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हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री साय

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हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है।

श्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है। तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।

इस दौरान विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार मौजूद रहे।

कोटा बनेगा नगर पालिका, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की घोषणा

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नवनिर्मित अटल परिसर के लोकार्पण के लिए आज कोटा पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कोटा नगर पंचायत के नगर पालिका परिषद में उन्नयन की बड़ी घोषणा की। साथ ही उन्होंने शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोटा में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर के लोकार्पण के साथ ही 30 लाख रुपए लागत के दो कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें वार्ड क्रमांक-6 में नगर पंचायत कार्यालय के साथ 18 लाख रुपए की लागत से व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण और वार्ड क्रमांक-7 में 12 लाख रुपए की लागत से आरसीसी नाली-सह-पुलिया निर्माण शामिल हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरोज साहू और उपाध्यक्ष श्री प्रदीप कौशिक सहित वार्ड पार्षद, गणमान्य नागरिक और शहरवासी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गृह विभाग की समीक्षा बैठक

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उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में आज महानदी भवन, मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस भर्ती, प्रशिक्षण, भवन निर्माण और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जैसे कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत नशे के कारोबार के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान से हुई। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर मामले में पूरी तरह से एंड-टू-एंड जांच हो, जिसमें तस्करी के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाए, ताकि नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सके। बैठक में ड्रग नष्टिकरण की रेंजवार रिपोर्ट और पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत हुई कार्रवाइयों की भी जानकारी ली। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, जेल डीजी श्री हिमांशु गुप्ता के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

पुलिस भर्ती को लेकर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सभी भर्तियां पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी हों। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण में अनावश्यक देरी न हो तथा तैनाती के साथ ही उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। अवैध प्रवासियों से संबंधित शिकायतों के लिए जारी टोल-फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए और कहा गया कि इस नंबर पर प्राप्त किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई हो, ताकि प्रदेश की शांति और सुरक्षा पर कोई खतरा न आए।

बैठक में पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन और लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे भवनों तथा अमर बलिदानी शहीद स्मारक की प्रगति की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और तय समय सीमा में ही कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर देरी होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी और सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल किए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण तकनीकी रूप से आधुनिक, समय के अनुरूप और पूरी तरह व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि पुलिस बल की दक्षता और क्षमता मैदान में साफ नजर आए। उन्होंने अकादमी में प्रख्यात वक्ताओं के विशेष सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया, जिससे प्रशिक्षुओं को नए दृष्टिकोण और अनुभव से सीखने का अवसर मिले।

बैठक के अंत में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दोहराया कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान, कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

हर घर तिरंगा अभियान के तहत कोरबा नगर में तिरंगा यात्रा का हुआ आयोजन

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वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रव्यापी हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज कोरबा नगरीय क्षेत्र के घण्टाघर के ओपन थियेटर मैदान में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली घंटाघर स्थित ओपन थियेटर मैदान से प्रारम्भ होकर शहर के प्रमुख चौक महाराणा प्रताप चौराहे से होते हुए वापस ओपन थियेटर मैदान में समाप्त हुई।

रैली में भारत माता की जय जयकार से आकाश गुंजायमान हो गया। साथ ही यात्रा में राष्ट्रध्वज की शान के साथ स्वच्छता, देशभक्ति, याता यात नियमों का पालन, साइबर क्राइम से सतर्कता व नशामुक्त समाज के संदेश से सुस्सजित बैनर, पोस्टर लहराकर जनजागरूकता का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी, सहायक कलेक्टर श्री क्षितिज गुरभेले, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्री दिनेश नाग, पूर्व महापौर श्री जोगेश लांबा, गोपाल मोदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, आम नागरिक तथा स्कूली बच्चों ने तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल होकर देशप्रेम की भावना को बनाए रखा एवं आमजनों से अभियान में शामिल होकर देश के वीर जवानों अमर स्वतंत्रता सेनानियों के स्मरण में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि तिरंगा हमारे देश की पहचान होने के साथ ही हम सभी भारतवासियों में देश प्रेम की भावना को विकसित करता है। उन्होंने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान के तहत देश के स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सपूतों को सम्मान देने एवं अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया।

