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“राहुल गांधी का विवादित बयान: ”सेना पर 10% आबादी का नियंत्रण”, BJP ने किया पलटवार”

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बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भारतीय सेना को लेकर विवादित बयान दिया।

उन्होंने दावा किया कि देश की 90% आबादी (दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय) के बावजूद सेना, प्रमुख संस्थानों और नौकरियों पर सिर्फ 10% आबादी का नियंत्रण है। इस बयान पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया और राहुल को ‘सेना विरोधी’ करार दिया।

राहुल गांधी ने सभा में कहा कि बीजेपी सरकार बड़े पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है, जबकि किसान, मजदूर और गरीबों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा।

सेना पर 10% आबादी का ‘कंट्रोल’: राहुल का दावा

राहुल गांधी ने कहा, ‘गौर से देखें तो देश की 90 फीसदी आबादी दलित, महादलित, पिछड़ी, अति पिछड़ी या अल्पसंख्यक समुदायों से है। 500 सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट निकालें तो आपको पिछड़े या दलित समुदायों का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं मिलेगा। वे सभी शीर्ष 10 फीसदी से आते हैं। सभी नौकरियां उन्हीं के पास जाती हैं। सेना पर उन्हीं 10 फीसदी लोगों का कंट्रोल है। आपको शेष 90 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व कहीं नहीं मिलेगा।’

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ऐसा भारत चाहती है जहां 90% जनता को समान अवसर और सम्मान मिले। यह बयान बिहार चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले आया है, जिससे राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

‘नीतीश कुमार ने बिहार को मजदूर बना दिया’

सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, ‘बिहार के लोग पूरे देश में मजदूरी कर रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्से में बिहार के लोग बड़ी-बड़ी इमारतें, सड़कें, टनल, फैक्ट्रियां बनाते हैं। यानी सच यही है कि नीतीश कुमार ने यहां से रोजगार मिटाकर बिहार के लोगों को देश का मजदूर बना दिया है। जैसे रिमोट से टीवी का चैनल बदल जाता है वैसे ही मोदी-शाह सीएम नीतीश कुमार का चैनल बदलते हैं।’ राहुल ने दावा किया कि बीजेपी ने नीतीश को ‘कैप्चर’ कर लिया है और बिहार में अब उनकी सरकार कभी नहीं बनेगी।

बीजेपी का पलटवार: ‘राहुल सेना विरोधी

राहुल के बयान पर बीजेपी ने कड़ा रुख अपनाया। पार्टी नेता प्रदीप भंडारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, ‘राहुल गांधी अब हमारी सशस्त्र सेनाओं को भी जाति के आधार पर बांटना चाहते हैं। भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना जाति, पंथ या वर्ग के आधार पर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम के लिए खड़ी हैं। राहुल गांधी हमारी बहादुर सशस्त्र सेनाओं से नफरत करते हैं। वे भारतीय सेना विरोधी हैं।’

“2000 Rupee Note: 2000 रुपये के नोट पर RBI का ताज़ा अपडेट- अभी भी मान्य…”

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देश की सबसे बड़ी करेंसी यानी ₹2000 का नोट एक बार फिर चर्चा में है। नोटबंदी के लगभग डेढ़ साल बाद भी इन नोटों में से एक छोटा लेकिन चौंकाने वाला हिस्सा अब तक बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं लौटा है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ताज़ा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 19 मई 2023 को जब ₹2000 के नोटों को प्रचलन से हटाने का ऐलान किया गया था, उस वक्त इनकी कुल कीमत 3.56 लाख करोड़ रुपये थी। अब यह घटकर सिर्फ़ ₹5,817 करोड़ रुपये रह गई है। यानी, लगभग 98.37% नोट या तो जमा हो चुके हैं या बदले जा चुके हैं।

नोट अब भी कानूनी चलन में हैं

RBI ने साफ़ किया है कि ₹2000 के नोट अभी भी वैध मुद्रा हैं। यानी अगर किसी के पास ये नोट हैं, तो वे अब भी खरीद-फरोख्त या भुगतान में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, इनकी छपाई बंद कर दी गई है, और बैंक इन्हें दोबारा जारी नहीं कर रहे। आरबीआई ने यह भी बताया कि लोग अपने पास मौजूद नोटों को देशभर में स्थित RBI के 19 क्षेत्रीय दफ्तरों में जमा या बदल सकते हैं। यह सुविधा अब डाक के ज़रिए भी उपलब्ध है – यानी कोई भी व्यक्ति अपने ₹2000 के नोट रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजकर अपने खाते में रकम जमा करा सकता है।

कहां हैं बचे हुए 5,800 करोड़ रुपये के नोट?

