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“कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति? भाजपा की तरफ इन दो नामों की चर्चा तेज, एक तो बोला जा रहा है प्रबल दावेदार”

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देश में उपराष्ट्रपति पद का चुनाव अब बेहद नजदीक है। 9 सितंबर को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 21 अगस्त और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है।

यह चुनाव इसलिए चर्चा में है क्योंकि जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

NDA ने साफ कर दिया है कि उम्मीदवार का अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा लेंगे। इस बार भाजपा का ही उम्मीदवार बनने की संभावना ज्यादा है। दौड़ में कई नाम हैं, लेकिन दो नेता सबसे आगे बताए जा रहे हैं-थावरचंद गहलोत और ओम माथुर।

Vice President: कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति? रेस में इस नेता का नाम सबसे आगे, जल्द होगा बड़ा ऐलान

थावरचंद गहलोत: अनुभव और जातीय समीकरण में फिट कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत (77) भाजपा के सीनियर और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। वे राज्यसभा में सदन के नेता रह चुके हैं और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य रह चुके गहलोत दलित समुदाय से आते हैं और प्रशासनिक अनुभव भी रखते हैं।

थावरचंद गहलोत का राजनीतिक सफर 1980: पहली बार विधायक बने

  • 1990: मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री
  • 1996: पहली बार लोकसभा पहुंचे (शाजापुर, म.प्र.)
  • 1998: दोबारा लोकसभा जीती
  • 1999: तीसरी बार लोकसभा सदस्य और भाजपा संसदीय दल के चीफ व्हिप
  • 2002: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, पूर्वोत्तर प्रभारी
  • 2004: चौथी बार लोकसभा, भाजपा उपाध्यक्ष
  • 2012: राज्यसभा सदस्य
  • 2014: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री
  • 2018: दूसरी बार राज्यसभा सदस्य
  • 2019: राज्यसभा में सदन के नेता
  • 2021: कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त

कौन बनेगा भारत का अगला उपराष्ट्रपति? 5 नेता के नाम वाइस प्रेसिडेंट की रेस में आगे ,फाइनल फैसला मोदी के हाथ में

ओम माथुर: मोदी-शाह के करीबी रणनीतिकार

सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर (73) राजस्थान से आते हैं और भाजपा संगठन के कद्दावर चेहरे हैं। वे गुजरात चुनाव के समय प्रभारी रहे, जब मोदी मुख्यमंत्री थे, और अमित शाह के भी भरोसेमंद माने जाते हैं। आरएसएस में प्रचारक रह चुके माथुर संगठन कौशल और राजनीतिक रणनीति में माहिर हैं।

ओम माथुर का राजनीतिक सफर

  • 1972: आरएसएस प्रचारक
  • 1988: भाजपा में शामिल
  • 1990: राजस्थान भाजपा के महासचिव
  • 2002: भाजपा के केंद्रीय प्रभारी
  • 2004: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव
  • 2005: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव
  • 2008: राजस्थान भाजपा अध्यक्ष
  • 2008: राज्यसभा सदस्य
  • 2014: भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  • 2016: दूसरी बार राज्यसभा सदस्य
  • 2024: सिक्किम के राज्यपाल

उपराष्ट्रपति के अन्य संभावित दावेदार

हरिवंश नारायण सिंह – राज्यसभा उपसभापति, जेडीयू नेता, NDA सहयोगियों में स्वीकार्य चेहरा।

आचार्य देवव्रत – गुजरात के राज्यपाल, पूर्व हरियाणा राज्यपाल, शिक्षा व संस्कृति से गहरा जुड़ाव, आरएसएस पृष्ठभूमि।

वीके सक्सेना – दिल्ली के उपराज्यपाल, प्रशासनिक अनुभव, स्वदेशी आंदोलन से जुड़े। मनोज सिन्हा – जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल, अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रशासनिक स्थिरता में अहम भूमिका। शेषाद्रि चारी – पूर्व आरएसएस प्रचारक, भाजपा के वैचारिक रणनीतिकार, विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में गहरी समझ।

उपराष्ट्रपति कैसे चुने जाते हैं? निर्वाचक मंडल का गठन – लोकसभा व राज्यसभा के सभी निर्वाचित और नामित सदस्य शामिल होते हैं। चुनाव की अधिसूचना – निर्वाचन आयोग तारीखें जारी करता है।

नामांकन प्रक्रिया – उम्मीदवार को कम से कम 20 सांसद प्रस्तावक और 20 सांसद समर्थक के रूप में चाहिए। प्रचार – केवल सांसद ही मतदाता होते हैं, इसलिए प्रचार सीमित दायरे में होता है।