स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और भारत के विकास तथा प्रगति की ली गई शपथ –

कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, आम नागरिकों, स्कूली बच्चों को हर घर तिरंगा फहराने, भारत के स्वतंत्रता सेनानियों, वीर सपूतों की भावनाओं का सम्मान करने तथा भारत के विकास एवं प्रगति के लिए समर्पित रहने की शपथ दिलाई।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी 15 अगस्‍त की शुभकामनाएं, बोले- विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले…जय हिंद

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देश आज 79वां स्‍वतंत्रता दिवस मना रहा है. कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी और मुंबई-अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी और शिलांग तक लोग आजादी के जश्‍न में डूबा हुआ है. हर तरफ राष्‍ट्रीय ध्‍वज तिरंगा शान से फहरा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्‍ली के ऐतिहासिक लाल किला पर तिरंगा फहरा कर करोड़ों देशवसियों को स्‍वतंत्र और संप्रभु भारत का पैगाम देंगे. हर क्षेत्र में देाश्‍ की प्रगति और उसके विकास गाथा का विवरण देश के सामने रखा जाएगा. इस मौके पर लाल किला परिसर में अति विशिष्‍ट अतिथियों के साथ ही छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहेंगे.

इस बार के स्‍वतंत्रता दिवस समारोह का थीम है – स्वतंत्रता का सम्मान करें, भविष्य को प्रेरित करें. सुबह 7:21 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर पहुंचेंगे और 7:30 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा. इसके बाद राष्ट्रीय गान गाया जाएगा. सेना, नौसेना और वायुसेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया जाएगा और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. इसके बाद पीएम मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे और राष्ट्रीय एकता और तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करेंगे. इस समारोह के लिए लाल किले पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इस समारोह में विशेष अतिथि और विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित लोग शामिल हो रहे हैं. समारोह में आने वाले लोगों के लिए दिल्ली मेट्रो सुबह 4:00 बजे से सेवाएं प्रदान कर रही है.

हमारे लिए संविधान और लोकतंत्र सर्वोपरि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कई बातों का जिक्र किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संदेश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को मैं हार्दिक बधाई देती हूं. हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस सभी भारतीय उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं. ये दिवस हमें भारतीय होने के गौरव का विशेष स्मरण कराते हैं. हमारे लिए, हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त की तारीख हमारी सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है. औपनिवेशिक शासन की लंबी अवधि के दौरान देशवासियों की अनेक पीढ़ियों ने यह सपना देखा था कि एक दिन देश स्वाधीन होगा. देश के हर हिस्से में रहने वाले लोग विदेशी शासन की बेड़ियों को तोड़ फेंकने के लिए व्याकुल थे, लेकिन बलवती आशा का भाव था. आशा का वही भाव, स्वतंत्रता के बाद हमारी प्रगति को ऊर्जा देता रहा है.

गृह मंत्री अमित शाह ने आजादी के मौके पर स्‍वतंत्रता सेनानियों को किया याद

स्‍वतंत्रता दिवस लाइव: गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी है. उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. आजादी के आंदोलन में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं. साथ ही देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए दिन-रात एक करने वाले वीर जवानों का भी वंदन करता हूं. आइए, हम सब मिलकर स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों के सपनों को चरितार्थ करें और विकसित, आत्मनिर्भर व हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण में अपना सर्वोच्च योगदान देने का संकल्प लें.’

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी 15 अगस्‍त की शुभकामनाएं

स्‍वतंत्रता दिवस लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्‍वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. पीएम मोदी ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह सुअवसर सभी देशवासियों के जीवन में नया जोश और नई स्फूर्ति लेकर आए, जिससे विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले। जय हिंद!’