यह सवाल अब सबके मन में है। आखिर जब लगभग पूरा पैसा सिस्टम में लौट आया, तो बाकी नोट कहां गायब हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक – ग्रामीण इलाकों में अभी कुछ नकदी आधारित कारोबारों में ऐसे नोट मौजूद हो सकते हैं। कई लोग स्मृति के तौर पर या संग्रहण के लिए इन्हें संभालकर रखे हुए हैं। कुछ नोट निजी लेनदेन या असंगठित क्षेत्रों में घूम रहे हो सकते हैं, जहाँ डिजिटल भुगतान अभी भी कम है। RBI ने कहा है कि वह समय-समय पर इन नोटों की वापसी की स्थिति पर अपडेट देता रहेगा।

किन शहरों में जमा/विनिमय की सुविधा उपलब्ध

लोग अपने ₹2000 के नोट निम्नलिखित आरबीआई कार्यालयों में भेज या जमा कर सकते हैं: अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम।

नोटबंदी की याद और जनता का भरोसा

2016 में हुई नोटबंदी के बाद ₹2000 का नोट बाजार में सबसे बड़ी मूल्य वाली करेंसी के रूप में आया था। इसका उद्देश्य नकदी की कमी को तत्काल भरना था। लेकिन अब RBI इसे धीरे-धीरे सिस्टम से हटा रहा है ताकि लेनदेन छोटे नोटों या डिजिटल माध्यमों पर केंद्रित रहे।

“Vande Bharat train: रेलवे का बड़ा तोहफा! पीएम मोदी काशी से 3 नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी, जानें पूरा शेड्यूल”

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वाराणसी के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 नवंबर को अपने दो दिवसीय काशी दौरे पर तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने जा रहे हैं।

इन ट्रेनों के शुरू होने से वाराणसी समेत आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को तेज़ और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी रात 7:30 बजे वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को रवाना करेंगे। इसके साथ ही वे फिरोजपुर-दिल्ली और लखनऊ-सहारनपुर रूट पर चलने वाली दो अन्य वंदे भारत ट्रेनों का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का रूट और समय सारणी

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ट्रेन संख्या 26422 (वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस) सुबह 5:25 बजे वाराणसी कैंट स्टेशन से रवाना होगी। यह ट्रेन निम्नलिखित स्टेशनों पर रुकेगी: ➤ विंध्याचल – सुबह 6:55 बजे ➤ प्रयागराज छिवकी – सुबह 8:00 बजे ➤ चित्रकूट – सुबह 10:05 बजे ➤ बांदा – सुबह 11:08 बजे ➤ महोबा – दोपहर 12:08 बजे ➤ खजुराहो – दोपहर 1:10 बजे पहुँचेगी ➤ ट्रेन संख्या 26421 (खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस) दोपहर 3:00 बजे खजुराहो से चलेगी।

यह ट्रेन निम्न स्टेशनों पर रुकेगी:➤ महोबा – शाम 4:18 बजे ➤ बांदा – शाम 5:13 बजे ➤ चित्रकूट धाम – शाम 6:13 बजे ➤ प्रयागराज छिवकी – रात 8:20 बजे ➤ विंध्याचल – रात 9:10 बजे ➤ वाराणसी कैंट – रात 11:00 बजे पहुँचेगी

कब से चलेगी ट्रेन? हालांकि ट्रेन के नियमित संचालन की तारीख और किराया विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन संभावना है कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों के भीतर यह जानकारी साझा की जाएगी।

मोदी का दो दिवसीय वाराणसी दौरा

डीएम सत्येंद्र कुमार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन करने के बाद वाराणसी में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन बिहार के लिए रवाना होंगे। इन नई ट्रेनों के शुरू होने से न केवल वाराणसी बल्कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के यात्रियों को भी तेज़, आधुनिक और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

“Dev Deepawali 2025: देव दीपावली पर एक दीप जलाएं पितरों के नाम, पितृ ऋण से मिलेगी मुक्ति!”

