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“Typhoon Kalmaegi: तूफान कालमेगी से फिलिपींस में तबाही! 241 मौतों के बाद राष्ट्रपति ने आपातकाल किया घोषित”

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फिलीपींस में तूफान ‘कालमेगी’ के कारण देश के मध्य प्रांतों में कम से कम 241 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा कई लोग लापता हो गए. इस बीच फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने गुरुवार (6 नवंबर 2025) को आपातकाल की घोषणा कर दी.

यह इस साल फिलिपींस में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा है. तूफान कालमेगी के कारण ज्यादातर लोगों की मौत अचानक आई बाढ़ में डूबने से हुई, जबकि 127 लोग लापता हैं. इनमें से अधिकतर मध्य प्रांत सेबू के निवासी हैं. यह प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.

कालमेगी एक ट्ऱॉपिकल चक्रवात तूफान है, जो बुधवार (5 नवंबर 2025) को द्वीपसमूह से गुजरने के बाद दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ गया. तूफान के प्रकोप से लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए, जबकि 5.6 लाख से अधिक ग्रामीण विस्थापित हो गए, इनमें से लगभग 4.5 लाख लोगों को आपातकालीन आश्रयों में शरण लेनी पड़ी. राष्ट्रपति मार्कोस ने यह आपातकालीन घोषणा आपदा प्रतिक्रिया अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान की, जिसमें तूफान के बाद की स्थिति का आकलन किया गया. इस घोषणा से सरकार को आपात राहत कोष को तेजी से जारी करने, खाद्यान्न की जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

सेबू में सबसे अधिक तबाही, गांव पानी में डूबे

सेबू प्रांत तूफान से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका बताया जा रहा है. कई गांवों में बिजली और संचार पूरी तरह ठप हो गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोग अभी भी अपने घरों की छतों पर फंसे हैं और बचाव टीमों के इंतजार में हैं. मौसम विभाग ने बताया कि कालमेगी ने तटीय इलाकों में 200 किमी/घंटा तक की रफ्तार से दस्तक दी, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया. तूफान के गुजरने के बाद भी लगातार तेज हवाएं और भारी बारिश जारी हैं, जिससे बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं.

“‘सारी गरीबी दूर हो गई’, सब्जी बेचने वाले के हाथ आए 11 करोड़ रुपये; इस तरह रातोंरात पलटी किस्मत”

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किस्मत कब किसकी पलट जाए इस बारे में कोई नहीं बता सकता. इंसान के हाथ सिर्फ मेहनत करना है. आज हम आपको अमित सेहरा नाम के एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी किस्मत भी रातोंरात पलट गई. अमित राजस्थान के कोटपुतली शहर से हैं और पेशे से सब्जी विक्रेता है.

अमित ने पंजाब राज्य लॉटरी के दिवाली बंपर 2025 ड्रॉ में 11 करोड़ रुपये का इनाम जीता.

दोस्त से उधार लेकर खरीदा टिकट

32 साल के अमित सेहरा सब्जी बेचने के लिए एक छोटा सा ठेला लगाते हैं. लॉटरी में 1,000 रुपये के दो टिकट खरीदने के लिए अमित ने पंजाब के मोगा में एक दोस्त से पैसे उधार लिए. उन्होंने एक टिकट अपने लिए ली और दूसरी टिकट अपनी पत्नी के लिए ली, जिसकी कीमत .1,000 रुपये थी. यही टिकट करोड़ों का निकला. बठिंडा में सिर्फ 500 रुपये में खरीदे गए इस टिकट ने उन्हें करोड़पति बना दिया.

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अमित ने कहा, “मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकता. मैं पंजाब सरकार और लॉटरी एजेंसी का शुक्रिया अदा करता हूं. आज मेरा सारा दुख दूर हो गया.” उन्होंने आगे कहा कि वह भगवान हनुमान के भक्त हैं. लॉटरी में जीती हुई रकम में से अमित अपने दोस्त की दोनों बेटियों को 50-50 लाख रुपये भेंट स्वरूप देगा. उन्होंने कहा, मैंने अपनी मां को खोया है इसलिए मैं बेटियों का दर्द समझता हूं. बाकी पैसे मेरे बच्चों की शिक्षा और घर बनाने में खर्च होंगे.”