तीन रंगों में सरोबार धर्मनगरी काशी

स्‍वतंत्रता दिवस लाइव: स्‍वतंत्रता दिवस का जश्‍न देश के हर कोने में मनाया जा रहा है. बंगाल से लेकर पंजाब तक में लोग राष्‍ट्रीय उत्‍सव मना रहे हैं. इस मौके पर भारतीय रेल भी कैसे पीछे रहता. वाराणसी कैंट रेलवे जंक्‍शन को तिरंगे में रंग दिया गया.

हमारे लिए संविधान और लोकतंत्र सर्वोपरि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

स्‍वतंत्रता दिवस लाइव: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कई बातों का जिक्र किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संदेश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आप सभी को मैं हार्दिक बधाई देती हूं. हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस सभी भारतीय उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं. ये दिवस हमें भारतीय होने के गौरव का विशेष स्मरण कराते हैं. हमारे लिए, हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि है.

दिल्‍ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

स्‍वतंत्रता दिवस लाइव: 15 अगस्‍त स्‍वतंत्रता दिवस को देखते हुए देश की राजधानी दिल्‍ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. वाहनों की आवाजाही पर सख्‍त निगरानी रखी जा रही है. रूट डायवर्जन भी किया गया है. कनॉट प्‍लेस समेत नेशनल कैपिटल के अन्‍य क्षेत्रों में रातभर चेकिंग अभियान चलता रहा.

‘कूली’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर मारी दहाड़, ‘वॉर 2’ को चटा दी धूल, बंपर कमाई से रजनीकांत की फिल्म का खाता

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ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की ‘वॉर 2’ फिल्म 14 अगस्त को थिएटर्स में दस्तक दे चुकी है. बॉक्स ऑफिस पर यह मूवी रजनीकांत की मोस्ट अवेटेड ‘कूली’ से क्लैश हुई है. पहले दिन दोनों फिल्मों ने भारत में ताबड़तोड़ बिजनेस किया है, लेकिन कमाई के मामले में ‘कूली’ ने ‘वॉर 2’ को पीछे छोड़ दिया है. जानिए दोनों मूवीज ने ओपनिंग डे पर कितने करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है.

‘वॉर 2’ स्पाई यूनिवर्स की लेटेस्ट फिल्म है, जिसे पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की मूवी ने पहले दिन 52.5 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. हिंदी में ‘वॉर 2’ ने सबसे ज्यादा 29 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. तमिल में 25 लाख और तेलुगु में 23.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है. वैसे यह अर्ली एस्टीमेट है. ऑफिशियल डेटा आने के बाद ‘वॉर 2’ की कमाई में थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिल सकता है.

‘कूली’ ने ‘वॉर 2’ को चटाई धूल

अब बात करते हैं रजनीकांत की ‘कूली’ की. तमिल भाषा में बनी यह मूवी स्पाई यूनिवर्स की ‘वॉर 2’ पर भारी पड़ी है. रजनीकांत की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन तहलका मचा दिया है. Sacnilk की अर्ली रिपोर्ट की मानें तो ‘कूली’ को भारत में 65 करोड़ रुपये की ओपनिंग मिली है. इस तरह रजनीकांत की फिल्म ने कमाई के मामले में पहले दिन ही ‘वॉर 2’ को धूल चटा दी है और साथ ही साल 2025 की सभी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है.

आज से बार-बार फास्टैग रिचार्ज कराने से मिली आजादी……₹3,000 में इतने टोल होंगे पार

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हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब बार-बार फास्टैग (FASTag) रिचार्ज कराने की टेंशन खत्म हो गई है, क्योंकि सिर्फ 3,000 रुपये में एनुअल पास बनवाकर आप साल भर टोल टैक्स आसानी से चुका सकेंगे. एनएचएआई (NHAI) ने यह सुविधा उन लोगों के लिए शुरू की है, जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और बार-बार बैलेंस खत्म होने की समस्या झेलते हैं.

