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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अटल परिसरों और जलप्रदाय योजनाओं का किया लोकार्पण…

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नालंदा परिसर और डब्ल्यू.टी.पी. का भूमिपूजन भी किया, बालोद नगर पालिका के विकास के लिए चार करोड़ देने की घोषणा की.

मूलभूत विकास कार्यों हेतु दल्लीराजहरा और डौण्डीलोहारा नगरीय निकायों के लिए 3-3 करोड़, डौंडी तथा चिखलकसा नगर पंचायतों के लिए 2-2 करोड़ की घोषणा. 

छत्तीसगढ़ के निर्माण एवं विकास में अटलजी का महत्वपूर्ण योगदान.

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बालोद और डौंडीलोहारा में अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गुरूर, गुंडरदेही और डौंडीलोहारा विकासखंड के गांवों में नल जल योजनाओं का भी लोकार्पण किया।

श्री साव ने बालोद में नालंदा परिसर और डौंडीलोहारा में अमृत मिशन के अंतर्गत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन भी किया।

उन्होंने बालोद शहर के विकास के लिए चार करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बालोद जिला मुख्यालय में तान्दुला नदी पुल से उप जेल तक डिवाइडर निर्माण तथा बालोद से लोहारा मार्ग एवं जगन्नाथपुर से परसोदा मार्ग निर्माण की भी घोषणा की। विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा और श्रीमती अनिला भेड़िया भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बालोद में अटल परिसर तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सोनईडोंगरी एवं मुड़खुसरा तथा गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भोथीपार एवं खल्लारी में एकल ग्राम नल जल योजनाओं का लोकार्पण किया।

उन्होंने डौण्डीलोहारा नगर पंचायत में अटल परिसर तथा ग्राम डूमरघुचा, बड़े जुंगेरा एवं मड़िया कट्टा में नल जल योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने अमृत मिशन 2.0 जल प्रदाय योजना और आदर्श आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों को पूर्णता प्रमाण पत्र एवं आवास की चाबी सौंप कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बालोद के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

श्री साव ने डौण्डीलोहारा नगर पंचायत में मूलभूत विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए व मुक्तिधाम निर्माण के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उन्होंने डौंडी नगर पंचायत में भी मूलभूत विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए एवं मुक्तिधाम निर्माण के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। श्री साव ने चिखलाकसा नगर पंचायत में मूलभूत विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए, दल्लीराजहरा नगर पालिका में मूलभूत विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए तथा मुक्तिधाम निर्माण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने दल्लीराजहरा नगर पालिका तथा दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्षों को इन कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संबलपुर में विश्राम गृह निर्माण के लिए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बालोद और डौंडीलोहारा में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और यहां विकास की गंगा बहाकर राज्य के नवनिर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने प्रदेशवासियों को नए छत्तीसगढ़ राज्य की सौगात देने के साथ ही राजधानी रायपुर में एम्स, न्यायधानी बिलासपुर में उच्च न्यायालय एवं रेलवे जोन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं भारतमाला परियोजना के माध्यम से राज्य के गांवों एवं शहरों में सड़कों का जाल बिछाने का अभिनव कार्य किया है।

श्री साव ने कहा कि बालोद जिले के प्रति शुरू से उनका आत्मीय स्नेह एवं लगाव रहा है। हमारी सरकार बालोद शहर एवं पूरे जिले के विकास के लिए कोई कसर नही छोड़ेगी। बालोद को जिला मुख्यालय की गरिमा के अनुरूप सजाया-संवारा जाएगा।

राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, बालोद जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, बालोद नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, डौण्डीलोहारा नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष श्रीमती नेहा उपाध्याय, पूर्व विधायक श्री वीरेंद्र साहू और श्री प्रीतम साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित पार्षदगण तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सराहना की…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ का कर रहे है कायाकल्पप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी निष्ठा से कार्यरतमुख्यमंत्री

रायपुर: गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।

प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।

बिलासपुर शहर में स्थापित होगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा, शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर होगा ये ओवरब्रिज, सीएम साय ने किया ऐलान…

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रायपुरः पुलिस परेड ग्राउंड बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की।

उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है।

यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, अटल वास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, जनजातीय समाज के हेमंत राज, वीरेंद्र सिंह राज, उमेश कश्यप, मती वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

राउत नाचा महोत्सव में शामिल हुए सीएम साय, पारंपरिक वेषभूषा पहनकर गाया दोहा…

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रायपुर: बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में 48वें रावत नाचा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नाचा महोत्सव में शामिल होने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री शाला प्रांगण पहुंचे। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक कालीचरण यादव एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने भगवान कृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में मंच पर पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि “यदुवंशी समाज वह समाज है, जहां प्रभु कृष्ण ने जन्म लिया। छत्तीसगढ़ की नृत्य–गायन परंपरा हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का सजीव प्रतीक है।” मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा गाकर यदुवंशी समाज एवं नर्तन दलों को आशीर्वचन भी दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, संस्कृति और कला का अप्रतिम प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर सभी को शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “48 वर्षों से इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक गर्व का प्रमाण है।” उन्होंने समस्त समाज एवं नर्तक दलों को शुभकामनाएँ दीं।

बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण समिति द्वारा निरंतर किया जा रहा है।

समाज के मंगल और सद्भाव के लिए यदि कोई समाज सतत प्रयासरत है, तो वह यादव समाज है।” उन्होंने सभी को महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “बिलासा की पावन धरा पर रावत नाचा महोत्सव का आयोजन होना सौभाग्य की बात है। यदुवंशी समाज के लोग घर–घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करते हैं।” उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया। महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रावत नाचा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला और कहा कि पिछले 47 वर्षों से रावत नाचा महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतीक बना हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पारंपरिक वेशभूषा में राउत नाचा दलों के बीच पहुंचे और ढोल–नगाड़ों की गूंजती धुन पर उनके साथ झूमकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

उन्होंने नर्तक दलों की मनमोहक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि रावत नाचा जैसी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी और हमारी परंपराओं को सदैव जीवित रखेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, कोटा विधायक अटल वास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया तथा महापौर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

Weather: इन इलाकों में चलेगी शीतलहर, पड़ेगी कड़ाके की ठंड, कैसा रहने वाला है मौसम का हाल…

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मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक दो स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी जारी की है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल चुका है। ठंड ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश में सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक दो स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ठंड को ले कर येलो अलर्ट जारी किया है।

प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान अम्बिकापुर में 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं राजनांदगांव में 8.5 डिग्री सेल्सियस, दुर्ग में 10.2 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर में 13.2 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रा रोड में 10.4 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर 14.3 डिग्री सेल्सियस और राजधानी रायपुर रायपुर माना एयरपोर्ट 10.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में तापमान में गिरावट हो रही है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है। इन जिलों में रायपुर, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जैसे जिले शामिल है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बीते कुछ दिनों में औसतन तापमान में गिरावट दर्ज हुई है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। अंबिकापुर में 7.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किय गया है। मौसम विभाग का कहना है कि, उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है।

लाल आतंक पर एक और बड़ा वार, मुठभेड़ में तीन खूंखार नक्सली ढेर, कई बड़ी वारदातों में थे शामिल…

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सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं। वहीं जवानों और नक्सलियों के बीच अब भी मुठभेड़ जारी है। सुकमा एसपी लगातार जवानों के संपर्क में हैं और मुठभेड़ के अपडेट ले रहे हैं।

मुठभेड़ के बीच जानकारी निकलकर सामने आई है कि, मारे गए तीनों नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। मरने वाले नक्सलियों में जनमिलिसिया कमांडर स्नाइपर स्पेशलिस्ट एरिया कमेटी सदस्य माड़वी देवा, CNM कमांडर पोड़ियम गंगी और किस्टाराम की एरिया कमेटी सदस्य (इंचार्ज सचिव) सोड़ी गंगी शामिल है। तीनों ही नक्सली कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

DRG जवानों और नक्सलियों के बीच भेज्जी चिंतागुफा के बीच के इलाके में मुठभेड़ हुई है। वहीं इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं। नक्सलियों के मरने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण लगातार जवानों के संपर्क में हैं और पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि, मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। गृहमंत्री शाह की घोषणा पर छत्तीसगढ़ सरकार अमल कर रही है। गृहमंत्री शाह के ऐलान के बाद से जवान सक्रीय हो गए हैं और नक्सलियों को मौत के घाट उतार रहे हैं। जवानों ने अब तक कई बड़े नक्सलियों को मौत की नींद सुला दिया है। वहीं जवानों की कार्रवाई को देखते हुए कई बड़े नक्सलियों ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।

धान खरीदी का महाअभियान शुरू, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा किसानों को मूल्य…

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छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू कर दी है। इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 प्रति क्विंटल तय किया गया है। धान खरीदी का महाअभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा।

रायपुर। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू कर दी है। इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 प्रति क्विंटल तय किया गया है। धान खरीदी का महाअभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर धान खरीदी के लिए चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है। इस साल राज्य में 2,739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने के लिए माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केन्द्रों में 19,464 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने सख्ती दिखाते हुए एस्मा एक्ट 1979 लागू कर दिया है। धान खरीदी को अतिआवश्यक सेवा मानते हुए, सरकार ने 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक पूरी अवधि के लिए कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 लागू कर दिया है। आदेश के मुताबिक, खरीदी में ड्यूटी पर लगाए गए सभी कर्मचारियों (समिति प्रबंधक, आरईओ, पटवारी, पंचायत विभाग के कर्मचारी आदि) को काम करना अनिवार्य होगा। लापरवाही बरतने या काम करने से इनकार करने वाले कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी और उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था करके धान खरीदी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।

धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्री, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुंचकर किसानों का स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रानिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने रायगढ़ जिले के कोड़ातराई उपार्जन केंद्र में धान खरीदी योजना का विधिवत शुभारंभ किया।

जननायक बिरसा मुंडा की शहादत अविस्मरणीय : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह…

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– वनवासी क्षेत्रों का हो रहा विकास, दूरस्थ क्षेत्रों में बिछाया जा रहा सड़कों का जाल
– छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा परिवर्तन
– प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास बनाए गए
– वनवासी परिवारों को मिले 7 लाख आवास
– विधानसभा अध्यक्ष जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

राजनांदगांव। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को वाईसन हॉर्न मुकुट पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं महिलाओं को सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी को जनजातीय दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज देश के 700 जिलों में इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश पहुंच रहा है कि हम जननायक बिसरा मुंडा की शहादत को नहीं भुलेंंगे और उनकी याद को अक्षुण्य बनाए रखेंगे। अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ झारखंड में बिरसा मुंडा ने विद्रोह किया।

उन्होंने झारखंड के युवाओं को संगठित किया और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। बिरसा मुण्डा को भगवान की उपाधि दी गई है और लोकगीत, लोककथाओं एवं जनश्रुतियों में उनका वर्णन मिलता है। उनकी अद्भुत शक्ति के कारण छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में उनका व्यापक प्रभाव पड़ा। बिरसा मुण्डा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ वनवासी युवाओं ने विद्रोह कर युद्ध की घोषणा की। जिसे दबाने के लिए अंग्रेजों ने भीषण नरसंहार किया। बिरसा मुंडा ने देश के लिए अपनी शहादत दी। उनके संघर्षों को हम आज नमन करते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना के अनुरूप वनवासी क्षेत्रों का विकास हो रहा है तथा दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। प्रदेश में कुपोषण, गरीबी एवं पलायन को रोकने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा योजना लाई गई, जिसके माध्यम से वनवासी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वनवासियों के लिए तेंंदूपत्ता संग्राहकों को 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए पारिश्रमिक कर दिया है।

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से 18 लाख आवास बनाए गए, जिनमें से 7 लाख आवास वनवासियों को मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

हर गांव में पेयजल, बिजली एवं अन्य सुविधाओं का विकास हो रहा है। वनवासी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या होने पर धरती आबा योजना अंतर्गत ऐसे क्षेत्रों में पेयजल, शिक्षा, राशन, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है। हमारा देश, गौरव, अस्मिता, स्वाभिमान, हमारी संस्कृति, मिट्टी से जुड़ा है। संस्कृति एवं संस्कार की रक्षा के लिए वीरों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। इतिहास में ऐसे महानायक जो कही न कही विस्मृत हो गए, ऐसे पूर्वजों को याद करने के लिए आज का यह दिन महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुण्डा के जीवन यात्रा के संबंध में जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोड़ापे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भुआर्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी, पार्षद श्री सेवक उईके, समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि श्री आत्माराम चंद्रवंशी, श्री एमडी ठाकुर, श्री नीलकंठ गढ़े, श्रीमती सुशीला नेताम, श्री एचआर ठाकुर, श्री राहुल नेताम, श्री गेमू लाल कुंजाम, श्री आरएस नायक, श्रीमती पुष्पा उईके, श्री ललित कुमरे, श्री आरपी ठाकुर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने धान उपार्जन केन्द्र भानपुरी में पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ… 

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– किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा कर धान विक्रय के लिए दी शुभकामनाएं
– शासन द्वारा समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी से किसानों में हर्ष व्याप्त

राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र भानपुरी में इलेक्ट्रानिक कांटा बाट मशीन में धान का बारदाना रखकर पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किसानों को फूल माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह धान खरीदी केन्द्र में धान की बिक्री के लिए पहुंचे किसानों से रूबरू हुए। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा की और किसानों को धान विक्रय के लिए शुभकामनाएं दी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत आज से पूरे प्रदेश में धान खरीदी की शुरूआत हो रही है और प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान का वाजिब कीमत देने, समय पर खरीदी करने, समय पर उठाव करने तथा अन्य कार्यों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के संबंध में किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से संपर्क कर सकते है।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में शुरू की गई धान खरीदी के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सभी 96 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जाएगी। धान खरीदी हेतु इस वर्ष 1 लाख 28 हजार 410 कृषकों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में बारदाने उपलब्ध है। धान खरीदी के लिए मानव संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। धान खरीदी हेतु टोकन जारी किया जा रहा है। किसान टोकन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान ब्रिकी कर सकते है। इस अवसर पर समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, एडीएम राजनांदगांव श्री गौतमचंद पाटिल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, केन्द्रीय सहकारी समिति के सीईओ श्री सोनी सहित सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।