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Dev Deepawali ke Upay: कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाने वाली देव दीपावली (DevDeepawali) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. यह पर्व देवताओं के पृथ्वी पर आगमन और उनकी प्रसन्नता का प्रतीक है .इस दिन गंगा स्नान, दान और दीपदान ( Deepdaan ) का विधान है, जिससे न सिर्फ देवी-देवता प्रसन्न होते हैं, बल्कि पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है.माना जाता है कि यह पावन तिथि आपको पितृ ऋण से मुक्ति दिलाने और घर में अखंड सुख-समृद्धि का वास सुनिश्चित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है.

इस देव दीपावली पर, अपने पितरों के नाम एक दीप जलाकर आप उनके आशीर्वाद के पात्र बन सकते हैं.

पितृ शांति के लिए विशेष पूजा

देव दिवाली के पवित्र अवसर पर किया जाने वाला पितृ दीपदान अत्यंत श्रद्धा और आस्था से जुड़ा कर्म है. मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में गंगा या किसी पवित्र नदी के तट पर पितरों के नाम से दीप प्रवाहित करने से उनकी आत्मा को शांति और तृप्ति प्राप्त होती है. यह दीप उनके लिए प्रकाश का माध्यम बनता है, जिससे वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दीपदान व्यक्ति को पितृ ऋण से मुक्त करता है और उसके जीवन में सुख, समृद्धि तथा संतुलन लाता है. यह परंपरा हमारे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, स्मरण और कृतज्ञता की दिव्य अभिव्यक्ति मानी जाती है.

देव दिवाली के दिन पितृ पूजन की विधि

  • सुबह गंगा स्नान कर स्वयं को पवित्र किया जाता है.
  • इसके बाद भगवान विष्णु, भगवान शिव और देवी गंगा की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है.
  • शाम में घर, मंदिर या नदी तट पर घी या तिल के तेल के दीपक जलाए जाते हैं.
  • दीपकों को पंक्तियों में सजाया जाता है, जिससे चारों ओर दिव्य आभा फैलती है.
  • कुछ दीपक देवताओं के नाम से जलाए जाते हैं और कुछ पितरों के नाम से प्रवाहित किए जाते हैं.
  • दीप प्रवाह के समय पितरों की शांति, तृप्ति और आशीर्वाद की कामना की जाती है.
  • आखिर में पितरों से क्षमा और कृपा की प्रार्थना कर दीपोत्सव का समापन किया जाता है.

“भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर व्हाइट हाउस ने दिया बड़ा अपडेट”

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अमेरिका और भारत के रिश्तो में भले ही इन दिनों थोड़ी दूरी आई हो, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बात करना कम नहीं हुआ है. इस बात की जानकारी खुद ट्रंप प्रशासन की एक अधिकारी ने दी है, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी व्यापार टीम भारत के साथ लगातार गंभीर चर्चा कर रही है.

लेविट के इस बयान से साफ हो रहा है कि भारत और अमेरिका जल्द अपनी व्यापार के साथ अन्य समस्याओं का हल निकाल लेंगे. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेविट से भारत-अमेरिकी नागरिकता के भविष्य के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि ट्रंप इस बारे में बहुत सकारात्मक और दृढ़ हैं.

पीएम मोदी का सम्मान करते हैं ट्रंप

लेविट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रंप की व्यापार टीम भारत के साथ लगातार गंभीर चर्चा कर रही है. उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मुझे पता है कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और वे अक्सर बातचीत करते हैं.”

ओवल ऑफिस में दिवाली समारोह के दौरान ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई हालिया बातचीत का ज़िक्र करते हुए, लेविट ने कहा कि अमेरिका के पास सर्जियो गोर के रूप में भारत में एक बेहतरीन अमेरिकी राजदूत हैं, जो उनके देश का बहुत अच्छा प्रतिनिधित्व करेंगे.

जब ट्रंप ने की मोदी की तारीफ

28 अक्टूबर को ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को सबसे अच्छे दिखने वाले व्यक्ति कहा था और उन्हें शानदार बताया था. ट्रंप ने यह बात एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) से पहले कही थी.