मतदान – सांसद मतपत्र पर प्रत्याशियों को प्राथमिकता क्रम (1, 2, 3…) में अंकित करते हैं।

गिनती और परिणाम – 50% से ज्यादा वैध वोट पाने वाला उम्मीदवार विजेता घोषित होता है।

वीके सक्सैना ही उप राष्ट्रपति बनेंगे; कुछ गेस करो मोदी जी को कोई समझ पाया है और ना समझ पाएगा जब नाम आएगा तो सब ताज्जुब करेंगे।

 

“वो पांच बातें जो बन सकती हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का हिस्सा”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. यह 12वां मौका होगा, जब पीएम मोदी लालकिले से देश को संबोधित करेंगे.

उम्मीद की जा रही है कि अपने भाषण में वो देश के लिए कई तरह की घोषणाएं करेंगे. इससे पहले 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने, 2047 तक भारत का विकसित राष्ट्र बनाने, 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी करने और 6जी फोन सेवाएं शुरू करने जैसी घोषणाएं की थीं. पीएम मोदी ने एक अगस्त को ट्वीट कर लोगों से अपने भाषण के लिए सुझाव मांगे थे. उन्होंने कहा था कि लोगों के सुझावों को अपने भाषण में शामिल करेंगे. आइए देखते हैं कि इस बार पीएम मोदी लालकिले की प्राचीर से क्या घोषणाएं कर सकते हैं.

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत इस साल मई में जापान को पछाड़ कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. अब भारत की नजर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर लगी हुई है. जर्मनी अभी चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत की कोशिश अगले दो-तीन साल में जर्मनी को पछाड़ने की है. साल 2015 में देश की अर्थव्यवस्था 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी. यह 2025 में बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है. मतलब की अर्थव्यवस्था का साइज करीब दो गुना बढ़ा है. जानकारों का कहना है कि जीडीपी का विकास अगर इसी रफ्तार से होता रहा तो 2028 में अर्थव्यवस्था का आकार 5.5 ट्रिलियन डॉलर का हो जाएगा. इसके बाद भारत जर्मनी को पछाड़ कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. आईएमएफ ने 2025 में जर्मनी की अर्थव्यस्था के शून्य के रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद जताई है. 2026 में यह 0.9 फीसदी हो सकता है. इसे देखते हुए भारत के तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना जोरों पर है. उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले से इस लक्ष्य को हासिल करने का खाका खीचें.

किसानों की बात अमेरिका काफी समय से भारत से अपना कृषि क्षेत्र खोलने की मांग कर रहा है. इसके लिए वह कई तरह के दवाब बना रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है. लेकिन भारत ने भी कह दिया है कि वो अपने किसानों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है. संसद में पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही उन्हें अपने निजी संबंधों की कीमत चुकानी पड़े वो अपने किसानों और पशुपालकों का अहित नहीं होने देंगे. ट्रंप के टैरिफ वॉर और उसकी भारत के कृषि क्षेत्र पर लगी हुई नजर को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी इस दिशा में कोई घोषणा करें.

चुनावी राज्यों को सौगात इस साल बिहार विधानसभा का चुनाव होना है. बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष सुप्रीम कोर्ट, संसद और सड़क पर तक लड़ाई लड़ रहा है. इसके अलावा अगले साल मई तक असम,तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल के चुनाव होने हैं. ये इन पांच राज्यों के चुनाव अगले साल के स्वतंत्रता दिवस से पहले ही हो जाएंगे. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी लालकिले से अपने भाषण इन चुनावी राज्यों के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं. इससे पहले सरकार ने इस साल के बजट में बिहार के लिए कई तरह की घोषणाएं की थी.

युवाओं पर नजर सरकार ने इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत प्रशिक्षण हासिल कर रहे युवाओं को आमंत्रित किया है. पीएमआईएस से जुड़े देश भर से 100 से अधिक प्रशिक्षुओं को आमंत्रित किया गया है. ये प्रशिक्षु 14 से 16 अगस्त तक अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इस तैयारी को देखते हुए कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण के दौरान युवाओं के लिए किसी बड़ी योजना का ऐलान कर सकते हैं, जो आज देश की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. ऐसा वो पहले भी कर चुके हैं.

जम्मू कश्मीर के लिए क्या होगा बड़ा ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में से एक है जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति. यह फैसला मोदी सरकार ने 2019 में लिया था.लेकिन इसके साथ ही राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा वापस लेकर केंद्रशासित राज्य बना दिया था. इसके बाद से ही राज्य के राजनीतिक दल राज्य के पूर्ण दर्ज की बहाली की मांग कर रहे हैं. इसे देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी लालकिले से जम्मू कश्मीर के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं. राज्य को कोई बड़ा आर्थिक पैकेज भी दिया जा सकता है.