फास्टैग एनुअल पास लेने के बाद तय शर्तों और सीमाओं के भीतर, आपके FASTag से सीधे टोल भुगतान होता रहेगा और आपको हर यात्रा से पहले रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा टोल प्लाजा पर लागू होगी, लेकिन आने वाले समय में इसे देशभर में विस्तार दिया जा सकता है.
क्या है FASTag Annual Pass?
यह पास प्राइवेट और नॉन-कमर्शियल गाड़ियों जैसे कार, जीप और वैन के लिए है. 3,000 रुपये की एकमुश्त रकम में नेशनल हाईवे (NH) और नेशनल एक्सप्रेसवे (NE) पर 200 बार टोल पार कर सकते हैं. इसकी वैधता एक साल या 200 क्रॉसिंग, जो पहले पूरा हो. यह केवल NHAI की ओर से ऑपरेट टोल प्लाजा पर लागू होगी. स्टेट हाईवे या प्राइवेट टोल पर सामान्य FASTag दरें लागू होंगी.
  • पॉइंट-आधारित टोल: हर क्रॉसिंग एक ट्रिप गिनी जाएगी; राउंड ट्रिप में 2 ट्रिप.
  • क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम: एक एंट्री-एग्जिट जोड़ी एक ट्रिप मानी जाएगी.
पास खत्म होने पर FASTag सामान्य पे-पर-यूज मोड में वापस आ जाएगा और इसे ₹3,000 में फिर से रिन्यू किया जा सकता है.

कैसे बनवाएं?
  • प्लेटफॉर्म: राजमार्ग यात्रा ऐप या NHAI/MoRTH वेबसाइट के जरिए आवेदन करें.
  • लॉगिन: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या व्हीकल रजिस्ट्रेशन और FASTag ID डालें.
  • पेमेंट: UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से ₹3,000 का भुगतान.
  • एक्टिवेशन: भुगतान के 2-24 घंटे में पास एक्टिवेट, SMS से सूचना मिलेगी.
जरूरी दस्तावेज
  • व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
  • मालिक का पासपोर्ट साइज फोटो
  • KYC दस्तावेज (पहचान और पता प्रमाण)
स्टेटस कैसे चेक करें?
  • राजमार्ग यात्रा ऐप या NHAI वेबसाइट पर बचे हुए ट्रिप देखें.
  • SMS अपडेट के लिए ‘BAL PAS’ को 14434 पर भेजें.

आज मिलेंगे ट्रंप और पुतिन….अलास्का को कभी न्यूक्लियर बम से उड़ा देना चाहता था अमेरिका, 1958 का वो घातक प्लान

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डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को अलास्का के एंकरेज में मिलने वाले हैं. इसे दोनों के बीच आगे की बातचीत का पहला स्टेप माना जा रहा है. ट्रंप कह चुके हैं कि उनकी पहली प्राथमिकता ‘तुरंत शांति समझौता’ करवाना है. अगर यह मीटिंग सही दिशा में बढ़ी, तो वे सीधे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को भी बातचीत में शामिल करने के लिए कॉल करेंगे. लेकिन इसी अलास्का का एक ऐसा किस्सा है, जिसे सुनकर हैरानी होती है. 1958 में अमेरिका ने एक ऐसा प्लान बनाया था, जिसमें इस जमीन के एक हिस्से को छह न्यूक्लियर बम से उड़ाकर आर्टिफिशियल हार्बर बनाने की सोच थी.

1958 में अमेरिकी एटॉमिक एनर्जी कमीशन (AEC) ने दावा किया कि अलास्का के नॉर्थ-वेस्ट कोस्ट पर एक हार्बर बनाने में बस कुछ सेकंड लगेंगे. तरीका? केप थॉम्पसन और चुकोची सी के बीच जमीन में छह न्यूक्लियर बम गाड़कर एक साथ ब्लास्ट करना. इनका विस्फोट नागासाकी और हिरोशिमा पर गिराए गए बमों से करीब आठ गुना ज्यादा ताकतवर होता. उनका मानना था कि अगर ब्लास्ट सही मौसम में, बर्फ की परत के बीच किया जाए तो रेडिएशन का असर बहुत कम होगा और लोकल हंटिंग सीजन पर सिर्फ कुछ हफ्तों का असर पड़ेगा.