प्रदेश के कई जिलों में लुढ़केगा पारा, जल्द होगा भीषण ठंड से सामना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम को ठंड का एहसास होना शुरू हो गया है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई अन्य जिलों में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। दिन भर धूप पड़ने के बाद शाम होते ही मौसम में ठंडक आ रही है और तापमान में भी गिरावट हो रही है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में सुबह घना कोहरा छा रहा है। बुधवार को सुबह भी राजधानी रायपुर में ठंड का एहसास हुआ। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि, आने वाले दिनों में तापमान में और कमी आएगी, जिससे ठंड बढ़ेगी।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, सरगुजा और कोरबा समेत प्रदेश के कुछ जिलों में आज तापमान में गिरावट होगी। इतना ही नहीं प्रदेश के कई जिलों में आज तेज हवा भी चलेगी।वहींलोगों को अब ठिठुरन महसूस होना शुरू हो गया है। लोग गरम कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की बात कही है।

मौसम विभाग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि, प्रदेश में चक्रवाती तूफ़ान “मोंथा” का असर भले ही खत्म हो गया है, लेकिन फिर भी प्रदेश में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने कहा कि, प्रदेश में अब ठंड बढ़ने वाली है। ऐसे में लोग अपने साथ गर्म कपड़े और बारिश से बचने के उपाय करके ही घर के बाहर निकले।

Zubeen Garg: जुबिन गर्ग की मौत का सनसनीखेज सच! CID जांच में खुला जहर और हत्या की खौफनाक षड्यंत्र…

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असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत अब रहस्य नहीं रही। सिंगापुर में 19 सितंबर को हुई उनके निधन को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब एसआईटी ने अपनी जांच में दिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजना बना कर की गई हत्या थी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बात की पुष्टि खुद की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन सभी के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है।

एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आया है कि जुबिन की मौत के पीछे साजिश थी। उनके नजदीकी सहयोगी शेखर ज्योति गोस्वामी के मुताबिक जैसे ही जुबिन पानी में उतरे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने तैरने की कोशिश की लेकिन एक ट्यूब तक नहीं पहुँच सके और पानी में बेहोश हो गए। जब मदद के लिए लोग दौड़े, तो सिद्धार्थ शर्मा ने कह कि जाबो दे, जाबो दे यानी उन्हें जाने दो। शेखर ने आरोप लगाया कि जुबिन को पहले से जहर दिया गया था और इसलिए उन्हें सिंगापुर बुलाया गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि 8 दिसंबर तक इस मामले में हत्या की चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। हालांकि एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सही समय पर रिपोर्ट जारी की जाएगी ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।

जांच में शामिल सीआईडी ने सभी आरोपियों के मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। इनमें वह मोबाइल भी शामिल है जिसमें जुबिन की तैराकी का आखिरी वीडियो रिकॉर्ड हुआ था। साथ ही, सीआईडी यॉट पर हुई घटनाओं के और वीडियो की भी तलाश कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि इस केस की जांच के लिए अब सीआईडी सिंगापुर नहीं जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि नॉर्थ ईस्ट इंडिया कल्चरल फेस्टिवल के आयोजक श्याम कानू महंता का नाम जुड़ा है। आरोप है कि पैसों के विवाद के कारण जुबिन को सिंगापुर बुलाया गया और फिर उनकी मौत को हादसा दिखाने की कोशिश की गई। अब तक सीआईडी ने इस मामले में जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, आयोजक श्याम कानू महंता, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी और गायक अमृत प्रीतम को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

Raipur Air Show: रायपुर में सूर्यकिरण टीम का तूफानी प्रदर्शन, आसमान में दिखा तिरंगा, उमड़ा जनसैलाब…

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रायपुर: राजधानी रायपुर के नवा रायपुर में बुधवार को सूर्य किरण एयरो बोटिक डिस्प्ले का आयोजन हुआ। एयरोबेटिक टीम ने आसमान में रोमांचक करतब दिखाए। हजारों लोग इसे देखने पहुंचे।

आपकों बता दें कि ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व किया, जबकि स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, टीम का हिस्सा रहे। गौरव ने कहा कि यह शो उनके लिए बेहद खास रहा। वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने कमेंट्री की जिम्मेदारी संभाली और दर्शकों को हर करतब की जानकारी दी।