दिवाली के आसपास, ट्रंप ने भारत-रूस के तेल व्यापार संबंधों पर बड़े दावे किए थे और कहा था कि भारत रूस के साथ अपना तेल व्यापार बंद कर देगा. हालांकि भारत ने साफ किया है कि वह अपने हितों का ध्यान रखते हुए कोई भी कदम उठाएगा.

जोहरान ममदानी पर भी साधा निशान

इस बीच, कैरोलिन लेविट ने न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी पर ट्रंप की ओर से वोटर्स को धमकाने का आरोप लगाने के लिए भी निशाना साधा. ब्रीफिंग में, उन्होंने आरोपों को पूरी तरह से गैर-ज़िम्मेदाराना और बिना किसी सबूत के आधार पर दिया गया बताया. उन्होंने यह भी कहा कि ये आरोप इस बात का एक और उदाहरण हैं कि कैसे दुर्भाग्य से डेमोक्रेटिक पार्टी किसी भी चीज के लिए खड़ी नहीं होती.

“Rahul Gandhi Press Conference: राहुल गांधी का दावा-हरियाणा में 25 लाख वोटों की चोरी हुई, कांग्रेस 8 सीटों पर सिर्फ 22 हजार से हारी”

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बिहार में गुरुवार को होने वाली वोटिंग से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने हरियाणा चुनावों में चुनावी अनियमितताओं का दावा किया और कहा कि कांग्रेस की जीत को बीजेपी की जीत में बदलने की योजना बनाई गई है.

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य ‘नष्ट’ किया जा रहा है. राहुल ने ये भी दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए और कांग्रेस 8 सीटों पर 22 हजार वोटों से हारी.

राहुल ने कहा कि हरियाणा- महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में हमने वोटों की चोरी पकड़ी. उन्होंने कहा कि जब मैंने आकंड़े देखे तो भरोसा नहीं हुआ. आप भी विश्वास नहीं करेंगे. अपनी टीम को मैंने बोला कि पूरे आंकड़ों को हर सोर्स से डबल क्रॉस चेक कीजिएगा.

बता दें कि हरियाणा में अक्टूबर, 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 90 सीटों में से 48 सीट हासिल करके लगातार जीत हासिल की थी. कांग्रेस को 37 सीट मिली थीं.

‘ये युवाओं के भविष्य का सवाल’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं चाहता हूं कि भारत के युवाइसे अच्छी तरह समझें क्योंकि यह आपके भविष्य का सवाल है… मैं चुनाव आयोग और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा हूं, इसलिए मैं इसे 100% प्रमाण के साथ कर रहा हूं. हमें पूरा यकीन है कि कांग्रेस की भारी जीत को हार में बदलने की एक योजना बनाई गई थी. कृपया उनके (मुख्यमंत्री नायब सैनी) चेहरे पर मुस्कान और उस ‘व्यवस्था’ पर ध्यान दें जिसकी वे बात कर रहे हैं. चुनाव के दो दिन बाद ही हर कोई कह रहा है कि कांग्रेस चुनावों में भारी जीत हासिल कर रही है.

राहुल गांधी ने कहा, सभी (एग्जिट) पोल ने कांग्रेस की जीत (हरियाणा में) की ओर इशारा किया था… दूसरी बात जो हमारे लिए आश्चर्यजनक थी, वह यह थी कि हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार डाक से वोट वास्तविक मतदान से अलग थे. हरियाणा में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. इसलिए, हमने सोचा कि आइए विस्तार से जानें. जब मैंने पहली बार यह जानकारी देखी, जो आप देखने जा रहे हैं, तो मुझे इस पर विश्वास करने में कठिनाई हुई. मैं सदमे में था… मैंने टीम को कई बार क्रॉस-चेक करने के लिए कहा.

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, हमारे पास ‘एच’ फाइल्स हैं और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरे राज्य को चुरा लिया गया है. हमें संदेह था कि यह व्यक्तिगत निर्वाचन क्षेत्रों में नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है. हमें हरियाणा में हमारे उम्मीदवारों से बहुत सारी शिकायतें मिलीं कि कुछ गड़बड़ है और काम नहीं कर रहा है.