इस प्रोजेक्ट का नाम था ‘प्रोजेक्ट चेयरियट’. यह सिर्फ अलास्का तक सीमित नहीं था. AEC की बड़ी सोच ‘प्रोजेक्ट प्लोशेयर’ का यह पहला प्रयोग होना था, जिसमें न्यूक्लियर पावर का इस्तेमाल मॉडर्न इंजीनियरिंग और डेवलपमेंट के लिए किया जाना था. सबसे बड़ा सपना था एक नया ‘सी-लेवल कैनाल’ बनाना, जो पनामा कैनाल के मुकाबले ज्यादा तेज और सिक्योर हो. उस समय पनामा कैनाल में जहाजों को ऊपर-नीचे करने के लिए लॉक सिस्टम था, जिससे यात्रा में 12 घंटे तक लग जाते थे. किसी एक लॉक के खराब होते ही यह पूरी तरह बेकार हो सकता था.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैज्ञानिकों ने सोचना शुरू किया कि न्यूक्लियर बम सिर्फ जंग जीतने के लिए नहीं, बल्कि धरती का नक्शा बदलने के लिए भी इस्तेमाल हो सकते हैं. ‘प्रोजेक्ट प्लोशेयर’ के आइडिया में नदियों का रुख मोड़ना, छोटे भूकंप पैदा करके बड़े भूकंप रोकना, रेगिस्तानों में पानी भरना और बड़े लेवल पर कैनाल बनाना जैसे प्लान शामिल थे. हाइड्रोजन बम के जनक एडवर्ड टेलर ने तो यहां तक कह दिया था, ‘अगर आपका पहाड़ सही जगह नहीं है, तो हमें बस एक कार्ड भेज दो.’

प्रोजेक्ट चेयरियट के लिए चुना गया इलाका अलास्का के इन्‍यूपियात जनजाति का घर था. AEC का मानना था कि यहां कम आबादी होने से रिस्क कम होगा. लेकिन लोकल लोगों ने इसका जोरदार विरोध किया. उन्हें पता था कि 1954 में बिकिनी एटोल में हुए न्यूक्लियर टेस्ट के बाद रेडिएशन ने वहां के लोगों और नेचर को कितना नुकसान पहुंचाया था. उनका डर था कि रेडिएशन से उनके शिकार, मछलियां और पीने का पानी हमेशा के लिए दूषित हो जाएंगे.

लोकल विरोध के चलते प्रोजेक्ट दो साल टल गया. इस दौरान एनवायरनमेंटल स्टडी हुई, जिसमें साफ हुआ कि अगर हवा का रुख बदल गया तो रेडिएशन सीधे हंटिंग और नेस्टिंग एरिया में फैलेगा. पानी भी जहरीला हो जाएगा. एक और रिपोर्ट में पाया गया कि यहां के लोग पहले से ही सोवियत न्यूक्लियर टेस्ट के रेडिएशन का शिकार थे, क्योंकि कैरिबू (जिसे वे खाते थे) मॉस और लाइकेन खाते थे, जिनमें रेडिएशन जमा था.

1961 तक यह मामला मीडिया में छा गया और अमेरिका में पहली बार बड़े पैमाने पर एनवायरनमेंटल मूवमेंट खड़ा हो गया. इसी बीच AEC ने न्यू मैक्सिको में ‘प्रोजेक्ट ग्नोम’ किया, जिसमें ब्लास्ट पूरी तरह कंटेन करने की कोशिश नाकाम रही. रेडिएशन फैलने से लोगों और जानवरों को हटाना पड़ा और महीनों तक क्लीन फीड देना पड़ा. इससे प्रोजेक्ट चेयरियट के खिलाफ विरोध और भड़क गया.