“नक्सल मोर्चे के शेरदिल सपूतों को राष्ट्रपति का वीरता पदक, सुकमा और दंतेवाड़ा मुठभेड़ों के जांबाज होंगे सम्मानित”

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“स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर की निगाहें छत्तीसगढ़ के उन बहादुर जवानों पर हैं, जिन्होंने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस और बलिदान का परिचय दिया. राष्ट्रपति द्वारा इन जांबाज पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है.

सुकमा के रणबांकुरे 7 मई 2023 को सुकमा जिले के थाना भेड़ी क्षेत्र के ग्राम डोरासेपुंग में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में तीन माओवादी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए. इस साहसिक अभियान के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, उप निरीक्षक संदीप कुमार और आरक्षक मडकम पाणे को वीरता पदक प्रदान किया जाएगा.

इसके अलावा, 12 अगस्त 2020 को थाना चिंतलनार के ग्राम पुटुमपाड़ मेकलरजुड़ में चार माओवादियों को ढेर करने वाले आरक्षक मडकम हुस्मा, मडकम हुगा, वास्सु हुगा और सहायक आरक्षक रोशन गुट्टा भी इस सम्मान के हकदार बने हैं.

शहादत को सलाम 25 फरवरी 2023 को थाना अरनपुर क्षेत्र में हुए नक्सली हमले में सजनी रामूराम नाग, आरक्षक कुंगमा माडवी और आरक्षक वांगो भीमा शहीद हो गए थे. इन्हें मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा.

दंतेवाड़ा के जाबांज 20 अप्रैल 2021 को थाना अरनपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में एक माओवादी को मार गिराने वाले प्रधान आरक्षक सूरज मरकाम और आरक्षक माडवी सन्नू को यह सम्मान मिलेगा. वहीं, 13 जनवरी 2021 को टेटेकटेंगु-माजुम में मुठभेड़ में एक माओवादी को ढेर करने वाले सीसी कोरौ सिंह और आरक्षक पुसुले देवायण को भी वीरता पदक से नवाज़ा जाएगा.

देश के लिए गर्व का क्षण इन वीर सपूतों ने कठिन जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और गोलियों की बौछार के बीच अपनी जान की परवाह न करते हुए डटकर मुकाबला किया. उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है. राष्ट्रपति का यह सम्मान नक्सल मोर्चे पर तैनात हर उस जवान के जज्बे को सलाम है, जो मातृभूमि की रक्षा के लिए हर पल तैयार खड़ा है.

“ऑपरेशन सिन्दूर’ के लिए BSF के 16 कर्मी वीरता पदक से सम्मानित, पूरी सूची देखें”

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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय वीरता और पराक्रम का प्रदर्शन करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सोलह कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। बीएसएफ, पाकिस्तान से लगी भारत की पश्चिमी सीमा की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है।

यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में 7 से 10 मई तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इस हमले में ऑपरेशन सिंदूर के तहत 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

इस स्वतंत्रता दिवस पर, 16 बहादुर सीमा प्रहरियों (सीमा प्रहरियों) को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके अदम्य साहस और अद्वितीय पराक्रम के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है। बीएसएफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा ये पदक भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति: सीमा सुरक्षा बल में राष्ट्र के विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं।

Indian Air Force के S-400 ने 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य भेद कर विश्व रिकॉर्ड बनायाः

16 बीएसएफ कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया पदक विजेताओं में एक डिप्टी कमांडेंट रैंक का अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं।

सब इंस्पेक्टर व्यास देव कांस्टेबल सुद्दी राभा अभिषेक श्रीवास्तव, सहायक कमांडेंट कांस्टेबल भूपेंद्र बाजपेयी कांस्टेबल राजन कुमार कांस्टेबल बसवराज शिवप्पा सुनकड़ा हेड कांस्टेबल बृज मोहन सिंह कांस्टेबल देपेश्वर बर्मन इंस्पेक्टर उदय वीर सिंह रवींद्र राठौर, उप कमांडेंट इंस्पेक्टर देवी लाल हेड कांस्टेबल साहिब सिंह कांस्टेबल कंवराज सिंह एएसआई राजप्पा बी टी कांस्टेबल मनोहर क्साल्क्सो आलोक नेगी, सहायक कमांडेंट वीरता पदक (जीएम) वीरता के दुर्लभ विशिष्ट कार्य और वीरता के विशिष्ट कार्य के आधार पर क्रमशः जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रदान किए जाते हैं, जिसमें संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के संबंध में जोखिम का अनुमान लगाया जाता है।