राहुल ने कहा कि उनकी सारी भविष्यवाणियां उल्टी हो गईं. हमने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में इसका अनुभव किया था, लेकिन हमने हरियाणा पर ध्यान केंद्रित करने और वहां जो कुछ हुआ था, उसके बारे में विस्तार से जानने का फैसला किया.

राहुल ने दिखाई ब्राजील की मॉडल की फोटो

राहुल गांधी ने पीसी में ब्राजील की एक मॉडल फोटो दिखाकर दावा किया कि इन्होंने अलग-अलग नाम से 22 जगह वोट डाले. राहुल के मुताबिक, इन्होंने कभी स्वीटी, कभी सीमा नाम से वोट डाला.

‘एक महिला 223 बार कैसे वोट डाल सकती है’

राहुल ने कहा कि एक महिला 223 बार कैसे वोट डाल सकती है. दो बूथ पर इतनी बार कोई कैसे वोट डाल सकता है. नकली फोटो वाले वोट 1 लाख से ज्यादा हैं. एक आदमी 14 बारवोटकररहा है. ईसी डुप्लीकेट्सकोक्योंनहीं हटाते, क्योंकि उनकोनिष्पक्षचुनावकराने पड़ेंगे, जोकि वोचाहतेनहीं हैं. बीजेपी के नेता यूपीमेंभीवोटकररहे हैं. हरियाणा मेंभीवोटकररहेहैं. राहुल ने दावा किया कि हरियाणा की मतदाता सूची में आठ में से एक मतदाता फर्जी हैं.

‘25 लाख वोट चोरी हुए‘

राहुल गांधी ने हरियाणा में 25 लाख वोटों की चोरी का दावा किया. उन्होंने कहा है कि इसमें 5.21 लाख नकली मतदाता, 93,174 अवैध मतदाता और 19.26 लाख थोक मतदाता शामिल हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा में एक ही फोटो वाले दो बूथोंपरएकहीव्यक्तिको 223 वोटमिले, इसलिए चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दी.

राहुल गांधी राहुल गांधी का दावा है कि हरियाणा की मतदाता सूची में 1.24 लाख मतदाताओं के नाम फ़र्ज़ी हैं. राहुल गांधी ने पूछा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से ‘डुप्लीकेट‘ मतदाताओं को क्यों नहीं हटा रहा है, जबकि उसके पास ऐसा करने के लिए सॉफ़्टवेयर मौजूद है.

राहुल ने किया था अलर्ट

राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था. पार्टी ने लिखा, हाइड्रोजन बम आ रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर लिखा, हाइड्रोजन बम लोडिंग. 1 सितंबर को राहुल गांधी ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह वोट चोरी के अपने आरोपों के बारे में जल्द ही हाइड्रोजन बम छोड़ेंगे, क्योंकि महादेवपुरा के बारे में जो दिखाया गया वो सिर्फ एक एटम बम था.

वोटर अधिकार यात्रा के अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की वे अब भारत के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 16 दिनों तक चली वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य मतदाता अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं का विरोध करना था.

राहुल ने बीजेपी पर साधा था निशाना

राहुल ने कहा, मैं बीजेपी से कहना चाहता हूं कि महादेवपुरा को लेकर हमने एटम बम दिखाया था, लेकिन जल्द ही हम हाइड्रोजन बम लेकर आएंगे. इनकी सच्चाई देश को दिखाई जाएगी. मैं बिहार की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारी मदद की… मैं आपको गारंटी देता हूं कि हाइड्रोजन बम के बाद नरेंद्र मोदी जी इस देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

लोकसभामेंविपक्षके नेता ने वोट चोरी को अधिकारों, आरक्षण, रोज़गार, शिक्षा, लोकतंत्र की चोरी करार दिया. उन्होंने कहा, हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लोगों को दिखाया. चुनाव आयोग हमें मतदाता सूची, वीडियोग्राफी नहीं देता… हमने देश के सामने सबूत पेश किए. वोट चोरी का मतलब है हमारे अधिकारों, आरक्षण, रोज़गार, शिक्षा, लोकतंत्र की चोरी. वे आपका राशन कार्ड, ज़मीन छीन लेंगे और इसे अडानी और अंबानी को दे देंगे.