Suryakiran Show वायु सेना के जाबाजों ने अद्भुत करतब

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, डिप्टी CM विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, लक्ष्मी रजवाड़े, टंकराम वर्मा, राजेश अग्रवाल, BJP अध्यक्ष किरणदेव और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा वायु सेना के जाबाजों ने अद्भुत करतब दिखाई। हर पल रोमांच से भर देना वाला था।। हम वायुसेना को सैल्यूट करते है। हमारे लिए और गर्व की बात रही इस टीम में छत्तीसगढ़ का बेटा गौरव पटेल भी शामिल रहा।

महादेव घाट में ‘कार्तिक पुन्नी मेला’ की धूम.. बड़ी संख्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़…

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रायपुर: राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित पुन्नी मेले में आज सुबह से भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। खारुन नदी में चल रही रंगबिरंगी नावें आकर्षण का केंद्र बनी हुआ हैं। यह मेला 100 साल से अधिक पुराना ऐतिहासिक मेला है, जो हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है।

आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के दिन तड़के खारुन नदी में स्नान कर हाटकेश्वर महादेव का दर्शन करते हैं। बताया जाता है कि प्राचीन हटकेश्वर मंदिर का निर्माण वर्ष 1928 में करचूली शासन के समय हुआ था। यह मंदिर और मेला छत्तीसगढ़ की बड़ी आस्था का केंद्र माना जाता है।

मेले के दौरान नदी में बने लक्ष्मण झूले को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कारणों से लक्ष्मण झूले को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह पुन्नी मेला तीन दिन तक चलेगा और इसमें श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहने की संभावना है।

राजनांदगांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल हुए उपराष्ट्रपति, मंच से की छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ, नक्सलवाद को लेकर कही ये बड़ी बात…

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में “लखपति दीदी सम्मेलन” में भाग लिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने ‘लखपति दीदी’ पहल की सराहना की तथा इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं – दीदियों – के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश भर में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह इस बात को दर्शा रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन को बदल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन महिलाओं की उपलब्धियां देश की उन बहनों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करती हैं, जो ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं। सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है – एक ऐसा आंदोलन, जिसकी छत्तीसगढ़ में स्पष्ट अभिव्यक्ति हुई है।

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ एवं पूरे देश में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ पहल को एक ऐसा जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देश भर में दो करोड़ से अधिक महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पांच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं आय-सृजन की गतिविधियों के जरिए वित्तीय आजादी हासिल करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिससे 9,663 स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है और 700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान योजना के तहत राज्य द्वारा 20 किश्तों में कुल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे हस्तांतरण ने महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है।

सी.पी. राधाकृष्णन ने महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में राजनांदगांव की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि 1,000 से अधिक महिलाएं स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी बसता है, जहां नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन भागीदारी, पारदर्शिता और स्थानीय सशक्तिकरण को सुनिश्चित करके लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाओं को केवल घर तक ही सीमित रहना चाहिए। आज, वे प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक आजादी हासिल कर रही हैं और भावी नेताओं को प्रेरित कर रही हैं। उपराष्ट्रपति ने सरकारी सहायता से सभी बाधाओं पर विजय पाने के लिए लखपति दीदियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि वे शीघ्र ही करोड़पति दीदी बन जायेंगी। छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इस राज्य को पानी, बिजली और विकास के अभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज यह राज्य पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और इसने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।

उन्होंने इस क्षेत्र से नक्सल समस्या को समाप्त करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दिया। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें प्रभावी ढंग से इन लक्ष्यों को हासिल करने में लगी हैं, जिससे नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है। हाल ही में विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का उल्लेख करते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक परिवर्तन के साथ एक प्रेरक तुलना की। उन्होंने उनके साहस, दृढ़ता और राष्ट्र की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की। सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात का भी स्मरण किया कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ तथा उन्होंने एक सांसद के रूप में इस विधेयक का समर्थन करने पर गर्व व्यक्त किया। अपने संबोधन का समापन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव सशक्तिकरण, लोकतंत्र और संस्कृति के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति ने की इन रचनात्मक पहलों की सराहना

राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के समक्ष महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे। सी. पी. राधाकृष्णन ने इन रचनात्मक पहलों के जरिए जन कल्याण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सामुदायिक विकास में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की। सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनांदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पांच-मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और तपेदिक से निपटने एवं वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने मोतियाबिंद-मुक्त भारत की दिशा में हुई राष्ट्रीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देशभर में स्वास्थ्य सेवा की सुलभता के मामले में व्यापक बदलाव ला रही हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।

विश्वविजेता भारतीय टीम की फिजियोथैरेपिस्ट थी छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा, 10 लाख रुपए देगी छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम साय ने किया ऐलान…

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय पर देशवासियों को बधाई और शुभ कामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने विश्व पटल पर देश का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अतुलनीय योगदान देकर न केवल भारतीय टीम को सशक्त बनाया है, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उज्ज्वल किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने समर्पण, सेवा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में देश का गौरव बन सकती हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करते हुए राज्य सरकार द्वारा ₹10 लाख की सम्मान राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी की यह सफलता छत्तीसगढ़ की सभी बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। यह उनकी मेहनत, निष्ठा और संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ से और भी ऐसी प्रतिभाएँ निकलें जो देश का नाम विश्व में रोशन करें।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने नवनिर्मित स्वर्गीय जुगल किशोर जी सारडा स्मृति उदयाचल मल्टीस्पेशियलिटी आई केयर एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट राजनांदगांव का किया शुभारंभ…

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– उपराष्ट्रपति ने उदयाचल मल्टीस्पेशियलिटी आई केयर इंस्टीट्यूट का किया अवलोकन
– उपराष्ट्रपति ने मरीजों को सहायक उपकरण वितरण कर बेहतर स्वास्थ्य के लिए दी शुभकामनाएं

राजनांदगांव। भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज नवनिर्मित स्वर्गीय जुगल किशोर जी सारडा स्मृति उदयाचल मल्टीस्पेशियलिटी आई केयर एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट राजनांदगांव का शुभारंभ किया। इस दौरान राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने उदयाचल मल्टीस्पेशयलिटी आई केयर इंस्टीट्यूट का अवलोकन किया। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने मरीजों को सहायक उपकरण वितरण कर बेहतर स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना, उदयाचल संस्था के पदाधिकारी श्री अशोक मोदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं उदयाचल के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि उदयाचल संस्था द्वारा उदयाचल चिकित्सालय में धर्मार्थ दर पर नेत्र विभाग में 300, फिजियोथेरेपी में 60 से 80, दंत विभाग में 30, स्क्रीन एवं होम्योपैथी विभाग सहित प्रतिदिन लगभग 400 ओपीडी होती है। संस्था द्वारा 3000 कुपोषित बच्चे एवं 2400 गर्भवती महिलाओं को छुईखदान, गंडई, सिंघोला में अतिरिक्त पोषण आहार देकर सुपोषित किया गया। कोविड-19 संक्रमण के समय कोविड आईसोलेशन सेंटर और वेक्सिनेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। एक युद्ध टीबी के विरूद्ध मिशन में लगभग 1000 टीबी साधकों को अतिरिक्त आहार देकर सुपोषित किया गया। संस्था द्वारा जरूरतमंद मरीजों का नि:शुल्क आपरेशन किया जाता है, जिसमें मरीज और सहयोगी के रूकने, भोजन, दवाई, चश्मा तथा डिस्चार्ज के समय एक चादर, थाली, ग्लास भेंट किया जाता है। संस्था में 9 लाख 17 हजार 62 से अधिक मरीजों का नेत्र जांच की गई है। इसी तरह 90 हजार 132 मरीजों का आपरेशन किया गया है। फिजियोथैरिपी के 2 लाख 12 हजार 599, डेंटल के 23 हजार 441 तथा होम्योपैथिक के 39 हजार 242 मरीजों का ईलाज किया गया है। इसके साथ ही समय-समय पर नेत्र शिविर लगाकर मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाता है।

लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल :  उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन

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– उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन लखपति दीदी सम्मेलन में हुए शामिल
– उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन द्वारा महतारी वंदन योजना एवं नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से किया अंतरित
– लखपति दीदी संकल्प लेकर चुनौती को अवसर में बदल रही