1962 में AEC ने चुपचाप प्रोजेक्ट चेयरियट ड्रॉप कर दिया. करीब एक दशक बाद पूरा प्लोशेयर प्रोग्राम बंद हो गया. लेकिन न्यूक्लियर पावर को क्रिएटिव तरीके से इस्तेमाल करने का आइडिया आज भी कभी-कभी सामने आता है. एलन मस्क ने मंगल को रहने लायक बनाने के लिए थर्मोन्यूक्लियर ब्लास्ट का सुझाव दिया है, तो ट्रंप ने तूफानों को रोकने के लिए ‘न्यूक्स’ इस्तेमाल करने की बात की थी.

किश्तवाड़ के चशोती में बादल फटने से आई ऐसी तबाही, मलबों में दफ्न हो गईं जिंदगियां, अब तक 47 की मौत

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार को बड़ी तबाही आई. किश्तवाड़ के सुदूर पहाड़ी गांव चशोती में गुरुवार दोपहर बादल फटने से चीख-पुकार मच गई. किश्तवाड़ में उस जगह बादल फटा, जहां मचैल माता मंदिर जाने का रास्ता है. चशोती गांव में बादल फटने से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है. अभी मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है. मरने वालों में सीआईएसएफ के दो जवान भी शामिल हैं, जबकि कई अब भी फंसे हैं. मलबों से जिंदगियों को बचाने की कोशिश जारी है. गुरुवार को चशोती गांव में सूर्यास्त होने तक बचावकर्मियों ने कड़ी मेहनत से मलबे के ढेर से 167 लोगों को बाहर निकाला. इनमें से 38 की हालत गंभीर है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई और आशंका है कि यह और बढ़ सकती है.
दरअसल, किश्तवाड़ के मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते के चशोती गांव में यह आपदा दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच आई. हादसे के समय मचैल माता यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे. साढ़े नौ हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालु चशोती गांव तक वाहन से पहुंच सकते हैं, उसके बाद उन्हें 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है. कुछ लोगों का कहना है कि सैकड़ों यात्री उस वक्त उस गांव में मौजूद थे, जहां बादल फटा.
चशोती गांव किश्तवाड़ शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है. यहां श्रद्धालुओं के लिए लगाया गया एक लंगर (सामुदायिक रसोईघर) इस घटना से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ. बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई और दुकानों एवं एक सुरक्षा चौकी सहित कई इमारतें बह गईं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. शाह ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि बचाव कार्यों के लिए जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर से संसाधन जुटाए जा रहे हैं. फिलहाल श्री मचैल यात्रा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है. राहत और बचाव कार्य में दर्जनों टीमें लगी हुई हैं, लेकिन ऊबड़-खाबड़ इलाका और लगातार हो रही बारिश ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना रही है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.


क्यों प्रसिद्ध है माता मचैल मंदिर

Kishtwar Cloudburst Latest Updates: माता मचैल की पवित्र यात्रा में इस वर्ष न केवल जम्मू के श्रद्धालु शामिल हुए, बल्कि मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से भी भक्त मां के चमत्कारी दर्शन के लिए पहुंचे थे. पंजाब के जालंधर और मध्यप्रदेश के कुछ लोग भी इस घटना में लापता हैं. मचैल माता का यह अद्वितीय मंदिर भारत में एकमात्र ऐसा स्थान माना जाता है, जहां मां साक्षात् दर्शन देती हैं- किसी के लिए कंगन हिलाकर, किसी के लिए नथनी या घुंघरू हिलाकर. कई विशेषज्ञ इस रहस्य को जानने का प्रयास कर चुके, परंतु कोई भी इस दिव्य चमत्कार का रहस्य नहीं सुलझा पाया. साल में केवल डेढ़ से दो माह तक चलने वाली इस यात्रा का भक्त पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार करते हैं. 2025 की यात्रा सुखद चल रही थी, पर अचानक बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया. कई श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई, कई घायल हुए और कुछ लापता हैं. अब हर भक्त मां के चरणों में प्रार्थना कर रहा है कि सभी घायलों और लापता श्रद्धालुओं की रक्षा हो.