Operation Sindoor पर KBC एपिसोड विवाद में घिरा, शो में महिला सैन्य अधिकारियों की वर्दी में मौजूदगी पर उठे सवाल 1,090 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदक से सम्मानित किया गया स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर पुलिस, अग्निशमन, गृह रक्षक और नागरिक सुरक्षा (एचजी एवं सीडी) तथा सुधारात्मक सेवाओं के कुल 1090 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।

इनमें से 233 कर्मियों को वीरता पदक (जीएम), 99 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) और 758 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया गया है। इन 233 वीरता पुरस्कारों में से अधिकांश में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 54 कर्मी, जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के 152 कर्मी, पूर्वोत्तर के 3 कर्मी और अन्य क्षेत्रों के 24 कर्मी शामिल हैं जिन्हें उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

“भारत-अमेरिका टैरिफ वॉर के बीच आई अबतक की सबसे सनसनीखेज खबर, जानकर हिल जाएंगे डोनाल्ड ट्रम्प”

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अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते पर लंबी बातचीत के बावजूद कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल भारत पर 25 प्रतिशत का आधार शुल्क लगाया, बल्कि रूस से सस्ता तेल खरीदने पर दंड स्वरूप 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की भी घोषणा की।

हालाँकि, यह अतिरिक्त शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है, बल्कि 27 अगस्त से लागू होना है। भारत की आर्थिक मजबूती पर रिपोर्ट इस बीच, एक ऐसी रिपोर्ट आई है, जो भारत की बढ़ती आर्थिक मजबूती को दर्शाती है, और जिसे देखकर अमेरिकी राष्ट्रपति भी हैरान हो सकते हैं। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के निदेशक यिफार्न फूका का कहना है कि अमेरिकी शुल्क से भारत की आर्थिक वृद्धि प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि भारत एक व्यापार-उन्मुख अर्थव्यवस्था नहीं है। उन्होंने बुधवार को कहा कि भारत की ‘सॉवरेन रेटिंग’ का परिदृश्य सकारात्मक बना रहेगा। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने पिछले साल मई में मजबूत आर्थिक वृद्धि का हवाला देते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘बीबीबी-‘ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया था।

इस पर असर क्यों नहीं पड़ेगा? यह पूछे जाने पर कि क्या टैरिफ लगाने से भारत के सकारात्मक दृष्टिकोण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के निदेशक ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका भारत की आर्थिक वृद्धि पर कोई प्रभाव पड़ेगा क्योंकि भारत बहुत अधिक व्यापार-उन्मुख अर्थव्यवस्था नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में निर्यात के मामले में भारत की अमेरिका पर निर्भरता देखें, तो यह लगभग 2 प्रतिशत ही है। एसएंडपी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के बराबर है।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के तिरंगे फहराने वाले आदेश पर मस्जिदों को क्यों ऐतराज?

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छत्तीसगढ़ के वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य की सभी मस्जिद, मदरसों, दरगाहों के मुख्य द्वार पर तिरंगा फहराने का आदेश दिया, इस आदेश की एक कॉपी भी दिखाई गई, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के ध्वजारोहण का उल्लेख है, हालांकि, छत्तीसगढ़ की कुछ मस्जिदों और मदरसों को इस आदेश पर आपत्ति है, उनका कहना है कि मस्जिदों पर तिरंगा फहराने का फैसला सही नहीं है.

छत्तीसगढ़ में 3 से 4 दिन तक झमाझम बारिश का दौर, कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट ..

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बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में एकबार फिर जोरदार बारिश के आसार हैं। अगले तीन से चार दिन तक छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम जानें…

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से आगामी तीन से चार दिन तक छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश होने की संभावना है। निम्न दाब का सबसे ज्यादा असर दक्षिणी छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग के जिलों में दिखने को मिल सकता है। इधर मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश का मुख्य केंद्र दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिले हो सकते हैं। बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट रायपुर, दुर्ग-भिलाई सहित कुछ जिलों में सुबह मध्यम बारिश हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 116.5 मिमी और सुकमा जिले में 82.4 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिलों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में येलो अलर्ट वहीं बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा -मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

30 से 40 की स्पीड से चलेंगी हवाएं इन जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटना भी हो सकती है। वहीं हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे चलने की संभावना है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। बुधवार को इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम मध्य में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है।