राजनांदगांव । उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन आज स्टेट हाई स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने महतारी वंदन योजना के तहत माह नवम्बर 2025 में 21वीं किश्त के रूप में प्रदेश के 69 लाख 07 हजार 615 महिला हितग्राहियों को बटन दबाकर 646 करोड़ 52 लाख 10 हजार रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित की। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने नियद नेल्लानार योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 7 हजार 658 हितग्राहियों को 76 लाख 26 हजार 500 रूपए की राशि उनके खाते में अंतरित किया। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने कुल 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन एवं अतिथियों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने एलआरएम की लखपति दीदीयों से चर्चा की एवं उनके लखपति दीदी बनने तथा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण के अनुभवों को जाना।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत माता के चरणों को प्रणाम करता हूं, जो दयालु और कृपालु है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि जम्मो भाई-बहिनी मन ला जय जोहार। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की स्थापना के 25 वर्षों का आनंद उत्सव मना रहे हैं। छत्तीसगढ़ एक ऊर्जावान, विकासशील एवं विकसित राज्य है। छत्तीसगढ़ बढ़ रहा है, वैसे ही मैं भी बढ़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना के प्रारंभिक वर्ष में पानी, बिजली एवं अधोसंरचना की कमी थी। आज छत्तीसगढ़ एक बिजली उत्पादक राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है और उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में वृद्धि हुई है। उदयाचल संस्थान ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है एवं संस्थान के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में मोतियाबिंद से मुक्त कराने के लिए तथा नेत्र रोग की चिकित्सा के लिए 130 लाख से भी अधिक आपरेशन किए गए है तथा 19 लाख चश्में का वितरण किया गया है। अथक प्रयासों से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुजुर्ग मोतियाबिंद की बीमारी से मुक्त हो रहे हैं। प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि एवं प्रयासों से आयुष्मान आरोग्य योजना स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी का यह उत्सव महिला स्वसहायता समूह की आत्मनिर्भरता का प्रमाण है और हमारी लखपति दीदी जो संकल्प लेकर चुनौती को अवसर में बदल रही हैं। लखपति दीदी केवल आय का प्रतीक नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति ने प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंद महिलाओं को लखपति दीदी के तौर पर अग्रसर करने तथा सक्षम बनाने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लगभग 5 लाख लखपति दीदी को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राजनांदगांव जिला प्रशासन की ओर से एक लाख से अधिक महिलाओं को स्वसहायता समूह बिहान से जोड़ा गया है। राजनांदगांव माँ बम्लेश्वरी देवी का धाम है, जो महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल है। यहां महिलाओं की विकास गाथाओं के दृष्टिकोण से राजनांदगांव जिला एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी के साहस, परिश्रम एवं दृढ़ निश्चय की प्रशंसा करता हूं। वे रूकेगीं नहीं और लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनेगी। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में सशक्त महिलाएं है, जो आर्थिक एवं राजनीतिक दृष्टि से परचम लहरा रही है। यहां पंच, सरपंच विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही है। महिलाएं न केवल घर का नेतृत्व कर रही है, बल्कि प्रशासन में कार्य कर रही है तथा राजनीतिक परिवर्तन के साथ ही भविष्य के नेतृत्वकर्ता को प्रेरणा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दृष्टि एवं गृह मंत्री के दृढ़ निश्चय से तथा सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे की ओर है। नक्सलवादियों ने अनाज के वितरण कैसा हो के संबंध में कहा लेकिन अनाज को उपजाने के बारे में बात नहीं की। प्रधानमंत्री जनसामान्य के जीवन को उन्नत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आपके परिश्रम, दृढ़ निश्चय से 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत बनेगा और विश्व में पहले स्थान प्राप्त करेंगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत सभी हितग्राही महिलाओं को राशि हस्तांतरित करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत तस्वीर : राज्यपाल श्री रामेन डेका