“भारत फिर बना दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग लीडर, पीएमआई पहुंचा 59.2 पर”

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अक्टूबर महीने में दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) गतिविधियां दोबारा तेज हुईं, जिसमें एशियाई देशों खासकर भारत, थाईलैंड और वियतनाम ने बढ़त दिखाई. एसएंडपी ग्लोबल के आंकड़ों के मुताबिक, चीन और जापान को छोड़कर एशिया का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (Purchasing Managers Index) 14 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है.

यह दिखाता है कि वैश्विक व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद एशिया में रिकवरी की रफ्तार मजबूत हो रही है.

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के चीफ बिजनेस इकोनॉमिस्ट क्रिस विलियमसन ने कहा, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ में भारत सबसे आगे रहा, लेकिन अक्टूबर में थाईलैंड और वियतनाम ने भी शानदार प्रदर्शन किया. अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी को लेकर चिंताएं कम होने से वहां के प्रोड्यूसर्स का भरोसा लौटा है. उन्होंने बताया कि थाईलैंड का पीएमआई मई 2023 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा, जबकि वियतनाम का पीएमआई जुलाई 2024 के बाद सबसे ज्यादा रहा.

भारत फिर बना ग्लोबल लीडर

भारत ने एक बार फिर मैन्युफैक्चरिंग रैंकिंग में बाजी मारी. एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सितंबर के 57.7 से बढ़कर अक्टूबर में 59.2 हो गया. इसका कारण त्योहारी सीजन की मांग और सरकार की जीएसटी रेट में सुधार बताया गया. पिछले सात महीनों में यह पांचवीं बार है जब भारत का पीएमआई 58 से ऊपर रहा, जो बताता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत बना हुआ है. पीएमआई का 50 से ऊपर रहना ग्रोथ का संकेत देता है. एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजल भंडारी ने कहा, आगे के लिए बिजनेस सेंटिमेंट काफी पॉजिटिव है, क्योंकि जीएसटी सुधार और अच्छी डिमांड को लेकर उम्मीदें मजबूत हैं.

थाईलैंड और वियतनाम ने पकड़ी रफ्तार

एशिया के बाकी देशों में भी मैन्युफैक्चरिंग में अच्छा उछाल देखा गया. थाईलैंड का पीएमआई लगातार छठे महीने बढ़ते हुए 54.6 से 56.6 पर पहुंच गया. जो मई 2023 के बाद सबसे बड़ा सुधार है.वियतनाम का पीएमआई भी सितंबर के 50.4 से बढ़कर अक्टूबर में 54.5 हो गया, जो 15 महीने का रिकॉर्ड स्तर है. यहां नए ऑर्डर्स और एक्सपोर्ट डिमांड में तेजी देखी गई. एसएंडपी ग्लोबल ने कहा, नए एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में पिछले एक साल में पहली बार हल्की बढ़त देखी गई, जिसने कुल बिजनेस ग्रोथ को सहारा दिया. कुल मिलाकर, आसियान (ASEAN) देशों का संयुक्त मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 52.7 पर पहुंच गया जो पिछले तीन सालों में सबसे ऊंचा स्तर है.

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया पिछड़े

हालांकि, सभी एशियाई देश इस रफ्तार में शामिल नहीं हो पाए. चीन का पीएमआई सितंबर के 51.2 से घटकर अक्टूबर में 50.6 पर आ गया, जिसकी वजह एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में कमी रही. दक्षिण कोरिया में भी घरेलू मांग और अमेरिकी टैरिफ के असर से फैक्ट्री गतिविधियां कमजोर रहीं. जापान का पीएमआई भी थोड़ा घटा, जिसका कारण बाहरी मांग में कमी और सप्लाई चेन की दिक्कतें बताई गईं. अमेरिका और यूरोप में सुधार के बावजूद भरोसा कमजोर अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में हल्का सुधार हुआ और पीएमआई 52 से बढ़कर 52.5 पर पहुंच गया. जो पिछले 20 महीनों में नए ऑर्डर्स की सबसे तेज वृद्धि है.<br> हालांकि, एसएंडपी ग्लोबल के विलियमसन ने कहा, ऊपरी तौर पर तस्वीर बेहतर दिख रही है, लेकिन अंदरूनी हालात उतने मजबूत नहीं हैं. यूरोजोन का पीएमआई 49.8 से थोड़ा बढ़कर 50 हुआ, जबकि ब्रिटेन का पीएमआई 46.2 से बढ़कर 49.7 पर पहुंचा. यानी गिरावट धीमी हुई है लेकिन पूरी तरह रिकवरी नहीं हुई.

