक दोगुना कर दिया जाए. इसके पीछे सबसे बड़ा योगदान जियो (टेलीकॉम सेक्टर) और रिलायंस रिटेल (दुकानों और ब्रांड्स) का होगा. इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो ने हाल ही में अपने रिचार्ज के दाम बढ़ाए हैं, जिससे उसकी कमाई में बढ़ोतरी होगी.

वहीं, रिटेल बिजनेस में भी अब तेजी आने के साफ संकेत मिल रहे हैं. वहीं विदेशी निवेश फर्म CLSA ने कहा है कि रिलायंस का शेयर अभी के दामों पर काफी सस्ता है. अगर कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी होती है, तो शेयर में जबरदस्त उछाल आ सकता है. CLSA ने तो अगले कुछ महीनों में ही रिलायंस के शेयर का भाव 1,650 रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है.

नई ऊर्जा से बदलेगा खेल रिलायंस अब सिर्फ तेल और मोबाइल तक सीमित नहीं रह गई है. कंपनी अब ग्रीन एनर्जी यानी सौर ऊर्जा और बैटरी के क्षेत्र में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है. रिलायंस का लक्ष्य है कि वह 2026 तक 10 गीगावाट (GW) सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल कर ले. इससे कंपनी की फैक्ट्रियों और डेटा सेंटर्स की बिजली की लागत में करीब 25% तक की बचत होगी.

विदेशी निवेश फर्म नॉमुरा (Nomura) और गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) जैसे बड़े संस्थान मानते हैं कि ये नया बिजनेस रिलायंस के लिए मुनाफे का बड़ा स्रोत साबित होगा.

आने वाले महीनों में हो सकते हैं बड़े ऐलान आगामी एक साल में रिलायंस कई महत्वपूर्ण कदम उठाने वाली है, जो शेयर बाजार में हलचल मचा सकते हैं. इनमें जियो का आईपीओ (IPO) आना, नई फैक्ट्रियों का शुभारंभ और 29 अगस्त को होने वाली AGM में मुकेश अंबानी के बड़े ऐलान शामिल हैं. बड़ी फाइनेंशियल फर्म HSBC ने भी रिलायंस को चार साल बाद खरीदने की सलाह दी है और अगले कुछ महीनों के लिए इसके शेयर का टारगेट प्राइस 1,630 रुपये बताया है.

निवेशकों के लिए सुनहरा मौका? अगर रिलायंस अपने प्लान पर मजबूती से काम करती है तो कंपनी का मुनाफा और शेयर कीमत दोनों में तेज़ी देखने को मिल सकती है. इसका सीधा मतलब है कि जो लोग पहले से रिलायंस में निवेश कर चुके हैं या निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए आने वाला वक्त खासा फायदेमंद साबित हो सकता है.

ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.