तीन से चार दिन तक बारिश के आसार आगामी तीन से चार दिन तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ ही दक्षिणी हिस्से के एक दो स्थानों पर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर में मध्यम बारिश हुई है। 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में अति भारी बारिश, बिजली गिरने, बादल गरजने की घटना भी हो सकती है।

रायगढ़ जिले में 116.6 मिमी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा रायगढ़ जिले में 116.6 मिमी बारिश हुई है। जशपुर में 28.5 मिमी, सरगुजा में 45.4 मिमी, बलरामपुर-रामानुजगंज में 53.2 मिमी, सूरजपुर में 31.4 मिमी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में 30.2 मिमी, कोरबा में 34.2 मिमी, बिलासपुर में 33.4 मिमी, सक्ती में 38.4 मिमी, बिलाईगढ़-सांरगढ़ में 19.6 मिमी, महासमुंद में 35 मिमी, रायपुर में 25.8 मिमी, दुर्ग में 24.3 मिमी, राजनांदगांव में 18 मिमी, धमतरी में 34 मिमी, गरियाबंद में 28.9 मिमी, कांकेर में 62.6 मिमी, कोंडागांव में 29.3 मिमी, बीजापुर में 19.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 45 मिमी, सुकमा में 35.5 मिमी और बस्तर जिले में 82.4 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है।

CG: सीएम विष्णुदेव साय स्वतंत्रता दौड़ में हुए शामिल – कहा .. हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुरुवार को राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है।

सीएम विष्णुदेव साय स्वतंत्रता दौड़ में हुए शामिल –
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुरुवार को राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।  इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है। उन्होंने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है।  तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती  थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।

CG: 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह: कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों और आमंत्रित अतिथियों के लिए पुलिस विभाग ने विशेष मार्ग और पार्किंग व्यवस्था लागू की है।

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79वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों और आमंत्रित अतिथियों की सुविधा के लिए पुलिस विभाग ने विशेष मार्ग और पार्किंग व्यवस्था लागू की है।

ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था ;
79वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों और आमंत्रित अतिथियों की सुविधा के लिए पुलिस विभाग ने विशेष मार्ग और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। साथ ही, परेड ग्राउंड में कुछ वस्तुएं ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।

पार्किंग और प्रवेश व्यवस्था
लाल कार पास धारक वाहन

  • रूट: PWD चौक → छत्तीसगढ़ कॉलेज → कुन्दन पैलेस → PWD कॉलोनी → M.T. वर्क्स शॉप गेट → वायरलेस ऑफिस
  • पार्किंग: मंच के पीछे स्थित VIP पार्किंग

बिना पास धारक वाहन

  • पार्किंग: सेंट पॉल स्कूल ग्राउंड
  • प्रवेश: पैदल, पुलिस लाइन R.I. गेट से

स्कूल बसें

  • छात्रों को उतारना: धमतरी गेट (पुलिस लाइन पिछला गेट)
  • बस पार्किंग: विवेकानंद सरोवर परिक्रमा पथ

सिद्धार्थ चौक/पुरानी बस्ती की ओर से आने वाले बिना पास वाहन

  • पार्किंग: विवेकानंद सरोवर परिक्रमा पथ
  • प्रवेश: पैदल, धमतरी गेट से

PWD चौक से आने वाले बिना पास वाहन

  • सेंट पॉल स्कूल
  • प्रवेश: R.I. गेट से पैदल

मीडिया OB वैन

  • प्रवेश: धमतरी गेट
  • पार्किंग: हेलीपैड के पास

पार्किंग प्रतिबंध

  • कार्यक्रम स्थल के चारों ओर सड़कों पर सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • VIP मार्ग को छोड़कर अन्य मार्गों से ही निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन पार्क करने की अपील।

यातायात डायवर्जन

  • पेंशनबाड़ा चौक, PWD चौक, और महिला थाना चौक से पुलिस लाइन की ओर केवल कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा।
  • सामान्य यातायात को कार्यक्रम समाप्ति तक वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।

परेड ग्राउंड में प्रतिबंधित वस्तुएं

  • शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, तंबाकू
  • माचिस, लाइटर, ज्वलनशील पदार्थ
  • छाता, बोर्ड, वाद्य यंत्र
  • आग्नेय अस्त्र, फटाका, चाकू, तलवार, कैंची, ब्लेड
  • धारदार/खतरनाक वस्तुएं
  • भड़काऊ पोस्टर, गुब्बारे, गेंद
  • लकड़ी की लाठी, हॉकी स्टिक
  • प्रचार सामग्री, लाउडस्पीकर, हॉर्न, रेडियो
  • पालतू जानवर

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