व्यापार सुस्त, लेकिन उम्मीद बरकरार

भारत के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद अक्टूबर में एक्सपोर्ट ऑर्डर्स थोड़े धीमे पड़े. यही रुझान थाईलैंड, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में भी देखने को मिला. केवल वियतनाम में नए एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में बढ़त दर्ज की गई. दुनियाभर में एक्सपोर्ट मांग कमजोर रही। अमेरिका और यूरोप में भी नए एक्सपोर्ट ऑर्डर्स घटे और बिजनेस कॉन्फिडेंस में कमी आई. हालांकि, यूरोजोन के मैन्युफैक्चरर्स अब भी उम्मीद जता रहे हैं कि अगले 12 महीनों में उत्पादन बढ़ेगा. वहीं, आसियान देशों में माहौल ज्यादा पॉजिटिव है. एसएंडपी ग्लोबल की इकोनॉमिस्ट मरियम बालूच ने कहा, अगर नए ऑर्डर्स ऐसे ही बढ़ते रहे और दाम स्थिर रहे, तो आसियान देशों की मैन्युफैक्चरिंग इस साल के अंत तक अपनी मजबूत रफ्तार बनाए रख सकती है.

माननीय उपराष्ट्रपति महोदय का राजनांदगांव आगमन – पीटीएस ग्राउंड हेलीपैड पर हुआ आत्मीय स्वागत…

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राजनांदगांव: माननीय उपराष्ट्रपति महोदय आज राजनांदगांव जिले के पीटीएस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिले के संभाग आयुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। हेलीपैड पर पहुंचने पर माननीय उपराष्ट्रपति महोदय का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर उनका अभिनंदन किया। पूरे परिसर में स्वागत की तैयारियां भव्य एवं गरिमामय वातावरण में की गई थीं.

“ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सीमा पार पहुंचे भारतीय, 2100 सिख श्रद्धालु करेंगे ननकाना साहिब के दर्शन”

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल महीने में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हुआ था. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे. उस समय भारत ने अटारी बॉर्डर समेत करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बंद कर दिया था.

हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आज गुरु नानक प्रकाश पर्व के मौके पर सिख श्रद्धालुओं ने अटारी-वाघा बॉर्डर पार किया.

अमृतसर से सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान के ननकाना साहिब रवाना हुआ. श्रद्धालु गुरु नानक देव जी के 556 वें प्रकाश पर्व के मुख्य समारोह में शामिल होंगे, जो आज आयोजित किया जाएगा.

इस साल की यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिली है. इससे पहले गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा कारणों और भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण हालात का हवाला देते हुए जत्थे को जाने की मंजूरी नहीं दी थी. लेकिन, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और कई सिख संगठनों की अपील के बाद सरकार ने फैसला बदलते हुए अनुमति दी.

2,100 भारतीयों को वीजा हुआ जारी

इस बार लगभग 2,100 भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान हाई कमीशन ने 10 दिन की धार्मिक यात्रा के लिए वीजा जारी किया है. इनमें से करीब 1,800 श्रद्धालुओं को SGPC ने अमृतसर से बसों के ज़रिए अटारी बॉर्डर तक पहुंचाया गया. पाकिस्तान हाई कमीशन ने जानकारी दी, भारत से सिख श्रद्धालुओं को बाबा गुरु नानक देव जी के जन्म उत्सव (4 से 13 नवंबर 2025) में शामिल होने के लिए 2,100 से अधिक वीज़ा जारी किए गए हैं.

एनआरआई सिखों को नहीं मिला वीजा

इस बार भारत सरकार ने केवल भारतीय नागरिकों को ही जत्थे में शामिल होने की अनुमति दी है. एनआरआई सिखों को इस बार यात्रा का हिस्सा नहीं बनाया गया है. यह यात्रा 1974 के भारत-पाक द्विपक्षीय धार्मिक यात्राओं के समझौते के तहत हो रही है, जिसके जरिए दोनों देशों के नागरिक सीमित संख्या में धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं.

यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान के कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों, जैसे गुरुद्वारा पंजा साहिब (हसन अब्दाल) और गुरुद्वारा जन्म स्थान (ननकाना साहिब) में मत्था टेकेंगे. जत्था 13 नवंबर को भारत लौट आएगा.

अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटे कई श्रद्धालु

अटारी-वाघा बॉर्डर पर उन भारतीय श्रद्धालुओं को वापस लौटा दिया गया जो गृह मंत्रालय (MHA) की अनुमति के बिना धार्मिक उद्देश्यों से पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रहे थे. सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय की मंजूरी प्राप्त करने वाले कई सिख श्रद्धालु को पाकिस्तान जाने की अनुमति दी गई है. उन्हें पाकिस्तान की ओर से वीज़ा भी जारी किया गया है, ताकि वे गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर वहां स्थित पवित्र गुरुद्वारों में माथा टेक सकें. सीमाई सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान यात्रा के लिए केवल वही श्रद्धालु जा सकते हैं, जिन्हें भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त है.

“अब इस देश में सरकार के खिलाफ सड़कों पर आए प्रदर्शनकारी, 700 लोगों की मौत”

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दक्षिण अफ्रीकी देश तंजानिया में इन दिनों सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहा है। देश के मुख्य विपक्षी दल ने दावा किया है कि आम चुनावों के बाद हो रहे इन प्रदर्शनों में अभी तक 700 लोगों की जान चली गई है।

हिंसा को दबाने के लिए सरकार ने इंटरनेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है, लेकिन अभी भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर मौजूद हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने आम चुनावों में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों को या तो जेल में डाल दिया गया या उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया। इसकी वजह से मतदान के दौरान देश में अराजकता फैल गई। भीड़ दार-ए-सलाम और अन्य शहरों की सड़कों पर उतर आई, उनके पोस्टर फाड़ दिए और पुलिस तथा मतदान केंद्रों पर हमला कर दिया, जिसके कारण इंटरनेट बंद कर दिया गया और कर्फ्यू लगा दिया गया।

इसके बाद भी राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन को बुधवार को विजयी घोषित कर दिया गया था। अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उन्होंने पार्टी के मुख्य आलोचकों को भी चुप कराने की कोशिश करते हुए उन्हें जेल में डाल दिया।

विदेशी पत्रकारों, इंटरनेट पर बैन

चुनाव के दौरान विदेशी पत्रकारों को भी कवरेज करने से प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसकी वजह से जमीनी स्तर की सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया। हालांकि, अपने कार्यकर्ताओं के हवाले से मुख्य विपक्षी नेता चाडेमा ने शुक्रवार को कहा कि कई व्यापारिक केंद्रों और सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें जारी रहीं।

एएफपी से बात करते हुए चाडेमा के प्रवक्ता जॉन किटोका ने देश के हालात की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अभी तक दार (एस सलाम) में मरने वालों की संख्या लगभग 350 है और म्वांजा ​​में यह 200 से ज्यादा है। देश भर के अन्य स्थानों के आंकड़ों को मिलाकर, कुल संख्या लगभग 700 है।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है।” उन्होंने कहा कि रात के कर्फ्यू के दौरान भी हत्याएँ हो सकती हैं।

भारी मात्रा में रक्तपात की आशंका

एक सिक्योरिटी सूत्र ने एएफपी को बताया कि इस पूरी हिंसा में अभी तक 500 लोगों की मौत हो गई है। पूरे देश में शायद 700 से 800 लोग मारे जा चुके हैं। इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक जारी किए गए बयान में विश्वसनीय सूत्रों का हवाला देते हए कहा कि पहली जानकारी में 10 लोगों के मारे जाने का संकेत दिया गया है, जबकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि उसके पास कम से कम 100 लोगों के मारे जाने की जानकारी है।

हसन ने अभी तक अशांति पर कोई टिप्पणी नहीं की है और स्थानीय समाचार साइटों को बुधवार से अपडेट नहीं किया गया है। गुरुवार देर रात सेना प्रमुख जैकब मकुंडा की ओर से एकमात्र आधिकारिक बयान आया, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को “अपराधी” कहा।