राज्यपाल श्री रामेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत तस्वीर है। यहां उपस्थित हर दीदी इस बात की मिसाल है कि जब संकल्प और सामूहिक प्रयास जुड़ते है तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहता वह हकीकत बन जाता है। चाहे वह बलरामपुर हो, बस्तर, बिलासपुर या राजनांदगांव हर जगह महिलाओं की सशक्त उपस्थिति से गर्व की अनुभूति हुई। बस्तर क्षेत्र में महिलाओं द्वारा वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाने का और बलरामपुर में महिला स्वसहायता समूहों ने बाड़ी विकास और स्थानीय उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय कार्य किया है, वहीं कोण्डागांव में वनोपज, बाड़ी विकास, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से अपनी आय बढ़ा रही हैं। राजनांदगांव जिले में भी लगभग 40 हजार लखपति दीदियां बनी है। जिसमें से 208 दीदियां सालाना 5 लाख रूपए से अधिक एवं 26 दीदियां सालाना 10 लाख रूपए से अधिक का व्यवसाय कर रही हैं। लखपति दीदियां केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी बदलाव ला रही हैं।

छत्तीसगढ़ की माता और बहनों को लखपति दीदी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

लखपति दीदी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए सौभाग्य का दिन है कि देश के उपराष्ट्रपति जी छत्तीसगढ़ राज्य के रजत महोत्सव के अवसर पर आए हैं। इससे पहले स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को देश के प्रधानमंत्री ने पूरा समय छत्तीसगढ़वासियों को दिया और अनेक सौगातें दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पिछड़े प्रदेशों के रूप में थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास के लिए कार्य करते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को स्थापित किया और चाऊर वाले बाबा के रूप में पहचान बनाई। राज्य निर्माण के बाद 15 वर्ष के कार्यकाल में बिजली, पानी,सड़क, शिक्षा,स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार बनने के विगत 22 माह में सरकार ने विकास के कार्यों को आगे बढ़ाया है। सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, किसानों से किए गए वादा को पूरा करते हुए 3100 रूपए प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य, दो माह का बकाया बोनस की राशि देने का कार्य  किया। तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए प्रति मानक बोरा की राशि को 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया गया और चरण पादुका का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना के तहत 30 हजार से अधिक भक्तों को अयोध्या में श्रीराम का दर्शन कराया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई उद्योग नीति से रोजगार मिलने और निवेश होने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 लाख 82 हजार लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। अभी तक 4 लाख 93 हजार बन चुके हैं। आने वाले समय में प्रदेश 14 लाख 77 हजार लखपति दीदी बनाये जाएंगे। जिनका चिन्हांकन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव के अंजोरा में हर्बल उत्पाद से महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का जिक्र करते हुए अपने गृह जिला जशपुर में भी लखपति दीदी बनाने और इस दिशा में आगे किए जा रहे प्रयासों को बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और आने वाले समय में सभी माताओं-बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने महतारी वंदन योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि खाते में देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों की मेहनत से बस्तर भी अब विकास से जुड़ रहा है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक इलाकों में बिजली-पानी और सड़क सहित अन्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि उद्योग नीति के माध्यम से नये निवेश को प्रोत्साहन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा बेस, सेमीकंडक्टर निर्माण का कार्य भी जारी है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत संकल्प को पूरा करने की दिशा में भी छत्तीसगढ़ की सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव एवं लखपति दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने की कामना की।

विकास कार्यों से बढ़ रही है राज्य की पहचान : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में लखपति दीदियों का सम्मेलन छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और विकास की राह में आगे बढ़ाने की दिशा में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरवान्वित होने वाला दिन है क्योंकि  देश के उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री राजनांदगांव में लखपति दीदियों के काम को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव मना रहे हैं, यह ऐतिहासिक क्षण है। विगत 25 वर्षों में हमारे राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का कार्य किया है और अंतिम छोर तक के गाँव और व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुंची है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना के साथ राज्य की पहचान बढ़ी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जिले में लखपति दीदी को आगे बढ़ाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं जिला पंचायत सीईओ के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने सम्मेलन को नारी शक्ति की पहचान और महिलाओं के आत्मनिर्भरता की मिसाल बताया। इसके साथ ही डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले में विकास के कार्य तेजी से होने, पीएम आवास निर्माण में राज्य में अव्वल होने, शिशु मृत्यु दर-मातृ मृत्यु दर, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई तथा जल संरक्षण की दिशा में भी उत्कृष्ट कार्य होने की बात कही।

महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री खूबचंद पारख, श्री सचिन बघेल, श्री दिनेश गांधी, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री अशोक चौधरी, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद,संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता  शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।