”CG: “कागज मिटाओ, अधिकार चुराओ. आदिवासियों के वन अधिकार पट्टे गायब करने पर राहुल गांधी का BJP पर हमला”

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के कम से कम तीन जिलों में वितरित हजारों वन अधिकार पट्टे गायब होने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने द हिंदू में प्रकाशित खबर को सोशल साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “कागज मिटाओ, अधिकार चुराओ” बहुजनों के दमन के लिए भाजपा ने यह नया हथियार बना लिया है.

उन्होंने कहा कि कहीं वोटर लिस्ट से दलितों, पिछड़ों के नाम कटा देते हैं, तो कहीं आदिवासियों के वन अधिकार पट्टों को ही गायब करवा देते हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बस्तर में 2,788 और राजनांदगांव में आधे से ज्यादा – छत्तीसगढ़ में इस तरह हज़ारों वन अधिकार पट्टों का रिकॉर्ड अचानक लापता कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए वन अधिकार अधिनियम बनाया – भाजपा उसे कमज़ोर कर उनका पहला हक छीन रही है. हम ऐसा नहीं होने देंगे – आदिवासी इस देश के पहले मालिक हैं और हम हर हाल में उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे.

छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में वन अधिकार पट्टे गायब

छत्तीसगढ़ के कम से कम तीन जिलों में वितरित हजारों वन अधिकार पट्टे पिछले 17 महीनों में राज्य सरकार के आदिवासी कल्याण विभाग के रिकॉर्ड से विभिन्न बिंदुओं पर गायब हो गए हैं. राज्य सरकार के अधिकारियों ने दावा किया कि पहले के उच्च आंकड़े “गलत सूचना और रिपोर्टिंग में त्रुटि” के कारण गलत थे, जिन्हें अब ठीक कर दिया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि उदाहरण के लिए, बस्तर जिले में, जनवरी 2024 तक व्यक्तिगत वन अधिकार (आईएफआर) अधिकारों की कुल संख्या 37,958 थी, जो मई 2025 तक घटकर 35,180 रह गई, जैसा कि आंकड़ों से पता चलता है.

राहुल गांधी का बीजेपी सरकार पर हमला इसी तरह, राजनांदगांव जिले में, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) अधिकारों की कुल संख्या पिछले साल एक महीने के भीतर आधी होकर 40 से 20 रह गई. बीजापुर जिले में, मार्च 2024 तक 299 सीएफआरआर अधिकार वितरित किए गए थे; अगले महीने तक यह घटकर 297 रह गए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नक्सलवाद मुक्त घोषित किए गए तीन जिलों में, एफआरए का कार्यान्वयन धीमा रहा है, यह डेटा दर्शाता है. बस्तर में, आईएफआर शीर्षकों की संख्या में 2,700 से अधिक की गिरावट आई थी, हालांकि जनवरी 2024 और मई 2025 के बीच 12 और सीएफआरआर शीर्षक जोड़े गए थे.

दंतेवाड़ा में, सीएफआरआर शीर्षकों में कोई वृद्धि नहीं हुई, जबकि 55 आईएफआर शीर्षकों की शुद्ध वृद्धि हुई थी. मोहला-मानपुर जिले में, कोई नया आईएफआर शीर्षक वितरित नहीं किया गया, जबकि उसी समयावधि में दो सीएफआरआर शीर्षक जोड़े गए. बस्तर जिले में, आईएफआर दावे भी मई 2025 तक लगभग 3,000 कम हो गए, जबकि जनवरी 2024 तक 51,303 दावे दायर किए गए थे.